अवैध आहातों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब पिलाने वाले 3 होटल/दुकान संचालकों पर केस दर्ज

पांढुर्णा, 18 जुलाई 2026 जिले में अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटल एवं दुकान संचालकों पर प्रकरण दर्ज किए हैं।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिलेभर में अवैध आहातों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर की टीम ने कम्पोजिट मदिरा दुकान सौसर-ए के आसपास सघन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर रहे लोगों को समझाइश देकर वहां से हटाया गया। वहीं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले तीन होटल एवं दुकान संचालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 36(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।

इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कु. भारती गोड, आबकारी आरक्षक जितेंद्र सिंह तथा उत्कर्ष ठाकरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध आहातों और शराब सेवन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान: पुलिस ने विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ


मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली दवाओं, दर्द निवारक दवाइयों और कफ सिरप के दुरुपयोग से दूर रहें तथा अपने साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि को शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के विकास में लगाया जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर पुलिस विभाग से श्रीमती आकांक्षा सहारे, श्रीमती संध्या रानी सक्सेना एवं श्री अभिलेश हिंगवे उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारी, समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम का संचालन श्री भोजराज कराले ने किया, जबकि प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने आभार व्यक्त किया।

15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की पहल से 13 वर्षीय हिमांशु को मिली नई जिंदगी

आरबीएसके के तहत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार

पांढुर्णा,
पांढुर्णा जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक 13 वर्षीय बालक को नई जिंदगी देने का काम किया है। ग्राम रायबासा निवासी हिमांशु धुर्वे, जो लंबे समय से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की गंभीर विकृति) से पीड़ित था, उसका सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हिमांशु का प्रारंभिक परीक्षण सिविल अस्पताल पांढुर्णा में किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा और एम्स नागपुर में विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। हालांकि, वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से यह संभव नहीं हो सका।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री तथा एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का ने भी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उपचार प्रक्रिया को गति दी।

कलेक्टर के निर्देशों पर आरबीएसके टीम ने हिमांशु को बैतूल के पाढर अस्पताल भेजा, जहां सभी आवश्यक जांच के बाद चेन्नई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई 2026 को हिमांशु की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

ऑपरेशन के बाद हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले सहयोग और बेहतर उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन प्रदान किया है।

यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।

सफलता की कहानी

पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के अथक प्रयास से हिमांशु को मिली नई जिंदगी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार

पांढुर्णा,

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विशेष प्रयासों से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की विकृति) से पीड़ित 13 वर्षीय हिमांशु धुर्वे का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन मिला है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती अल्का एक्का द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

ग्राम रायबासा, विकासखंड पांढुर्णा निवासी हिमांशु धुर्वे लंबे समय से रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक उपचार हेतु उसे सिविल अस्पताल पांढुर्णा में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश धाडसे को दिखाया गया, जहां से आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच कर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा के डीआईसी केंद्र भेजा गया। विशेषज्ञ परीक्षण के बाद मरीज को नेक्स्ट ओपिनियन के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया। वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से दिल्ली ले जाना संभव नहीं था।

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उपलब्ध मद से उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्देशों के पालन में आरबीएसके टीम द्वारा हिमांशु को पाढर अस्पताल, जिला बैतूल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की गई। इसके बाद वेल्लोर (चेन्नई) के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन की तिथि प्राप्त की गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को हिमांशु को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा सभी आवश्यक जांच सामान्य पाए जाने के बाद 8 जुलाई 2026 को डॉ. केनी डेविड द्वारा स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन का सफल ऑपरेशन किया गया।

वर्तमान में हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उपचार की सफलता पर उसके माता-पिता एवं परिजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले सहयोग एवं समुचित उपचार से उनके पुत्र को नया जीवन मिला है।

उर्वरक वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण, डबल लॉक केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

ई-विकास पोर्टल पर उर्वरक की शत-प्रतिशत उपलब्धता दर्ज करने के दिए निर्देश

पांढुर्णा
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने संयुक्त टीम के साथ पांढुर्णा एवं सौसर स्थित उर्वरक वितरण के डबल लॉक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि ने डबल लॉक केंद्रों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण तथा उपलब्ध उर्वरकों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल लॉक केंद्रों पर भौतिक रूप से उपलब्ध शत-प्रतिशत उर्वरक का विवरण ई-विकास पोर्टल पर समय पर एवं सही तरीके से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उपसंचालक कृषि ने कहा कि उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत निगरानी से किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना संभव होगा तथा विभागीय व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेंगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

समन्वित खेती किसानों के लिए वरदान, वर्षभर आय का प्रभावी मॉडल

उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन

पांढुर्णा,
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील कृषक डॉ. सुरेंद्र पन्नासे के कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि डॉ. सुरेंद्र पन्नासे अपने खेत में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उद्यानिकी फसलों जैसे संतरा, अमरूद, आम एवं सीताफल के साथ मक्का, अरहर, कपास सहित विभिन्न फसलों की समन्वित खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।

डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में जीवामृत यूनिट स्थापित की है, जिसका उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवामृत के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है। समन्वित खेती अपनाने से किसानों को वर्षभर आय प्राप्त होती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि समन्वित खेती में किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।

डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में सीताफल की विभिन्न किस्में, आम, अमरूद, मौसंबी, संतरा, अरहर, बरबटी, मक्का, चकोतरा, नींबू आदि की खेती की है। साथ ही जल संरक्षण के लिए खेत में तालाब का निर्माण कराया है, जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। कृषि के साथ पशुपालन से उन्हें दूध, गोबर एवं गोमूत्र भी प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खेती में किया जा रहा है।

उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे एकल फसल उत्पादन के बजाय समन्वित खेती अपनाएं, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो सके।भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विनोद लोखंडे तथा कृषि विस्तार अधिकारी श्री पंकज पराड़कर उपस्थित रहे।

समन्वित खेती किसानों के लिए वरदान, वर्षभर आय का प्रभावी मॉडल

उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन

पांढुर्णा,
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील कृषक डॉ. सुरेंद्र पन्नासे के कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि डॉ. सुरेंद्र पन्नासे अपने खेत में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उद्यानिकी फसलों जैसे संतरा, अमरूद, आम एवं सीताफल के साथ मक्का, अरहर, कपास सहित विभिन्न फसलों की समन्वित खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।

डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में जीवामृत यूनिट स्थापित की है, जिसका उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवामृत के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है। समन्वित खेती अपनाने से किसानों को वर्षभर आय प्राप्त होती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि समन्वित खेती में किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।

डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में सीताफल की विभिन्न किस्में, आम, अमरूद, मौसंबी, संतरा, अरहर, बरबटी, मक्का, चकोतरा, नींबू आदि की खेती की है। साथ ही जल संरक्षण के लिए खेत में तालाब का निर्माण कराया है, जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। कृषि के साथ पशुपालन से उन्हें दूध, गोबर एवं गोमूत्र भी प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खेती में किया जा रहा है।

उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे एकल फसल उत्पादन के बजाय समन्वित खेती अपनाएं, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो सके।भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विनोद लोखंडे तथा कृषि विस्तार अधिकारी श्री पंकज पराड़कर उपस्थित रहे।

एक पेड़ माँ के नाम अभिया  के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण

स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश

पांढुर्णा,

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक पेड़ माँ के नाम अभिया  के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण

स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश

पांढुर्णा,

मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक संपन्न

पेयजल, सड़क, जनकल्याणकारी योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर दिया विशेष जोर

जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के आदेश

पांढुर्णा
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में गुरुवार को कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, जनहितकारी कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर , संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।एसडीएम सौसर श्री सिद्धार्थ पटेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने आबादी भूमि से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जिले की पेयजल व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही शिव मत्स्य उद्योग सरकारी समिति के संबंध में भी जनपद पंचायत को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।

बैठक में लीड बैंक मैनेजर युवराज जिचकर को आचार्य विद्यासागर गोवर्धन की सर्वधन योजना की सहायता राशि स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए गए। एवं औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव स्थित नर्मदा दूधसागर प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण करने कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को निर्देश दिए गये

बैठक में ग्राम बड़चिचोली, मरकावाड़ा एवं कालापाठा में उत्पन्न पेयजल समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप, हैंडपंप एवं अन्य उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से निर्बाध एवं समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रम मानधन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जिले के अधिक से अधिक श्रमिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

खनि अधिकारी सुश्री यामिनी उइके एवं सहायक खनि अधिकारी श्री महेश नगपुरे को कन्हान नदी एवं बग्गू बिच्छू क्षेत्र में रेत उत्खनन से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। एवं उपयोगिता सहकारिता विभाग को निर्देश दिया गया है कि डी, पी आहूजा को किसान को लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जल गंगा संवर्धन एवं जनभागीदारी अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयासों को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समाधानपरक निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक में कार्यालय जनपद शिक्षण केंद्र में छत मरम्मत से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

बैठक में विभिन्न व्यक्तिगत एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। श्री बाबूलाल बंजारे, निवासी सौसर को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत आमला में पुलिया निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

वन ग्राम बालापुर से संबंधित खाद, बीज एवं नगद सहायता के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया।

इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग से संबंधित नवीन पुलिया निर्माण के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संबल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि उपलब्ध कराने से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर जितने भी लंबित प्रकरण हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में संबंधित विभाग प्रमुखों को लंबित प्रकरणों की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और प्रक्रियागत अड़चनों को तत्काल दूर करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई शासन की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें।

बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय समन्वय, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।