ईश्वर से प्रार्थना है कि पूज्य माताजी की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।



ईश्वर से प्रार्थना है कि पूज्य माताजी की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।









कार्यालयीन आदेश 30 दिसंबर 2024 के अनुसार छिन्दवाड़ा जिले में 27 अगस्त 2025 बुधवार को गणेश चतुर्थी सहित तीन स्थानीय अवकाश घोषित किये गये थे। मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय भोपाल की अधिसूचना 26 अगस्त 2025 व्दारा 27 अगस्त 2025 बुधवार को गणेश चतुर्थी पर संपूर्ण मध्यप्रदेश में सामान्य अवकाश घोषित किया गया था।
उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह द्वारा कार्यालयीन आदेश 30 दिसंबर 2024 में आंशिक संशोधन करते हुए, 27 अगस्त 2025 बुधवार गणेश चतुर्थी के स्थान पर 22 सितंबर 2025 दिन सोमवार को अग्रसेन जयंती का स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।

सौसर के कांग्रेस विधायक विजय चौरे ने किया स्वेच्छानुदान में भ्रष्टाचार !
गरीबी का कारण देकर स्वयं के निज सहायक ए वं उसके परिवार के नाम पर किया लाखो रूपये का ग़बन !
पांढुर्णा/ सौसर -20 सितंबर 2025– भारतीय जनता पार्टी जिला पांढुर्णा ने आज एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के माध्यम से सौसर के कांग्रेस विधायक विजय चौरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी स्वेच्छानुदान राशि में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का खुलासा किया है।
पत्रकार वार्ता को प्रमुख रूप से संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पांढुर्णा जिला अध्यक्ष संदीप मोहोड़ , भारतीय जनता पार्टी छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष श्री शेषराव यादव , प्रदेश प्रवक्ता अजय धवले , पूर्व जिलाध्यक्ष श्री नरेंद्र परमार, युवा नेता राहुल मोहोड़ ने बताया कि विधायक विजय चौरे ने अपनी स्वेच्छानुदान निधि का दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपए अपने निजी सहायक (PA) चंद्रशेखर गणोरकर , निज सहायक की पत्नी , भाई एवं अन्य परिवार के सदस्यों के खातों में नाम बदल -बदलकर आवंटित करवाए हैं। इसके अलावा कई भुगतान आयकर दाता दुकानदारों के खाते में भी कराए है। जो नियम विरुद्ध है। विधायक ने सीमेंट, मोबाईल, खाद बीज से लेकर कई दुकानदारों को भुगतान किया हैं। वहीं कुछ भुगतान मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के अन्य जिलों के लोगों के खातों में भी किया गया है।
विधायक चौरे ने स्वेच्छानुदान निधि का उपयोग जनसेवा के बजाय अपने निजी सहायक और उनके परिवार के सदस्यों को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए किया है।
वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता एवं पूर्व उपसरपंच मुन्ना कलाम द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से यह खुलासा हुआ है कि 11 अप्रैल 2023 से 06 मार्च 2025 के बीच, विधायक की अनुशंसा पर उनके निजी सहायक और उनके परिजनों को कुल 17.50 लाख रूपये की स्वेच्छानुदान राशि आवंटित की गई। विधायक की अनुशंसा में यह दर्शाया गया था कि यह राशि चंद्रशेखर गणोरकर और उनके परिवार को गरीबी के कारण दी गई है, जबकि यह एक सफेद झूठ है। हमारे पास मौजूद दस्तावेज़ों के अनुसार, चंद्रशेखर गणोरकर नगर पालिका परिषद, सौसर में मस्टर रोल कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें प्रतिमाह 11,721 रूपये का वेतन मिलता है। यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है कि विधायक ने गरीबी का झूठा बहाना बनाकर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया है। यह राशि कई अलग-अलग किश्तों में और नामों को बदलकर दी गई, जिससे इस पूरे लेन-देन पर संदेह गहराता है। इतनी कम अवधि में चंद्रशेखर गणोरकर के नाम पर 18 बार में 4.00 लाख चंद्रशेखर अशोक (नाम बदलकर) 15 बार में 2.85 लाख नीलिमा चंद्रशेखर के नाम पर 15 बार में 2.65 लाख नीलिमा गणोरकर (नाम बदलकर)26 बार में 4.80 लाख अनिल गणोकर के नाम पर 22 बार में 3.20 लाख इस प्रकार कुल 17.50 लाख का फ़र्जीवाडा किया ।
स्वेच्छानुदान में भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु:
निजी सहायक और परिवार को अनुचित लाभ : RTI से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, विधायक विजय चौरे ने अपने निजी सहायक चंद्रशेखर गणोरकर के साथ-साथ उनकी पत्नी नीलिमा गणोरकर और भाई अनिल गणोरकर के खातों में स्वेच्छानुदान की राशि आवंटित की।
नाम बदलकर राशि का आवंटन: भाजपा ने इस बात पर विशेष रूप से ध्यान दिलाया है कि विधायक के निजी सहायक को ‘चंद्रशेखर गणोरकर’ और ‘चंद्रशेखर अशोक’ जैसे अलग-अलग नामों से राशि दी गई। इसी तरह, उनकी पत्नी को ‘नीलिमा गणोरकर’ और ‘नीलिमा चंद्रशेखर’ के नाम से राशि आवंटित की गई, जिससे यह साफ होता है कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता का अभाव था।
पद का दुरूपयोग कर भ्रष्टाचार : कांग्रेस विधायक विजय चौरे का यह यह स्पष्ट रूप से एक भ्रष्ट आचरण है और विधायक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने निजी सहायक को अनुचित लाभ पहुंचाया। हमें इस बात का भी अंदेशा है कि यह राशि घूम फिरकर वापस विधायक विजय चौरे के पास ही आई है और उन्होंने इसका उपयोग निजी हित के लिए किया है।
दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर स्पष्ट रूप से यह पूरा प्रकरण एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का भ्रष्ट आचरण है , भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा अन्य प्रचलित कानूनों के प्रावधानों के तहत यह एक दंडनीय अपराध है।
हम इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय ,लोकायुक्त , पुलिस विभाग सहित सभी उचित मंचों पर शिकायतें दर्ज करेंगे एवं एक निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग करेंगे । आज जो खुलासा किया गया है वह इस संगठित अपराध का सिर्फ पहला हिस्सा है। सूचना के अधिकार से प्राप्त अन्य जानकारी और बैंकिंग लेन-देन के दस्तावेज़ों का गहन अध्ययन जारी है, जिसके आधार पर जल्द ही इस मामले की अगली कड़ी का खुलासा भी किया जाएगा।
हम सभी जांच एजेंसियों से भी मांग करते हैं कि वे गणोरकर परिवार के सभी बैंक लेन-देन की गहनता से जांच करें और मनी ट्रेल को ट्रेस करें ताकि इस भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचा जा सके।
पत्रकार वार्ता का संचालन जिला उपाध्यक्ष सदन साहू ने किया। इस अवसर पर छिंदवाड़ा जिला महामंत्री विजय पांडे, पांढुर्णा जिला महामंत्री देवेंद्र गायकवाड़ , वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामकृष्ण वाकोडे , नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इंदरचंद डागा , वरिष्ठ नेता हरीश बत्रा , मुन्ना कलाम, मंडल अध्यक्ष दर्शन झाड़े, प्रभाकर बोबडे , सदानंद डोंगरे श्री नामदेव पाल मंचासीन रहे











ग्राम रिधोरा में पूर्व विधायक श्री अजय चौरे जी के निज निवास पर गोकुल अष्टमी (गोपाल काला) कार्यक्रम का आयोजन परंपरागत रूप से इस वर्ष भी श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। यह आयोजन पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से निरंतर जारी है और क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं का अहम हिस्सा बन चुका है।
कार्यक्रम में समाजसेवी, पत्रकारगण, राजनैतिक क्षेत्र से विशिष्ट अतिथि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही। सभी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को भक्ति भाव और सामाजिक समरसता के साथ मनाया।
गोपाळकाला प्रसाद वितरण के साथ भजन, कीर्तन और श्रीकृष्ण लीला के कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आयोजन की सराहना करते हुए सभी अतिथियों ने इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के संयोजक श्री अजय चौरे जी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है और युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ता है।









