













पांढुर्ना जिले के सौसर में नारी पेड़ बैंक का हुवा शुभारंभ


महज 5 रुपये की सदस्यता शुल्क पर 1 साल तक फ्री मिलेंगे सेनेटरी पेड
महिलाओ के स्वास्थ्य व उन्हें रोजगार से जोड़ना प्रमुख उद्देश्य
विशेष चिल्ड्रन वुमन एंड फार्मर संस्था द्वारा संचालित है नारी पेड़ बैंक
पांढुर्ना जिले के सौसर में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नारी पैड बैंक का शुभारंभ किया गया। यह पहल विशेष चिल्ड्रन वुमन एंड फार्मर संस्था द्वारा शुरू की गई है। संस्था के अध्यक्ष ललित सागर ने बताया कि नारी पैड बैंक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ 5 रुपये की सदस्यता शुल्क पर एक वर्ष तक निःशुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराना है।
ललित सागर ने बताया कि संस्था द्वारा इससे पहले बिहार, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में नारी पैड बैंक सफलतापूर्वक संचालित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से भी जोड़े जाने का प्रयास है।
कार्यक्रम में यह भी घोषणा की गई कि नारी पैड बैंक में एक सेंटर संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से 5 शासकीय एवं 5 निजी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। विशेष रूप से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत सिलाई-कढ़ाई जैसे प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षणार्थियों के साथ-साथ नारी पैड बैंक संचालित करने वालों को भी रोजगार प्राप्त होगा।
संस्था ने दावा किया है कि नारी पैड बैंक में उपलब्ध कराए जाने वाले सेनेटरी पैड की गुणवत्ता बाजार में मिलने वाले साधारण पैड से बेहतर है। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान पैड की गुणवत्ता का डेमो भी प्रस्तुत किया गया,
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएँ मौजूद रहीं। सभी ने इस पहल को महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया
बाईट-
01 ललित सागर (अध्यक्ष समाजसेवी संस्था)
02 ममता चटकवार (सामाज सेवी महिला)
सौसर।
सौसर क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी कुमारी चुंसमिता सतिशजी बोडखे, माता योगीता बोडखे, ने B.A.M.S. उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। चुंसमिता सत्रा व्यापारी परिवार से आती हैं और उनकी इस उपलब्धि पर राजधानी भोपाल में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। डॉक्टर चूंसमिता जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष सतीश बोडखे एवं नगर पालिका सदस्य योगीता बोडखे की सुपुत्री है

यह गरिमामयी आयोजन पुरानी विधानसभा, राजभवन के सामने स्थित ऐतिहासिक मिंटो हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की विशेषता रही कि स्वयं विधानसभा अध्यक्ष माननीय नरेन्द्र सिंह जी तोमर और विधायक श्री रामेश्वर जी शर्मा ने मंच पर उपस्थित होकर कुमारी चुंसमिता का शॉल, श्रीफल एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मान किया। इस दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो उठा।
चुंसमिता ने भावुक शब्दों में कहा—
“मेरी हर सफलता के पीछे मेरे माता-पिता का अथक सहयोग, विश्वास और त्याग है। यह सम्मान मैं उन्हें समर्पित करती हूँ।”
सत्कार समारोह में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष पांढुरना, गणमान्य नागरिक, सामाजिक प्रतिनिधि एवं पारिवारिक सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कुमारी चुंसमिता बोडखे का यह सम्मान न केवल उनके परिवार बल्कि सम्पूर्ण सौसर क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है।
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ में एक छह माह की बच्ची रोही मिनोटे की संदिग्ध मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बच्ची को सर्दी-बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के परिजनों ने आयुर्वेदिक कफ सिरप पिलाया था। इसके बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, बिछुआ निवासी संदीप मिनोटे की बेटी रोही की तबीयत बीते सोमवार को खराब हुई थी। परिवारवालों ने डॉक्टर से जांच कराए बिना ही बिछुआ में कुरेठे मेडिकल स्टोर से आयुर्वेदिक सिरप लेकर उसे दवा दे दी। सिरप लेने के चार दिन बाद मंगलवार को बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्ची ने दम तोड़ दिया।
बच्ची के परिजनों का आरोप है कि सिरप की वजह से ही उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में भी इलाज के दौरान लापरवाही हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने ड्रग इंस्पेक्टर, बीएमओ और एक अन्य अधिकारी की टीम गठित कर जांच शुरू

छिंदवाड़ा. जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ से 22 बच्चों की मौत के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। एसआईटी ने अब डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी और “अपना मेडिकल” स्टोर की संचालक ज्योति सोनी को भी सह-आरोपी बनाया है। जांच में खुलासा हुआ है कि ज्योति सोनी ने अपने पति को बचाने के लिए सबूत छिपाने की साजिश में हिस्सा लिया था।

74 में से 66 बोतलें लापता
ड्रग विभाग की रिपोर्ट में सामने आया कि “अपना मेडिकल” स्टोर, जो ज्योति सोनी के नाम से संचालित है, वहीं से जहरीला सिरप बेचा गया था। यहां कार्यरत फार्मासिस्ट सौरभ जैन के साथ मिलकर कुल 74 बोतलों में से 66 बोतलें जांच टीम को नहीं सौंपी गईं। इन्हीं बोतलों में वह जहरीला रसायन पाया गया था, जिससे बच्चों की मौत हुई।
साक्ष्य मिटाने की साजिश का खुलासा
एसआईटी को ड्रग विभाग से मिले प्रतिवेदन में उल्लेख है कि सौरभ जैन और ज्योति सोनी ने जानबूझकर बोतलें छिपाईं, ताकि डॉक्टर प्रवीण सोनी पर से शक हटाया जा सके। यह कार्रवाई साक्ष्य से छेड़छाड़ (Tampering of Evidence) की श्रेणी में आती है। ज्योति सोनी फिलहाल फरार है और पुलिस की टीम उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
अब तक सात आरोपी बने
इस केस में अब तक कुल सात आरोपी बनाए जा चुके हैं-
सभी पर एफआईआर दर्ज कर जांच जारी है।
एमआर से पूछताछ में मिले नए सुराग
एसआईटी ने श्रीसन फार्मा के एमआर सतीश वर्मा को चार दिन की रिमांड पर लिया है। वही व्यक्ति जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप की मार्केटिंग कर रहा था। पूछताछ में सप्लाई चेन, स्टॉक ट्रांसफर और उत्पादन दस्तावेजों से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
ड्रग विभाग की रिपोर्ट ने खोला सच
प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई कि सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक खतरनाक रसायन मिला हुआ था, जो किडनी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। इसी जहरीले तत्व से 22 बच्चों की मौत हुई थी। विभाग ने यह भी बताया कि दूषित बैच को वापस नहीं मंगवाया गया, और कई बोतलें बाजार में बेची जाती रहीं।
प्रशासन की सख्ती, लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
घटना के बाद जिला प्रशासन और ड्रग विभाग ने सभी संदिग्ध सिरप स्टॉक्स जब्त कर लिए हैं। जिन मेडिकल स्टोर्स पर अनियमितताएं मिलीं, उनके लाइसेंस निलंबन और रद्दीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के पीछे की साजिश को उजागर करने में जुटी हैं।