जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा ने प्रस्तुत की नगरीय विकास योजनाओं की उपलब्धियां एवं प्रगति रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की गई।


पांढुर्णा,
आज की बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के द्वारा प्रेजेंटेशन सभाकक्ष में संपन्न की गई। जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) पांढुर्णा द्वारा जिले के नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम), दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना तथा ई-नगर पालिका 2.0 जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत पांढुर्णा जिले में अब तक 6,112 स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हुए हैं। इनमें प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया गया है। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी, डिजिटल भुगतान पर कैशबैक तथा पात्र हितग्राहियों को यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत जिले में स्व-सहायता समूहों के गठन, महिला सशक्तिकरण, नियमित बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सतत कार्य किया जा रहा है। समान आर्थिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि वाले 10 से 20 सदस्यों के समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत पांढुर्णा एवं सौंसर में 1 सितंबर 2023 से स्थायी रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र में प्रतिदिन लगभग 250 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत अब तक नगरपालिका परिषद पांढुर्णा में 2,08,057 तथा नगरपालिका परिषद सौंसर में 2,05,190 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। समय-समय पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा रसोई केंद्रों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाती है।

प्रस्तुतीकरण में ई-नगर पालिका 2.0 की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, संपत्ति कर, जलकर, भवन निर्माण अनुमति, ट्रेड लाइसेंस, शिकायत निवारण, पानी के टैंकर, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित 17 से अधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिले में पोर्टल पर 33,173 संपत्ति कर प्रविष्टियां, 16,948 जलकर रिकॉर्ड, 110 ट्रेड लाइसेंस तथा 74 विवाह पंजीयन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं।

जिला शहरी विकास अभिकरण ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से शहरी गरीबों, स्व-सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडरों एवं आम नागरिकों को आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा डिजिटल सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर नागरिकों को पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला शहरी विकास अभिकरण और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पांढुरना जिले में महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन DAY-NULM के तहत स्व सहायता समूह SHG को जिले में महिला उत्थान का मुख्य आधार बनाया गया है।

जिले में अब तक 385 स्व सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनमें से 217 समूहों को समूह गठन के 6 माह बाद 1 लाख से 5 लाख तक का CCL ऋण प्रदान किया गया है। साथ ही 10 SHG मिलाकर ALF समूह बनाने की पहल भी शुरू हुई है, जिसके तहत 09 ALF गठित कर 50 हजार रुपये की ऋण राशि दी गई है।

SHG की विशेषता है 10-20 समान विचारधारा वाली महिलाएं मिलकर नियमित बचत करती हैं और आंतरिक ऋण लेती हैं। इससे महिलाओं में बचत की आदत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। SHG की महिलाएं मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी पोषण आहार और अमृत हरित महाअभियान जैसे कार्यों में भी संलग्न हैं।

सामाजिक न्याय विभाग के अनुसार 10 जुलाई 2026 तक जिले में 25,706 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन 5193, विधवा पेंशन 2136, मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन 8412 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन 1606 हितग्राही शामिल हैं। सभी पात्रों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत केंद्र सरकार 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता दे रही है। जिले में PMAY(U) 1.0 में 8288 और 2.0 में 667 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। योजना में महिलाओं के नाम पर आवास को प्राथमिकता दी जा रही है।

असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2.0 के तहत सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख और अंत्येष्टि सहायता 5 हजार रुपये दी जा रही है। अब तक 517 सामान्य मृत्यु, 34 दुर्घटना मृत्यु, 03 आंशिक दिव्यांगता और 1107 अंत्येष्टि प्रकरणों में सहायता प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का शुभारंभ

नशामुक्ति की दिलाई शपथ, जनजागरूकता रैली निकालकर दिया स्वस्थ समाज का संदेश

पांढुर्णा,
मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी विशेष अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के अंतर्गत बुधवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में नशामुक्ति विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शहनाज खान के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं एनटीएफ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. शहनाज खान ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और खुशहाली को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नशे से दूर रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा एवं परिवार के विकास में किया जाए तो समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके उपरांत महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने “जन-जन का यही है नारा, नशा मुक्त हो देश-प्रदेश हमारा” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।

इस अवसर पर डॉ. हर्षलता सोनटक्के, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. ललिता धुर्वे, प्रो. रामपाल कुमारे, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रो. गणेश कुमार तुमडाम, श्रीमती कीर्ति सलामे, एनटीएफ प्रभारी डॉ. एल.एल. राऊत, प्रो. पंजाब सिंह, प्रो. शीतल गुजरे, प्रो. पवन कुमार कोडापे, डॉ. नंदकिशोर पवार, डॉ. किशोर पराड़कर, डॉ. दीपचंद भावरकर, डॉ. प्रजेंद्र रघुवंशी, डॉ. ए. मंसूरी, डॉ. श्रेयांश परसाई, श्री भोजराज कराले, श्री राधेश्याम बुवाडे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्राओं हर्षाली भद्रे, निधि साहू, पूनम गोहिते, चेतना बालपांडे, रेशमा बोरिवार, नंदिनी गोरे, साक्षी भादे तथा विद्यार्थियों पवन उईके, मनीष परतेती, विपिन धुर्वे सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग रहा।

Read more

मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश

14 बिंदुओं पर किसानों ने रखा पक्ष, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं नियमित समीक्षा के दिए निर्देश

पांढुर्णा,
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं एवं मांगों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वास, मुआवजा, सड़क एवं पुल निर्माण सहित विभिन्न लंबित मामलों से संबंधित ज्ञापन प्रस्तुत कर समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर , एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में किसानों ने वर्ष 2023 से लंबित मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प शुल्क) का लाभ दिलाने, सरखीखापा-नांदेवानी मार्ग पर दो हाई लेवल पुलों के निर्माण, भुम्मा-घोड़कीडाना एवं भुम्मा-मुंगोनापार सड़क निर्माण, मोहगांव जलाशय के 66 किसानों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण वापस लेने, भूमि अर्जन मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच, एक ही परियोजना में दो अलग-अलग अवार्ड की जांच, मुंगोनापार एवं नांदेवानी के सर्वेक्षण संबंधी प्रकरणों की जांच, नए भूमि अर्जन अधिनियम-2013 के अंतर्गत पात्र किसानों को लाभ, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को देय सहायता राशि, विस्थापित परिवारों को मासिक निर्वाह भत्ता, भूमि अर्जन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच तथा विशेष राहत पैकेज सहित कुल 14 बिंदुओं पर अपनी मांगें रखीं।

मुद्रांक शुल्क के संबंध में जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी एवं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जो लगभग एक वर्ष से शासन स्तर पर लंबित है। इस पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप कर अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराने तथा लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग एवं अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को मोहगांव जलाशय से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक सप्ताह प्रकरणवार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अपीलीय प्राधिकारी (RAA) सहित अन्य लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की नियमित जानकारी प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

पुनर्वास एवं अन्य लंबित प्रकरणों के संबंध में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राज्य शासन, पुनर्वास आयुक्त एवं एसडीएम स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार सभी देय अधिकार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी प्रकरणों का परीक्षण कर शासन के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के अंत में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि किसानों द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण करते हुए नियमित रूप से प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

गिरिराज बिल्डर की मनमानी से बढ़ा हादसे का खतरा, सड़क पर फैली मिट्टी से राहगीर परेशान

सौसर। सौसर-निमनी मार्ग पर गिरिराज बिल्डर द्वारा कथित रूप से की जा रही अवैध प्लॉटिंग के दौरान निकाली गई मिट्टी सड़क पर फैला दिए जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन स्कूली बसें, ऑटो और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं। सड़क पर फैली मिट्टी के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित बिल्डर द्वारा सड़क की सुरक्षा और आमजन की सुविधा की अनदेखी करते हुए मिट्टी सड़क पर छोड़ दी गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में संचालित अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर भी सख्ती से रोक लगाई जाए।

नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क से मिट्टी नहीं हटाई गई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो बरसात के मौसम में किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर और प्रशासन की लापरवाही पर होगी।

सौंसर में रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी


सौंसर तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को रोगी कल्याण समिति (रोकस) की बैठक एसडीएम सिद्धार्थ पटेल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विधायक श्री विजय रेवनाथ चौरे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इन्द्रचंद डागा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूते,ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के संस्थापक श्री श्यामराव धवले प्रमुखता से उपस्थित थे।

बैठक के शुरुआत में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन और उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी सदन के सामने रखी।

इसके बाद सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 39 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, अस्पताल की आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा आवश्यक संसाधनों में वृद्धि करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत अस्पताल परिसर से नागपुर-छिंदवाड़ा मुख्य मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार, मर्चुरी तक पेवर ब्लॉक बिछाने, एनबीएसयू विभाग में पार्टिशन निर्माण, डेंटल चेयर की मरम्मत तथा एक नई एक्स-रे मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कई आवश्यक कार्य किए जाएंगे।

इसके साथ ही सिविल अस्पताल की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए खिड़कियों में जाली एवं कांच लगाने, एक्स-रे फिल्म, एग्जॉस्ट फैन, सीलिंग फैन और चार्जिंग ट्यूबलाइट की खरीद के साथ-साथ सभी अग्निशामक यंत्रों की रिफिलिंग कराने तथा फायर एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई। सिविल अस्पताल परिसर में स्थित ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र में कांक्रीट कार्य कराया जाएगा और नगर पालिका के सहयोग से पेयजल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जिन विषयों और विकास कार्यों के लिए शासन स्तर की स्वीकृति अनिवार्य है, उनके विस्तृत प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार कर मध्य प्रदेश शासन को भेजे जाएंगे।

क्षेत्र के नागरिकों और मरीजों को एक बड़ी राहत देते हुए समिति ने नागपुर-छिंदवाड़ा रूट पर चलने वाली एंबुलेंस सेवा के किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है। इसके अलावा, समिति के कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए डॉ. संदीप नखाते को रोगी कल्याण समिति का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बैठक में पुराने अस्पताल परिसर स्थित कॉम्पलेक्स के किराएदारों के संबंध में भी एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया गया। अब इन सभी दुकानों का नए सिरे से किराया निर्धारण किया जाएगा और नया अनुबंध तैयार होगा। इस कार्य की जिम्मेदारी नगर पालिका सौंसर को सौंपी गई है, ताकि नई गाइडलाइन के अनुसार उचित किराया तय कर रोगी कल्याण समिति की आय में बढ़ोतरी की जा सके। वहीं, पीपला नारायण वार के जर्जर और जीर्ण-शीर्ण हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को पूरी तरह डिस्मेंटल कर उसके स्थान पर एक सर्वसुविधायुक्त नए भवन की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी।

इस बैठक में नगर पालिका सीएमओ श्री मौसम पालेवार सहित वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बिछवी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, ग्रामीणों का निःशुल्क परीक्षण और दवा वितरण

एनसीसी कैडेट्स और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, मौसमी बीमारियों से बचाव की दी जानकारी

सौसर विकासखंड के गोद ग्राम बिछवी में बुधवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर तर्कशील विचार समिति सौसर और शाऊमा विद्यालय रामाकोना की एनसीसी यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगाया गया।

शिविर का शुभारंभ सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाईत और बीएमओ डॉ. रुपेश बोकडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मीना ठाकरे ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और निःशुल्क दवाएं वितरित कीं।

शिविर में डॉक्टरों ने मौसमी बीमारियों और उनसे बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को घर के आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में प्राचार्य रत्नाकर भकने और महिला बाल विकास विभाग से पर्यवेक्षक यशंता पंद्रे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एनसीसी अधिकारी विश्वेश्वर रंगारे ने कैडेट्स की सहभागिता और तर्कशील समिति के सचिव पीकेएस गुर्वे ने गोद ग्राम में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। संचालन सुनील वाहने ने किया।

शिविर की सफलता में स्वास्थ्य विभाग से आराधना सोनी, शीला वाहने, आशा कार्यकर्ता कल्पना गुर्वे, सुमित्रा ढोने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी ढोने, सहायिका सुनीता तुमडाम, कोटवार अक्षय ढोने, युवा कार्यकर्ता कृणाल पातुरकर और एनसीसी कैडेट्स ने सहयोग किया।

जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने सुनीं आमजन की समस्याएं

20 आवेदनों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश।
पांढुर्णा

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 20 आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, प्रभावी एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खसरा क्रमांक 630/1 की कृषि भूमि में वर्षा के दौरान जलभराव होने तथा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग पर अवैध अवरोध हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने संबंधी आवेदन प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त हल्का पटवारी द्वारा अधूरा सीमांकन किए जाने एवं एक रकबे का सीमांकन शेष रहने पर उचित कार्रवाई, मुंडीढाना से ग्राम टेकाढाना तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण, वन विभाग द्वारा प्रदत्त पट्टे की भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने, आचार्य विद्यासागर गोवर्धन संवर्धन योजना के अंतर्गत चार वर्ष पूर्व स्वीकृत मार्जिन मनी सहायता राशि का भुगतान दिलाने तथा पैतृक मकान पर कथित अवैध कब्जा हटाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

इसी प्रकार ग्राम लोधीखेड़ा निवासी एक महिला के लापता होने के मामले में निष्पक्ष जांच कराने, सीमांकन आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने एवं संबंधित हल्का पटवारी की उदासीनता के संबंध में शिकायत, दिव्यांग होने के कारण आर्थिक एवं सामाजिक सहायता प्रदान करने, न्यायालय कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश के पालन में भूमि के रकबे का संशोधन कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने, दिवंगत पिता की कृषि भूमि में फौती नामांतरण कर आवेदक का नाम दर्ज कराने तथा ग्राम पंचायत सिराठा में सरपंच एवं सचिव द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने संबंधी आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।

जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में एक आवेदन में भोजन नहीं देने, घर से निकालने एवं मारपीट किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। वहीं डेकोरेशन, साउंड सर्विस एवं एलईडी वॉल उपलब्ध कराने के पश्चात लंबित भुगतान दिलाने, ग्राम मोरेडोंगरी में नाली निर्माण नहीं होने से उत्पन्न समस्या के समाधान तथा पुरानी नाली में मुरम, पत्थर एवं मिट्टी डालकर जल निकासी अवरुद्ध किए जाने के मामले में नाली खुलवाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए तथा किसी भी पात्र हितग्राही को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, पुलिस तथा अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति भलावे, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर आवेदकों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

विधायक स्वेच्छानुदान मामले की जांच तेज, सौंसर पहुंची EOW जबलपुर की टीम

सौसर

विधायक स्वेच्छानुदान राशि वितरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम मंगलवार को अचानक सौंसर पहुंची और नगर पालिका कार्यालय को जांच का केंद्र बनाते हुए संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, विधायक स्वेच्छानुदान राशि के आवंटन में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत EOW जबलपुर को प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर जांच टीम मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ हितग्राहियों एवं संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में वे व्यापारी और संस्थान भी शामिल हैं, जिनके बैंक खातों में स्वेच्छानुदान की राशि हस्तांतरित होने की जानकारी सामने आई है। टीम द्वारा संबंधित बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए विधायक के निजी सचिव (PA) सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की गई है तथा उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

फिलहाल EOW की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्र के दूषित पानी पर ग्राम पंचायत का बड़ा कदम, कलेक्टर और AKVN प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

सौंसर/बोरगांव। औद्योगिक क्षेत्र से निकल रहे दूषित अपशिष्ट जल की गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत बोरगांव ने जिला प्रशासन के समक्ष कड़ा रुख अपनाया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (AKVN) प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। पंचायत का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर पर्यावरण, भूजल और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।

ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला रासायनिक युक्त दूषित पानी एक निजी कंपनी के सामने एवं मुख्य मार्ग के किनारे लगातार जमा हो रहा है। इससे क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह दूषित पानी सार्वजनिक पेयजल स्रोतों और भूजल को भी प्रदूषित कर सकता है, जिससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होने की संभावना है।

ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, दूषित जल की स्थायी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

सरपंच पंकज दातारकर ने कहा कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पंचायत जनहित में आगे भी प्रशासनिक एवं वैधानिक स्तर पर आंदोलन और आवश्यक कार्रवाई करेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपसरपंच धनश्याम कालबांडे, पंच पुरुषोत्तम काकड़े, ज्ञानेश्वर ताजने, प्रफुल्ल देवतले, श्वेता पुरसेटकर, सविता हिंगवे, पंचायत सचिव कैलाश जिवतोडे सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

**ग्रामीणों की मांग है कि दूषित जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कर क्षेत्र के पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठाए।**

आबकारी विभाग की अवैध शराब के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

सौसर वृत्त के ग्राम देवी, बडोसा एवं सौसर में 04 प्रकरण दर्ज

पांढुर्णा/02 जुलाई 2026/
कलेक्टर पांढुर्णा श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में आज दिनांक 02 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर द्वारा ग्राम देवी, बडोसा एवं सौसर में विशेष दबिश देकर अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 04 प्रकरण दर्ज किए गए।

उक्त कार्रवाई में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।
संपूर्ण कार्रवाई के दौरान वृत्त प्रभारी कु. भारती गौंड एवं आबकारी स्टॉफ उपस्थित रहे।