



हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों की सहायता की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े थे और उन्हें हाथ-पैर में चोटें आई थीं। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए टायगर ग्रुप को कॉल कर एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई।
सूचना मिलते ही एम्बुलेंस टीम कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंची । इसके बाद दोनों घायलों को सिविल अस्पताल सौसर पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू किया। फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार घायल दोनों युवक महाराष्ट्र के निवासी हैं
प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम: सिविल अस्पताल पांढुर्णा में नई डायलिसिस इकाई को स्वीकृति
*पांढुर्णा।* जिले के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के अंतर्गत सिविल अस्पताल पांढुर्णा में नई डायलिसिस इकाई को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत केंद्रीकृत क्रय प्रणाली से 2 डायलिसिस मशीनों की खरीद के आदेश जारी किए गए हैं।
इस इकाई के संचालन हेतु एपेक्स किडनी केयर प्रा. लि., मुंबई को कार्यादेश दिया गया है। सेवा प्रदाता द्वारा प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक कंज्यूमेबल्स की व्यवस्था की जाएगी।
नई सुविधा शुरू होने से किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही डायलिसिस उपचार मिल सकेगा। इससे उन्हें बाहर के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
*जिला बनने के बाद से पांढुर्णा को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार नई सौगातें मिल रही हैं।*
“`जिला अस्पताल स्तर की सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय नागरिकों को बेहतर और सुलभ उपचार मिलना संभव हो रहा है।
नई डायलिसिस इकाई की स्वीकृति पांढुर्णा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करेगी।“`



रामाकोना क्षेत्र में बाघ की दस्तक, सूर्या बुरिया में किया बछड़े का शिकार

आज भारतीय जनता पार्टी पांढुर्णा के यशस्वी शुभंकर जिलाध्यक्ष श्री संदीप मोहोड़ जी ने सौसर नगर के वार्ड नं 13 टोला पर नगरवासियों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।



इस दौरान नागरिकों ने पेयजल,सड़क,नाली,स्वच्छता,बिजली तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ रखीं। सभी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा की.
जनसेवा ही हमारा संकल्प है और नगर के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
रमाई” त्याग समर्पण की प्रेरणास्त्रोत
आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता
समता सैनिक दल,भारतीय बौद्ध महासभा साथ बौद्ध अनुयायियों ने किया वंदन
*(सौंसर)* समर्पण,त्याग, संघर्ष और प्रेरणा की मूर्ति रमाबाई आंबेडकर ने अपने स्वास्थ्य कि परवाह न करते हुए आर्थिक तंगी वहीं सामाजिक विषम परिस्थितियों में गरीबी के पारिवारिक वातावरण में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर जैसे महामानव के निर्माण में योगदान देकर अपना त्याग, बलिदान, समर्पण किया। डॉ बाबासाहेब आंबेडकर की जीवनसंगिनी माता रमाई अंबेडकर का स्थान बहुजन समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण है। वह केवल डॉ.बाबा साहब अंबेडकर की जीवनसंगिनी नहीं थीं,बल्कि उनके संघर्षमय जीवन की सशक्त सहयात्री, त्याग और धैर्य की प्रतिमूर्ति तथा दलित-वंचित समाज की प्रेरणास्रोत तथा करोड़ो दलितो तो वंचितों बहुजन समाज की मां थी। उक्त विचार समता सैनिक दल,भारतीय बौद्ध महासभा सौंसर द्वारा बुद्ध विहार सौंसर में आयोजित रमाबाई आंबेडकर के जयंती पर वक्ताओं द्वारा विचार रखे गए। रमाई आंबेडकर के छायाचित्र समक्ष मोमबत्ती प्रज्वलन व पुष्प अर्पण कर नमन वंदन किया गया। सामुहिक बुद्ध वंदना हुईं, बच्चों द्वारा केक काटा गया। रमाई आंबेडकर का जयघोष किया।
कार्यक्रम कि अध्यक्षता रेणुकाताई ठवरे द्वारा की गई। समता सैनिक दल से कुसुम सहारे, गिरिजा डोंगरे, कल्पना गजभिए, ज्योति दुफारे,रेखा शेंडे, ज्योति बंसोड, सुषमा दुफारे, एम आर शेंडे, समता सैनिक दल फिल्ड अधिकारी व भारतीय बौद्ध महासभा जिला महासचिव अशोक डोंगरे, भारतीय बौद्ध महासभा कार्यकारी जिलाध्यक्ष नरेंद्र सोमकुंवर गुरुजी, समता सैनिक दल जिला सचिव व भारतीय बौद्ध महासभा तहसील अध्यक्ष प्रवीण ठवरे, शाखा अधिकारी शेषराव बागडे, निशा बंसोड आदि मौजूद थे। जीवनी पर विचार में कहा कि 27 मई 1935 को मात्र 37 वर्ष की आयु में माता माई अंबेडकर का निधन हुआ। डॉ. बाबासाहब अंबेडकर आधुनिक भारत के निर्माता हैं, तो माता रमाई अंबेडकर उनके जीवन की वह मजबूत नींव थीं, जिस पर यह महान व्यक्तित्व बन पाये। कहा कि माता रमाई के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है।

केंद्रीय बजट 2026-27 पर नारी शक्ति के साथ संवाद !

