मंगारली में मोहोड़ परिवार का पारंपरिक कड़ई कार्यक्रम संपन्न सौंसर/पांढुर्णा। ग्राम मंगारली स्थित मोहोड़ परिवार के पैतृक निवास पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पारंपरिक एवं धार्मिक कड़ई कार्यक्रम श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों के साथ जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। परिवार की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा के तहत भगवान नागराज एवं नागदेव की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद नागदेव की आरती एवं सामूहिक पूजा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। परिवारजनों, रिश्तेदारों, ग्रामीणों एवं आगंतुकों ने धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया। मोहोड़ परिवार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार और समाज को अपनी परंपरा, आस्था एवं संस्कारों से जोड़ने का माध्यम भी बना। आयोजन के अंत में क्षेत्र एवं परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। रिपोर्टर – राजेश चौधरी NCIB NEWS

🚨 बड़ी कार्रवाई: 6000 किलो महुआ लाहन नष्ट, 70 बल्क लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त

अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग का शिकंजा, 07 प्रकरण दर्ज

पांढुर्णा, 06 सितंबर 2026।
जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त सौसर के अंतर्गत ग्राम वारगावोडी, नवथल एवं वागोडाढाना में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर संयुक्त दबिश दी गई।

🌿 जंगल और नालों के आसपास मिला भारी मात्रा में महुआ लाहन

संयुक्त कार्रवाई के दौरान नालों एवं जंगल क्षेत्र में झाड़ियों के आसपास पन्नियों और ड्रमों में हाथ भट्टी महुआ शराब बनाने के लिए संग्रहित किया गया लगभग 6000 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया।

आबकारी विभाग द्वारा महुआ लाहन के विधिवत नमूने लेने के बाद शेष लाहन को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। वहीं कार्रवाई के दौरान 70 बल्क लीटर हाथ भट्टी महुआ मदिरा भी जब्त कर आबकारी विभाग के कब्जे में ली गई।

⚖️ 07 प्रकरण दर्ज

अवैध शराब निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत कुल 07 प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए हैं।

👮 आबकारी विभाग की टीम रही मौजूद

कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी सुश्री भारती गौंड, श्री वासुदेवाचार्य त्रिपाठी, श्री राजेश सिंघल, आबकारी उपनिरीक्षक श्री नरेन्द्र नागेश, श्री अनिकेत पटेल, सुश्री पूर्णिमा वरकड़े, श्री जीत सिंह धुर्वे सहित आबकारी विभाग का अमला मौजूद रहा।

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अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी, विभाग की लगातार दबिश

सूरत में ‘संडे ऑन साइकिल’ का 89वां संस्करण, 50 लाख से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

सूरत, 6 सितंबर 2026: फिट इंडिया अभियान के तहत आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ के 89वें संस्करण में रविवार को सूरत से नशामुक्त युवा और विकसित भारत का संदेश दिया गया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया और प्रतिभागियों के साथ नशामुक्ति की शपथ ली।

‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में एथलीटों, छात्रों, युवाओं, फिटनेस प्रेमियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस अभियान में 50 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों की भागीदारी रही।

सूरत में कार्यक्रम की शुरुआत मंगध चौक स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा से हुई। प्रतिभागियों ने साइकिल यात्रा से पहले योग, जुम्बा, फिटनेस गतिविधियों और विभिन्न चुनौतियों में हिस्सा लिया। इसके बाद साइकिल यात्रा सारथाना चिड़ियाघर की ओर रवाना हुई।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ अभियान ने देशव्यापी ‘संडेज ऑन साइक्लिंग’ आंदोलन को गति दी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ आबादी विकसित राष्ट्र की आधारशिला है और साइकिलिंग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है।

उन्होंने साइकिलिंग को केवल रविवार की गतिविधि तक सीमित न रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, खासकर आसपास के कार्यस्थल तक आने-जाने में। उनके अनुसार, इससे फिट इंडिया की सोच को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें पद्म श्री तथा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अचंता शरथ कमल, अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं पूर्व विश्व नंबर-1 पहलवान सरिता मोर, अर्जुन पुरस्कार विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हरमीत देसाई, अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता शिवानी पवार तथा राष्ट्रमंडल और विश्व कैडेट चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता राहुल मान शामिल रहे।

फिटनेस जगत से जुड़े विस्पी खराड़ी, राकेश सैनी, उर्वी परवानी, पंकज पासी और भीष्म मदानी समेत कई फिटनेस हस्तियों और प्रभावशाली लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। नशामुक्ति के संदेश को मजबूत करने के लिए कई प्रतिष्ठित एथलीट 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा में भी शामिल हुए।

नई दिल्ली में शिक्षक दिवस की थीम

इसी अभियान के तहत नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ‘संडे ऑन साइकिल’ का विशेष आयोजन शिक्षक दिवस की थीम पर किया गया। यहां शिक्षकों और प्रशिक्षकों के युवाओं के जीवन एवं करियर निर्माण में योगदान को सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली संस्करण में करीब एक हजार छात्रों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में फिट इंडिया चैंपियन मोनिका भोला, योग प्रशिक्षक एवं फिट इंडिया एंबेसडर मोनिका शर्मा और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच हवलदार संजय सिंह भी शामिल हुए।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया जाता है। अभियान एक साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होता है।

इस पहल में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, SAI प्रशिक्षण केंद्रों, खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्रों और खेलो इंडिया केंद्रों की भागीदारी रहती है। इसके अलावा देशभर में 6,000 से अधिक नमो फिट इंडिया क्लब हर सप्ताह साइकिलिंग गतिविधियों का आयोजन करते हैं।

‘संडे ऑन साइकिल’ के 89वें संस्करण ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली और सक्रिय नागरिकता का संदेश देने पर जोर दिया।

NCPCR’s Pan-India Rescue Campaign Rescues Over 3,800 Children; More Than 575 FIRs Registered

New Delhi, September 5, 2026: The National Commission for Protection of Child Rights (NCPCR), a statutory body under the Ministry of Women and Child Development, has successfully rescued over 3,800 children and facilitated the registration of more than 575 FIRs during its special “Pan-India Rescue and Rehabilitation” Campaign aimed at combating child labour, trafficking and exploitation.

The campaign was launched on June 12, 2026, observed as the World Day Against Child Labour, and continued until August 31, 2026.As part of the nationwide drive, the NCPCR worked in coordination with State Governments and Union Territory Administrations, District Magistrates, Labour Departments, police authorities and other stakeholders to intensify the identification, rescue and rehabilitation of children engaged in child labour and those vulnerable to trafficking and exploitation.

The Commission issued communications to concerned authorities across the country, calling for intensified and targeted rescue operations at identified child labour and trafficking hotspots. States and UTs were also asked to regularly furnish detailed information on rescue operations, including the number of children rescued, FIRs registered, rehabilitation measures, restoration to families, educational mainstreaming, compensation and other follow-up actions.

Focus on rehabilitation and educational mainstreaming

The campaign went beyond rescue operations, with the NCPCR emphasising the need for sustained rehabilitation and protection of rescued children.

The Commission monitored the implementation of the campaign and held meetings with District Administrations to assess progress and address field-level challenges. These meetings focused on reviewing rescue operations, resolving operational bottlenecks, ensuring timely submission of Action Taken Reports (ATRs), and strengthening coordination among departments and agencies involved in child protection.

The coordinated approach was aimed at ensuring that rescued children were not only removed from exploitative situations but also provided appropriate rehabilitation, restoration and opportunities to return to education.

Awareness and public participation

The NCPCR also undertook awareness and outreach activities through social media and other communication platforms during the campaign. The initiatives sought to spread awareness about child labour, encourage reporting of cases and highlight the importance of rehabilitation and educational mainstreaming after rescue.

The Commission’s efforts also sought to reinforce the role of government agencies and other stakeholders in identifying children at risk and responding promptly to cases involving child labour, trafficking and exploitation.

Over 3,800 children rescued

With sustained monitoring and proactive coordination with State and district authorities, the NCPCR said that more than 3,800 children were rescued during the campaign. Over 575 FIRs were also registered in connection with cases identified during the drive.

The figures underline the scale of the coordinated enforcement effort undertaken across the country and the continuing focus on protecting children from labour, trafficking and exploitation.

The NCPCR’s campaign has also placed emphasis on ensuring that rescue is followed by effective rehabilitation, family restoration where appropriate, compensation and educational mainstreaming, so that children rescued from exploitative circumstances can return to a safe and secure environment.

CGPSC भर्ती घोटाला: ED की छापेमारी में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 2 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ED के अनुसार, यह जांच EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितता, परीक्षा में हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।

जांच में सामने आया कि CGPSC परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए गए, जिसके बदले कथित रूप से अवैध रकम ली गई। ED का कहना है कि इससे डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे वरिष्ठ पदों पर कथित रूप से फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराया गया।

₹3 करोड़ से अधिक की कथित अपराध से अर्जित आय

ED के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से नकद राशि एकत्र की। जांच एजेंसी ने ₹3 करोड़ से अधिक की Proceeds of Crime (अपराध से अर्जित आय) के सृजन का दावा किया है, जिसमें से लगभग ₹2.80 करोड़ अनिल चंद्राकर को सौंपे जाने की बात सामने आई है।

ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक OSD के नाम, पद और प्रभाव का कथित रूप से इस्तेमाल अभ्यर्थियों को प्रभावित करने तथा उनसे रकम जुटाने के लिए किया।

मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड से मिले साक्ष्यों का दावा

ED ने बताया कि 3 जून 2026 को भी इस मामले में तलाशी ली गई थी। एजेंसी के अनुसार, इसके बाद धारा 50, PMLA के तहत दर्ज बयानों, उत्कर्ष चंद्राकर के मोबाइल से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उसके कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन के सृजन, अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने, लेयरिंग, हस्तांतरण और इस्तेमाल से जुड़े होने के साक्ष्य मिले।

इसी आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर को 1 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।

हालिया तलाशी अभियान के दौरान ED ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं।

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखने के लिए एक वर्ष की अतिरिक्त मोहलत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस अवधि में भाषा संबंधी शर्त पूरी नहीं करने पर चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

यह निर्णय ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा के बाद लिया गया। हाजी अरफात के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मराठी सीखने की इच्छा जताई और अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय मांगा। यूनियनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार किसी की आजीविका छीनने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि चालकों को महाराष्ट्र की संस्कृति और मराठी भाषा के प्रति आत्मीयता रखते हुए एक वर्ष में मराठी में प्रभावी संवाद करना सीखना होगा। यह समयसीमा केवल भाषा संबंधी शर्त के लिए बढ़ाई गई है, कानूनी कार्रवाई से छूट के लिए नहीं।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

इस मामले में पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के समक्ष भी शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मराठी पढ़ने-लिखने की अनिवार्यता से हजारों चालकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में बेरोजगारी, आर्थिक कठिनाई तथा अधिकारियों की मनमानी की आशंका पैदा हो सकती है।

NHRC की श्री प्रियंक कानूनगो, माननीय सदस्य, की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए परिवहन आयुक्त, महाराष्ट्र सरकार को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर चार सप्ताह में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सरकार की एक वर्ष की मोहलत से चालकों को भाषा सीखने और आवश्यक शर्त पूरी करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

“भाषा सीखने का अवसर देना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन किसी भी भाषा संबंधी शर्त को लागू करते समय यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी मेहनतकश चालक की आजीविका प्रभावित न हो और उसके साथ कोई मनमानी या भेदभाव न हो।”

मनीष जैन, जनसंपर्क अधिकारी, नागरिक अधिकार सुरक्षा परिषद

नालागढ़ IED विस्फोट मामले में NIA ने तीन और आरोपियों को किया गिरफ्तार कुल गिरफ्तारियां छह हुईं, बड़ी साजिश और नेटवर्क की जांच जारी

नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन में 1 जनवरी 2026 को हुए IED विस्फोट के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में NIA द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या छह हो गई है।

NIA के अनुसार, विस्फोट सुबह करीब 9:40 बजे नालागढ़ पुलिस स्टेशन परिसर में जांच अधिकारी के कमरे से लगी बाहरी दीवार के पास हुआ था। मामले में शुरुआत में नालागढ़ पुलिस स्टेशन में FIR No. 02/2026 दर्ज की गई थी। बाद में NIA ने 8 मई 2026 को जांच अपने हाथ में लेते हुए RC-27/2026/NIA/DLI के रूप में मामला फिर से दर्ज किया।

जांच के दौरान NIA ने अरशदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला, करणप्रताप और दिलजोत सैनी की कथित संलिप्तता स्थापित की। तीनों पंजाब के SBS नगर जिले के राहों क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। NIA ने इन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया है। तीनों पहले से पंजाब के गढ़शंकर थाने में दर्ज FIR No. 11/2026 के सिलसिले में गिरफ्तार थे।

इससे पहले NIA ने मामले में महावीर कुमार उर्फ काका, अजय मेहरा और मनप्रीत सिंह उर्फ मनी को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों को पहले पंजाब पुलिस ने SSOC, मोहाली की FIR No. 02/2026 के संबंध में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद NIA ने नालागढ़ IED विस्फोट मामले में उन्हें गिरफ्तार किया।

NIA ने बताया कि जांच का उद्देश्य विस्फोट के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाना, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करना तथा घटना से जुड़े व्यापक नेटवर्क और आपराधिक संबंधों को उजागर करना है।

एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों की सटीक भूमिका, आपसी कड़ियों और साजिश में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

जनसुनवाई में 13 आवेदन प्राप्त, अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के दिए निर्देश

पांढुर्णा, 1 सितंबर 2026 कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना गया तथा कुल 13 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्रता के आधार पर त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में शासकीय भूमि के खसरा नंबर 10 पर सिल्लोरा निवासी शकिल पिता यार मोहम्मद खान, रंगा पति रम्पु उईके एवं सम्पत पिता जगन उईके द्वारा शासकीय आने-जाने के मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटाने, सिटी पब्लिक स्कूल द्वारा आवेदक के पुत्र धानीश वानखड़े की मूल टीसी उपलब्ध नहीं कराने, खसरा दुरुस्ती की लंबित फाइलों के निराकरण, कपास की फसल खराब होने पर सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने सहित विभिन्न आवेदन प्राप्त हुए।

इसी प्रकार अनावेदक द्वारा अवैध रूप से प्लॉट विक्रय किए जाने पर कार्रवाई, रोजगार के लिए ठेला लगाने हेतु व्यवसायिक स्थान पर अस्थाई जगह उपलब्ध कराने, मांडवी डैम में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने तथा नदी के पानी को डैम तक पहुंचाने की उचित व्यवस्था करने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

आवेदकगणों की कृषि भूमि वापस दिलाने, सार्वजनिक शासकीय भूमि एवं मार्ग पर अवैध खुदाई कर मार्ग अवरुद्ध करने और गहरा गड्ढा किए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने, वार्ड क्रमांक 01 सौंसर स्थित निजी भूमि पर निर्माण कार्य में व्यवधान एवं सुरक्षा संबंधी शिकायत सहित अन्य आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।

इसके अलावा मृतक शकुंतलाबाई पति बाबुरावजी कोल्हे के नाम दर्ज आवासीय मकान एवं रिक्त भूमि पर बनाए गए अवैध टिन शेड को हटाकर नियमानुसार फौती नामांतरण किए जाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शेष 50 हजार रुपये की राशि दिलाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किया गया।

सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश

जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से लेते हुए उनका शीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी न हो और संबंधित अधिकारी प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, सुश्री नेहा सोनी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सौंसर में सौहार्द और भाईचारे का संदेश बनी ईद-उल-मिलादुन्नबी

सौंसर। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश ईद-उल-मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर सौंसर नगर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए अमन, शांति, सामाजिक एकता और भाईचारे की कामना की।

आयोजित कार्यक्रम में सौंसर विधायक विजय चौरे भी शामिल हुए और मुस्लिम भाइयों के साथ खुशियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेम, करुणा, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। ऐसे पर्व समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ईद-उल-मिलादुन्नबी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने और समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाने का अवसर भी है। सौंसर की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देते हुए सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनने का संदेश दिया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल आपसी प्रेम, सद्भावना और भाईचारे से सराबोर रहा।

NCIB NEWS | सौंसर
रिपोर्टर — राजेश चौधरी

अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

250 किलो महुआ लाहन नष्ट, 30 बल्क लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब जब्त

पांढुर्णा, 26 अगस्त 2026। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त पांढुर्णा की टीम ने ग्राम घुड़नखापा, बिछुआ साहनी एवं नीलकंठ में अवैध शराब निर्माण के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान नालों और जंगल में झाड़ियों के बीच पन्नियों एवं ड्रमों में छिपाकर रखा गया लगभग 250 किलोग्राम महुआ लाहन बरामद किया गया। आबकारी टीम ने महुआ लाहन का नमूना लेकर शेष लाहन को निर्मूल्य होने के कारण मौके पर ही नियमानुसार नष्ट कर दिया।

इसी कार्रवाई में करीब 30 बल्क लीटर हाथ भट्टी महुआ शराब भी जब्त की गई। जब्त शराब को आबकारी विभाग ने अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की।

मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत कुल 3 प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिए गए हैं।

जंगल और नालों में चल रहा था अवैध निर्माण

आबकारी विभाग की कार्रवाई से यह भी सामने आया कि अवैध शराब निर्माण के लिए महुआ लाहन को जंगल एवं नालों के आसपास छिपाकर रखा गया था। विभाग द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

कार्रवाई में वृत्त प्रभारी श्री अनिकेत पटेल, आरक्षक सुश्री श्रद्धा राहंगडाले एवं आरक्षक श्री अंकुश मरावी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

NCIB NEWS | पांढुर्णा