NCPCR’s Pan-India Rescue Campaign Rescues Over 3,800 Children; More Than 575 FIRs Registered

New Delhi, September 5, 2026: The National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR), a statutory body under the Ministry of Women and Child Development, has successfully rescued over 3,800 children and facilitated the registration of more than 575 FIRs during its special “Pan-India Rescue and Rehabilitation” Campaign aimed at combating child labour, trafficking and exploitation.

The campaign was launched on June 12, 2026, observed as the World Day Against Child Labour, and continued until August 31, 2026.As part of the nationwide drive, the NCPCR worked in coordination with State Governments and Union Territory Administrations, District Magistrates, Labour Departments, police authorities and other stakeholders to intensify the identification, rescue and rehabilitation of children engaged in child labour and those vulnerable to trafficking and exploitation.

The Commission issued communications to concerned authorities across the country, calling for intensified and targeted rescue operations at identified child labour and trafficking hotspots. States and UTs were also asked to regularly furnish detailed information on rescue operations, including the number of children rescued, FIRs registered, rehabilitation measures, restoration to families, educational mainstreaming, compensation and other follow-up actions.

Focus on rehabilitation and educational mainstreaming

The campaign went beyond rescue operations, with the NCPCR emphasising the need for sustained rehabilitation and protection of rescued children.

The Commission monitored the implementation of the campaign and held meetings with District Administrations to assess progress and address field-level challenges. These meetings focused on reviewing rescue operations, resolving operational bottlenecks, ensuring timely submission of Action Taken Reports (ATRs), and strengthening coordination among departments and agencies involved in child protection.

The coordinated approach was aimed at ensuring that rescued children were not only removed from exploitative situations but also provided appropriate rehabilitation, restoration and opportunities to return to education.

Awareness and public participation

The NCPCR also undertook awareness and outreach activities through social media and other communication platforms during the campaign. The initiatives sought to spread awareness about child labour, encourage reporting of cases and highlight the importance of rehabilitation and educational mainstreaming after rescue.

The Commission’s efforts also sought to reinforce the role of government agencies and other stakeholders in identifying children at risk and responding promptly to cases involving child labour, trafficking and exploitation.

Over 3,800 children rescued

With sustained monitoring and proactive coordination with State and district authorities, the NCPCR said that more than 3,800 children were rescued during the campaign. Over 575 FIRs were also registered in connection with cases identified during the drive.

The figures underline the scale of the coordinated enforcement effort undertaken across the country and the continuing focus on protecting children from labour, trafficking and exploitation.

The NCPCR’s campaign has also placed emphasis on ensuring that rescue is followed by effective rehabilitation, family restoration where appropriate, compensation and educational mainstreaming, so that children rescued from exploitative circumstances can return to a safe and secure environment.

ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखने के लिए एक वर्ष की अतिरिक्त मोहलत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस अवधि में भाषा संबंधी शर्त पूरी नहीं करने पर चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

यह निर्णय ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा के बाद लिया गया। हाजी अरफात के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मराठी सीखने की इच्छा जताई और अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय मांगा। यूनियनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार किसी की आजीविका छीनने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि चालकों को महाराष्ट्र की संस्कृति और मराठी भाषा के प्रति आत्मीयता रखते हुए एक वर्ष में मराठी में प्रभावी संवाद करना सीखना होगा। यह समयसीमा केवल भाषा संबंधी शर्त के लिए बढ़ाई गई है, कानूनी कार्रवाई से छूट के लिए नहीं।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

इस मामले में पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के समक्ष भी शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मराठी पढ़ने-लिखने की अनिवार्यता से हजारों चालकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में बेरोजगारी, आर्थिक कठिनाई तथा अधिकारियों की मनमानी की आशंका पैदा हो सकती है।

NHRC की श्री प्रियंक कानूनगो, माननीय सदस्य, की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए परिवहन आयुक्त, महाराष्ट्र सरकार को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर चार सप्ताह में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सरकार की एक वर्ष की मोहलत से चालकों को भाषा सीखने और आवश्यक शर्त पूरी करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

“भाषा सीखने का अवसर देना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन किसी भी भाषा संबंधी शर्त को लागू करते समय यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी मेहनतकश चालक की आजीविका प्रभावित न हो और उसके साथ कोई मनमानी या भेदभाव न हो।”

मनीष जैन, जनसंपर्क अधिकारी, नागरिक अधिकार सुरक्षा परिषद

जनसुनवाई में 13 आवेदन प्राप्त, अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश

पांढुर्णा, 1 सितंबर 2026 कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया तथा कुल 13 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्रता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में शासकीय भूमि के खसरा नंबर 10 पर सिल्लोरा निवासी शकिल पिता यार मोहम्मद खान, रंगा पति रम्पु उईके एवं सम्पत पिता जगन उईके द्वारा शासकीय आने-जाने के मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटाने, सिटी पब्लिक स्कूल द्वारा आवेदक के पुत्र धानीश वानखड़े की मूल टीसी उपलब्ध नहीं कराने, खसरा दुरुस्ती की लंबित फाइलों के निराकरण, कपास की फसल खराब होने पर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने सहित विभिन्न आवेदन प्राप्त हुए।

इसी प्रकार अनावेदक द्वारा अवैध रूप से प्लॉट विक्रय किए जाने पर कार्रवाई, रोजगार के लिए ठेला लगाने हेतु व्यवसायिक स्थान पर अस्थाई जगह उपलब्ध कराने, मांडवी डैम में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने तथा नदी के पानी को डैम तक पहुंचाने की उचित व्यवस्था करने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

आवेदकगणों की कृषि भूमि वापस दिलाने, सार्वजनिक शासकीय भूमि एवं मार्ग पर अवैध खुदाई कर मार्ग अवरुद्ध करने और गहरा गड्ढा किए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, वार्ड क्रमांक 01 सौंसर स्थित निजी भूमि पर निर्माण कार्य में व्यवधान एवं सुरक्षा संबंधी शिकायत सहित अन्य आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।

इसके अलावा मृतक शकुंतलाबाई पति बाबुरावजी कोल्हे के नाम दर्ज आवासीय मकान एवं रिक्त भूमि पर बनाए गए अवैध टिन शेड को हटाकर नियमानुसार फौती नामांतरण किए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शेष 50 हजार रुपये की राशि दिलाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किया गया।

सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से लेते हुए उनका शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी न हो और संबंधित अधिकारी प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सौंसर में सौहार्द और भाईचारे का संदेश बनी ईद-उल-मिलादुन्नबी

सौंसर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश ईद-उल-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर सौंसर नगर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए अमन, शांति, सामाजिक एकता और भाईचारे की कामना की।

आयोजित कार्यक्रम में सौंसर विधायक विजय चौरे भी शामिल हुए और मुस्लिम भाइयों के साथ खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेम, करुणा, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। ऐसे पर्व समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ईद-उल-मिलादुन्नबी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाने का अवसर भी है। सौंसर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देते हुए सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनने का संदेश दिया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल आपसी प्रेम, सद्भावना और भाईचारे से सराबोर रहा।

NCIB NEWS | सौंसर
रिपोर्टर — राजेश चौधरी

अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

250 किलो महुआ लाहन नष्ट, 30 बल्क लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब जब्त

पांढुर्णा, 26 अगस्त 2026। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त पांढुर्णा की टीम ने ग्राम घुड़नखापा, बिछुआ साहनी एवं नीलकंठ में अवैध शराब निर्माण के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान नालों और जंगल में झाड़ियों के बीच पन्नियों एवं ड्रमों में छिपाकर रखा गया लगभग 250 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। आबकारी टीम ने महुआ लाहन का नमूना लेकर शेष लाहन को निर्मूल्य होने के कारण मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कर दिया।

इसी कार्रवाई में करीब 30 बल्क लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब भी जब्त की गई। जब्त शराब को आबकारी विभाग ने अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।

मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत कुल 3 प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।

जंगल और नालों में चल रहा था अवैध निर्माण

आबकारी विभाग की कार्रवाई से यह भी सामने आया कि अवैध शराब निर्माण के लिए महुआ लाहन को जंगल एवं नालों के आसपास छिपाकर रखा गया था। विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

कार्रवाई में वृत्त प्रभारी श्री अनिकेत पटेल, आरक्षक सुश्री श्रद्धा राहंगडाले एवं आरक्षक श्री अंकुश मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

NCIB NEWS | पांढुर्णा

कलेक्टर ने नगर परिषद मोहगांव, प्लांट और लाइब्रेरी का किया निरीक्षण

प्लांट की मौके पर नपती कराकर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश, अवैध निर्माण पर नोटिस और क्यूब टेस्ट के आदेश

मोहगांव, 26 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को नगर परिषद मोहगांव का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से उनके दायित्व, लंबित प्रकरणों तथा किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने जनगणना से संबंधित तैयारियों की भी जानकारी ली। नगर परिषद कार्यालय में आम नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक सूचना एवं शासन की योजनाओं से संबंधित सूचना बोर्ड की व्यवस्था की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालयीन व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण, काम रोकने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर प्लांट की नपती कराते हुए निर्माण कार्य की स्थिति एवं संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली। नियमों के विपरीत निर्माण पाए जाने पर संबंधित को नोटिस जारी करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा को निर्देशित किया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने ठेकेदार को प्लांट से संबंधित पूर्ण ड्राइंग एवं डिजाइन का बोर्ड मौके पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य जारी रहने तक कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्री द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाना अनिवार्य रहेगा। उन्होंने संबंधित पटवारी एवं आरआई को भी नोटिस जारी कर जवाब लेने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए क्यूब टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जांच एवं आवश्यक कार्रवाई पूरी होने तक संबंधित निर्माण कार्य को रोकना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में नियमों का पालन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। मौके पर नियमित निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मोहगांव में शहरी अधोसंरचना कार्य प्रगति पर

नगर परिषद मोहगांव में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना, अमृत 2.0, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा विशेष निधि के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य संचालित हैं। रोड डिवाइडर एवं विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। अमृत 2.0 के तहत ग्रीन स्पेसेस एवं वाटर बॉडी रिज्यूवनेशन के कार्य भी पूर्ण हो चुके हैं, जबकि वाटर सप्लाई वर्क का कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण बताया गया है।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति पर लगातार निगरानी रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

लाइब्रेरी स्टाफ की कलेक्टर ने की सराहना

कलेक्टर ने लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं तथा स्टाफ द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। कार्यों की स्थिति से संतुष्ट होकर उन्होंने लाइब्रेरी स्टाफ सदस्यों की सराहना करते हुए कहा, “आप अच्छा काम कर रहे हैं।” उन्होंने स्टाफ को इसी तरह बेहतर कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

निरीक्षण के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष श्री संदीप भाऊ, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी श्री सिद्धार्थ पटेल सहित नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

केन्द्रीय विद्यालय पांढुर्णा में शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर अहम फैसले

31 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, पेयजल और सड़क सुरक्षा सहित विद्यालय विकास के मुद्दों पर हुई चर्चा

पांढुर्णा, 25 अगस्त 2026। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय पांढुर्णा में मंगलवार को विद्यालय प्रबंधन समिति (VMC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, खेल प्रतिभाओं, शिक्षकों की कमी, पेयजल व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, खेल मैदान की सुरक्षा और विद्यालय के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विद्यालय पहुंचने पर छात्राओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। नन्हे विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा

बैठक में सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम की समीक्षा की गई। विद्यालय प्रबंधन द्वारा बताया गया कि पूरक परीक्षा के बाद विद्यालय ने 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल किया है। साथ ही विभिन्न कक्षाओं में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर

विद्यालय में नियमित शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

खेलों में चमकी विद्यालय की प्रतिभा

बैठक में विद्यालय के विद्यार्थियों की खेल उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि 31 विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित खिलाड़ियों के लिए विशेष कोचिंग कैंप आयोजित करने पर भी विचार किया गया।

पेयजल और सड़क सुरक्षा पर विशेष चर्चा

विद्यार्थियों की स्वास्थ्य सुविधा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में मेडिकल कैंप आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

विद्यालय के आसपास विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुख रहा। हाईवे पर विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अंडरपास या ओवरब्रिज की आवश्यकता पर विचार किया गया।

पीएम श्री योजना की राशि का उचित उपयोग

बैठक में पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्राप्त राशि के नियमानुसार और विद्यार्थियों के हित में उपयोग पर जोर दिया गया। विद्यालय भवन की आंतरिक पेंटिंग, बाहरी पेंटिंग के पूर्ण होने, सुरक्षा एवं कंजरवेंसी कार्यों की निविदा प्रक्रिया सहित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की गई।

खेल मैदान की सुरक्षा भी बनी मुद्दा

खेल मैदान में विद्यार्थियों के अभ्यास के दौरान अनावश्यक आवागमन रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। साथ ही स्काउट-गाइड गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों और राज्य पुरस्कार के लिए चयनित विद्यार्थियों की जानकारी भी साझा की गई।

नगर पालिका द्वारा विद्यालय परिसर में पौधरोपण सहित अन्य विद्यालय विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खेल सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

समय-सीमा बैठक में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

सीएम हेल्पलाइन, जल जीवन मिशन और विकास कार्यों की कलेक्टर ने की समीक्षा

पांढुर्णा, 25 अगस्त 2026। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, जनसमस्याओं, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों और जिले में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय-सीमा में नियमानुसार कार्रवाई कर शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए। सौसर क्षेत्र के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

राजस्व और विकास कार्यों पर विशेष जोर

बैठक में कृषि भूमि के नक्शे में दुरुस्ती, कृषकों के नाम में सुधार और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।

प्राथमिकता वाले विकासखंडों में निवेशकों को भूमि उपलब्ध कराने तथा औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव स्थित नर्मदा अमृत दुग्ध सागर प्रा. लि. के निरीक्षण संबंधी कार्रवाई भी जल्द पूर्ण करने को कहा गया।

जिले में स्वचालित मौसम केंद्र की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थल चयन, मत्स्योद्योग सहकारी समिति पांढुर्णा से संबंधित कार्यों तथा स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण की प्रक्रिया को भी गति देने के निर्देश दिए गए।

बिजली बकाया और सड़क-पुलिया कार्यों की समीक्षा

विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान शासकीय विभागों के विद्युत कनेक्शनों पर लंबित बकाया राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। आमला पंचायत क्षेत्र में पुलिया निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराने को भी कहा गया।

चौकी पिपलानारायणवार के लिए शासकीय आवास निर्माण हेतु भूमि आवंटन की कार्रवाई जल्द पूर्ण करने के निर्देश अनुविभागीय अधिकारी को दिए गए। इसके साथ ही पांढुर्णा मोक्षधाम से लिटिल फ्लावर स्कूल होते हुए नीलकंठ धावड़ीखापा रोड तथा बानाबाकोड़ा क्षेत्र में बायपास सड़क निर्माण से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।

मोक्षधाम की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश

नीलकंठ शमशान घाट रोड की अव्यवस्थित स्थिति और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारी को आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए। मोक्षधाम (शांतिधाम) के सौंदर्यीकरण एवं समतलीकरण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।

जल जीवन मिशन की योजनाओं पर कलेक्टर सख्त

जल जीवन मिशन के अंतर्गत रेट्रोफिटिंग नल-जल योजना के हस्तांतरण तथा देवी ग्राम पंचायत में योजना से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। बानाबाकोड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में पाइपलाइन का कार्य अधूरा होने तथा पानी की टंकी और पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि नल-जल योजनाओं के सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं और ग्रामीणों को नियमित एवं सुचारु पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण पर विशेष निगरानी

बैठक में सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए आवेदकों को संतोषजनक समाधान दिया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय-सीमा के प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने लंबित मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई करे और शासन की योजनाओं एवं विकास कार्यों का लाभ आमजन तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करे।

बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अहम निर्णय, मोही घाट पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने के निर्देश

तेज रफ्तार वाहनों पर होगी कार्रवाई, ब्लैकस्पॉट का संयुक्त निरीक्षण कर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश
पांढुर्णा, 24 अगस्त 2026/कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में सोमवार को सड़क सुरक्षा एवं यातायात समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था, सड़क निर्माण एवं रखरखाव, सड़क सुरक्षा जागरूकता तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रकाश चंद्र परिहार, अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

मोही घाट का होगा तकनीकी ऑडिट, बढ़ाए जाएंगे सुरक्षा उपाय

बैठक में एनएच-47 (भोपाल-नागपुर मार्ग) स्थित मोही घाट में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने मोही घाट का तकनीकी ऑडिट एवं सुरक्षा जांच कराकर आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए। घाट क्षेत्र में बड़े सूचना एवं चेतावनी बोर्ड लगाने, सड़क पर ‘गो स्लो’ जैसे सुरक्षा संदेश प्रदर्शित करने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया।
मोही घाट के ब्लैकस्पॉट क्षेत्र में अनावश्यक रूप से खड़े होने वाले यात्री वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

एनएच सीमा पर लगाए जाएंगे संकेतक

बैठक में जिले से गुजरने वाले एनएच के आसपास अतिक्रमण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के लिए कंक्रीट पोस्ट एवं साइन बोर्ड लगाने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
    पांढुर्णा शहर में मालवाहक वाहनों के प्रवेश के समय की भी समीक्षा की गई। बड़े वाहनों की आवाजाही का अध्ययन कर आवश्यकता के अनुसार समय व्यवस्था में बदलाव पर विचार करने के निर्देश दिए गए।

केंद्रीय विद्यालय मार्ग सहित प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में केंद्रीय विद्यालय से परसोड़ी मार्ग पर अंडरपास, पांढुर्णा बायपास (नागपुर रोड) तथा पांढुर्णा बायपास (भोपाल रोड) से संबंधित यातायात एवं सड़क सुरक्षा के विषयों पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

तेज रफ्तार वाहनों पर होगी कार्रवाई

दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक किलोमीटर पर स्पीड डिटेक्शन सिस्टम लगाने तथा निर्धारित गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश पुलिस विभाग को दिए गए। साथ ही पांढुर्णा जिले के लिए इंटरसेप्टर वाहन की मांग करने के निर्देश भी दिए गए।

आरटीओ को मोही घाट के ब्लैकस्पॉट क्षेत्र में खड़े होने वाले यात्री वाहनों पर कार्रवाई करने के साथ जिले में संचालित स्कूल बसों के फिटनेस, परमिट, लाइसेंस सहित आवश्यक दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क मार्गों को गड्ढामुक्त रखने के निर्देश

बैठक में सड़क किनारे शोल्डर पर उगी झाड़ियों के कारण वाहनों की दृश्यता प्रभावित होने तथा सड़क पर गड्ढों से दुर्घटना की आशंका पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों को सड़क किनारे की झाड़ियों की नियमित सफाई कराने और मार्गों को गड्ढामुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
     पांढुर्णा बस स्टैंड एवं शहर के प्रमुख मार्गों पर बसों, ऑटो एवं अन्य वाहनों के अनावश्यक रूप से खड़े रहने से यातायात प्रभावित होने की स्थिति पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। निर्धारित स्थान एवं समय के अलावा वाहन खड़े करने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

दोपहर 12 से 3 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश की व्यवस्था की समीक्षा

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पांढुर्णा शहर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बड़े एवं भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। स्कूल, कार्यालय एवं बाजार क्षेत्रों में इस दौरान अधिक आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

सभी ब्लैकस्पॉट का होगा संयुक्त निरीक्षण
बैठक में जिले के सभी चिन्हित ब्लैकस्पॉट का सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी बैठक में की गई कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री प्रकाश चंद्र परिहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद, अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खाद्य एवं मिष्ठान्न दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 14 सैंपल लिए

16 दुकानों का निरीक्षण, खराब एवं बासी खाद्य सामग्री नष्ट, केशवा डेयरी की तीन मशीनें सील

पांढुर्णा, 24 अगस्त 2026। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार जिले में मिलावट के विरुद्ध निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। इस क्रम में एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अल्का इक्का के मार्गदर्शन में रविवार को राजस्व विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग एवं नगर पालिका की संयुक्त टीम ने खाद्य एवं मिष्ठान्न दुकानों का निरीक्षण किया। टीम द्वारा जिले में कुल 16 दुकानों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान खराब, बासी एवं एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का विनष्टीकरण करने के साथ ही स्वच्छता संबंधी लापरवाही पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई की गई।
     निरीक्षण के दौरान केशवा डेयरी की तीन मशीनें सील की गईं। यहां दूध में मरी हुई मक्खी पाए जाने के साथ मिठाई में फफूंद मिली तथा लंबे समय से रखी मिठाई का रंग काला पाया गया। टीम ने दुकान से दही के दो जार, करीब आधा किलो मिठाई, 55 लीटर दूध तथा एक्सपायर्ड कैडबरी चॉकलेट की दो यूनिट का विनष्टीकरण कराया। परिसर में गंदगी पाए जाने पर 2 हजार रुपए का स्पॉट फाइन भी लगाया गया।

बासी ग्रेवी और खाद्य सामग्री का कराया विनष्टीकरण

सौदागर होटल में चिकन, मटन एवं प्याज-टमाटर की करीब 15 दिन पुरानी ग्रेवी तथा चना एवं साउजी मसाला की करीब तीन दिन पुरानी ग्रेवी सहित कुल साढ़े 7 किलो ग्रेवी का विनष्टीकरण कराया गया। इसी प्रकार होटल आदित्य में करीब 10 किलो प्याज-टमाटर मसाला ग्रेवी एवं करीब 3 किलो बिरयानी राइस, दोनों करीब दो दिन पुराने पाए जाने पर नष्ट कराया गया।

योगेश उपहार गृह में 24 यूनिट पिज्जा, जिसकी कीमत 1680 रुपए, तथा 17 गिलास लस्सी, जिसकी कीमत 680 रुपए थी, कुल 2360 रुपए की खाद्य सामग्री का विनष्टीकरण कराया गया। यहां से मिठाई के सैंपल भी एकत्रित किए गए। समोसा-कचौड़ी भंडार एवं इंदौर सेव भंडार में गंदगी पाए जाने पर स्पॉट फाइन की कार्रवाई की गई।

बस स्टैंड की 8 दुकानों का भी निरीक्षण

संयुक्त टीम ने बस स्टैंड क्षेत्र की 8 दुकानों का निरीक्षण किया। दुकानदारों को नियमित रूप से साफ-सफाई रखने और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश मौके पर दिए गए।

14 सैंपल लिए, 14,500 रुपए का स्पॉट फाइन

संपूर्ण कार्रवाई के दौरान कुल 14,500 रुपए का स्पॉट फाइन किया गया। इसके साथ ही 08 लीगल एवं 06 सर्विलांस सहित कुल 14 खाद्य सैंपल लिए गए, जिन्हें कुल 38 भागों में एकत्रित किया गया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल नियमानुसार भेजे जाएंगे।

कार्रवाई कार्यपालक मजिस्ट्रेट पांढुर्णा श्री मोहित गणवीर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री सनोडिया, स्वास्थ्य निरीक्षक श्री अजय कड़वे, पटवारीगण एवं नगर पालिका टीम द्वारा की गई।