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आंध्रप्रदेश, बिहार ने उठाई विशेष दर्जे की मांग, पीएम मोदी ने दिया आश्वासन

आंध्रप्रदेश, बिहार ने उठाई विशेष दर्जे की मांग, पीएम मोदी ने दिया आश्वासन

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीति आयोग की बैठक में आंध्रप्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को विशेष दर्जा प्रदान करने की मांग पर कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के बंटवारे के समय तय किए गए वैधानिक प्रावधानों को अक्षरश: पालन करने को प्रतिबद्ध है. नीति आयोग की प्रबंध समिति की चौथी बैठक के बाद संवददाताओं को बैठक की जानकारी देते हुए आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ राज्यों द्वारा विशेष दर्जा की मांग पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया.

आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को विशेष केटेगरी का दर्जा प्रदान करने की अपनी लंबित मांग का मुद्दा उठाया जिसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समर्थन दिया. इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें वैधानिक प्रावधानों का पालन करने का आश्वासन दिया.

राजीव कुमार ने बताया, “कुछ राज्यों ने विशेष दर्जा का मुद्दा उठाया. बातचीत वैधानिक प्रावधानों पर केंद्रित थी, जोकि राज्यों के बंटवारे के समय तय किए गए थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार उन प्रावधानों का अनुपालन अक्षरश: करने को प्रतिबद्ध है.”

Nitish kumar

राजीव कुमार ने कहा, “विस्तृत योजना तैयार की जा रही है और एमएसपी 1.5 गुना बढ़ाने के प्रधानमंत्री के वादे को पूरा करने के लिए राज्यों को कई विकल्प प्रदान किए जाएंगे.”

कुमार ने कहा कि नीति आयोग (पूर्व में योजना आयोग) के अध्यक्ष प्रधानमंत्री ने किसानों के मसलों की जांच-पड़ताल के लिए एक समिति का गठन करने का निर्देश दिया है. नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने बताया कि विचार-विमर्श के दौरान राज्यों को अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लक्ष्य तय करने का सुझाव भी दिया गया.

विपक्ष ने की मांग- 50 फीसदी चुनाव EVM और आधा बैलेट पेपर से हो

विपक्ष ने की मांग- 50 फीसदी चुनाव EVM और आधा बैलेट पेपर से होनई दिल्ली : विपक्षी दलों ने हाल ही में उपचुनावों के दौरान ईवीएम में कथित गड़बड़ी के हवाले से आधा चुनाव ईवीएम से और आधा मतपत्र से कराने की मांग उठाई है. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलामनबी आजाद की अगुवाई में विपक्षी दल के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आज शाम चुनाव आयोग से यह मांग करेगा.

चुनाव आयोग के समक्ष मुद्दा उठाएगा विपक्ष

आजाद की अध्यक्षता में आज जनता दल यू, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल के नेताओं की बैठक में ईवीएम की गड़बड़ी के मुद्दे को एकजुट होकर चुनाव आयोग के समक्ष उठाने का निर्णय किया गया. बैठक में मौजूद एक नेता ने बताया कि इस साल के अंत तक गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की आधी सीटों पर ईवीएम से और आधी सीटों पर मतपत्र से मतदान कराने की आयोग से मांग करने पर बैठक में सहमति बनी है.

ईवीएम से छेड़छाड़ का विपक्ष का है आरोप

ऐसा होने पर ईवीएम में छेड़छाड़ की लगातार बढ़ रही शिकायतों से समूची निर्वाचन प्रणाली पर उठ रही शंकाओं का भी निराकरण हो सकेगा और मशीनों में छेड़छाड़ नहीं हो सकने के चुनाव आयोग के दावे की पुष्टि हो जायेगी. विपक्षी दल एकजुट होकर भविष्य में होने वाले सभी चुनावों में पेपर ट्रेल मशीन (वीवीपीएटी) से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं. जबकि कांग्रेस ईवीएम में कथित छेड़छाड़ के मद्देजनर मशीन के बजाय मतपत्र के इस्तेमाल पर जोर दे रही है.

विपक्ष के नेता उठाएंगे मु्द्दा

एक नेता ने कहा, ‘इस व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक किसी भी बुनियादी सिद्धांत के उल्लंघन पर तत्काल एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है.’ संसद भवन परिसर स्थित आजाद के कार्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस नेताओं अहमद पटेल, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल और विवेक तनखा के अलावा जदयू नेता अली अनवर अंसारी, तृणमूल नेता सुखेंदु शेखर रॉय, बसपा नेता सतीश मिश्रा और सपा नेता नीरज शेखर मौजूद थे. राकांपा नेता मजीद मेमन, माकपा नेता डी राजा और राजद नेता जे पी नारायण यादव भी बैठक में मौजूद थे. सभी नेताओं ने इस मुद्दे को मजबूती से चुनाव आयोग के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है.

EVM को बलि का बकरा न बनाएं, बैलेट पेपर को वापस लाने का सवाल ही नहीं : चुनाव आयोग

EVM को बलि का बकरा न बनाएं, बैलेट पेपर को वापस लाने का सवाल ही नहीं : चुनाव आयोग

कोलकाता : देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने चुनावों के लिए बैलेट पेपर को वापस लाने की सभी संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि ईवीएम को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, क्योंकि मशीनें बोल नहीं सकतीं और राजनीतिक दलों को अपनी हार के लिए किसी न किसी को जिम्मदार ठहराने की जरूरत होती है. मर्चेट्स चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘निर्वाचन ईमानदारी और चुनावों में धन की भूमिका’ पर आयोजित एक इंटरएक्टिव सत्र में यहां रावत ने कहा, “प्रणाली की ईमानदारी के बारे में वास्तव में कुछ भी नहीं है, हालांकि जब भी इस मुद्दे पर सवाल उठते हैं, हम स्पष्टीकरण देते हैं.”

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पिछली जुलाई को सर्वदलीय बैठक में घोषित किया था कि आगे से सभी चुनाव वोटर वेरिफियेबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीनों के साथ ईवीएम का प्रयोग करके किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए ईवीएम के साथ वीवीपैट का प्रयोग भी किया जाएगा.

रावत ने कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम को आसानी से बलि का बकरा बना दिया जाता है, क्योंकि वह बोल नहीं सकती और राजनीतिक दलों को अपनी हार का ठीकरा फोड़ने के लिए किसी न किसी चीज की जरूरत होती है.

 

 

 

 

युवाओं को पसंद आएगी वीरे दी वेडिंग, बेहतरीन कास्टिंग

 फिल्म वीरे दी वेडिंग का पोस्टर

फिल्म का नाम: वीरे दी वेडिंग

डायरेक्टर: शशांक घोष

स्टार कास्ट: करीना कपूर खान, सोनम कपूर, शिखा तलसानिया, स्वरा भास्कर, सुमीत व्यास, नीना गुप्ता

अवधि: 2 घंटा 5 मिनट

सर्टिफिकेट: A

रेटिंग: 3 स्टार

डायरेक्टर शशांक घोष ने फिल्म वैसा भी होता है- 2, क्विक गन मुरुगन, मुंबई कटिंग, खूबसूरत फिल्में डायरेक्ट की हैं. अब उन्होंने करीना कपूर खान, सोनम कपूर, शिखा तलसानिया, स्वरा भास्कर के साथ एक एडल्ट कॉमेडी ड्रामा बनायी है.  कैसी है ये फिल्म आइए समीक्षा करते हैं.

कहानी

फिल्म की कहानी दिल्ली के एक ही स्कूल में पढ़ने वाली चार लड़कियों से शुरू होती है. स्कूल से निकलने के 10 साल बाद चारों दोस्त यानि अवनी (सोनम कपूर), साक्षी सोनी (स्वरा भास्कर), मीरा (शिखा तलसानिया) और कालिंदी पुरी (करीना कपूर खान) अलग-अलग स्थिति में होती हैं. साक्षी सोनी ने शादी तो कर ली लेकिन लंदन जाकर अपने पति विनीत से तलाक लेकर वापस दिल्ली आ जाती है. वहीं मीरा अपने पिता की मंजूरी के बिना अमेरिका के रहने वाले जॉन से शादी कर लेती है जिनका बेटा कबीर होता है. तीसरी तरफ दिल्ली में ही रहकर अवनी ने वकालत की पढ़ाई की और मैट्रिमोनियल वकील बन गई हैं. वहीं कालिंदी की ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान ऋषभ (सुमित व्यास) से मुलाकात होती है और दोनों शादी का प्लान करते हैं. इसके लिए वे ऑस्ट्रेलिया से दिल्ली चले आते हैं. जब कालिंदी की शादी की खबर उसकी तीनों दोस्तों को मिलती है तो वे दिल्ली आकर एक साथ कालिंदी की शादी में शरीक होने के लिए तैयार होती है. इन चारों दोस्तों की जिंदगी में तरह-तरह के उतार चढ़ाव देखने को मिलते हैं. जब ये चारों दोस्त एक साथ कालिंदी की शादी के लिए मिलते हैं तो बहुत सारी कहानियां सामने आती हैं. कई मोड़ भी दिखाई देते हैं और आखिर में एक रिजल्ट निकलता है जिसे जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

वीरे दी वेडिंग पाकिस्तान में बैन, डायलॉग्स को बताया आपत्त‍िजनक

जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं

फिल्म की कहानी चार दोस्तों की है जो आधुनिक युग में जिंदगी को पूरी तरह से जीने की कोशिश करते हैं. फिल्म की लिखावट बढ़िया है साथ ही साथ जिस तरह से कहानी आगे बढ़ती है पता ही नहीं चलता है कि इंटरवल कब आ गया. करीना कपूर खान, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर और शिखा तलसानिया पूरी तरह से अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं. करीना होने वाली बहू के रूप में नजर आती हैं. फिल्म में कई ऐसे वन लाइनर्स हैं जो आपको हंसने पर मजबूर करते हैं. वही डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी, लोकेशन आर्ट के साथ कास्टिंग भी बेहतरीन है. फिल्म में बोले जाने वाला लहजा ज्यादातर एडल्ट है जिसकी वजह से फिल्म को एडल्ट सर्टिफिकेट मिला है.

कमजोर कड़ियां

फिल्म का सेकंड हाफ काफी धीरे धीरे चलता है और कई जगह ऐसे भी पल आते हैं जब लगता है कि कहानी खत्म हो जानी चाहिए थी. पर ऐसा हो नहीं पाता, तो कह सकते हैं कि फिल्म की एडिटिंग साफ होनी बहुत जरूरी थी. ”तेरी पप्पी ले लूं” वाले गीत के अलावा कोई भी गाना फिल्मांकन के दौरान आकर्षित कर पाने में असमर्थ दिखाई देता है. फिल्म का अंत और बेहतर हो सकता था खासतौर से क्लाइमैक्स का पार्ट.

नाइट क्लब में करीना-सोनम का गर्ल गैंग, देखें Veere Veere वीडियो

बॉक्स ऑफिस

फिल्म का बजट लगभग 30 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. ट्रेड पंडितों की मानें तो इस फिल्म को एक अच्छा वीकेंड मिलने की संभावना है. हालांकि एडल्ट सर्टिफिकेट होने के कारण एक खास तरह का तबका फिल्म को देख पाने में असमर्थ होने वाला है.

कॉमेडियन भारती का खुलासा, ‘मां नहीं चाहती थीं मैं दुनिया में आऊं’

कॉमेडियन भारती का खुलासा, 'मां नहीं चाहती थीं मैं दुनिया में आऊं'

भारती ने ये चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा, ”उस वक्त हमारी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी. इसलिए मेरी मां मुझे जन्म नहीं देना चाहती थीं. वे अबॉर्शन कराना चाहती थीं. हालांकि उन्होंने ऐसा नहीं किया और आज उन्हें मुझ पर गर्व है.”कॉमेडियन भारती का खुलासा, 'मां नहीं चाहती थीं मैं दुनिया में आऊं'

भारती ने कहा, ”मुझे याद है एक बार मेरी परफॉर्मेंस से पहले मेरी मां ICU में भर्ती हुई थीं और मैं परफॉर्म नहीं करना चाहती थी. तब मेरी मां ने मुझे हौसला दिया. आश्वस्त किया कि मैं अपना बेस्ट करूं. जैसा कि मैंने किया भी.’कॉमेडियन भारती का खुलासा, 'मां नहीं चाहती थीं मैं दुनिया में आऊं'

राशिफल 01 June: वृष के सोचे हुए कुछ काम पूरे होंगे, मिथुन को बिजनेस में अचानक धन लाभ के योग

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नई दिल्ली: नक्षत्र अपनी चाल हर समय बदलते हैं. इन नक्षत्रों का हमारे जीवन पर भी बहुत प्रभाव पड़ता है. ज्योतिष विज्ञान के अनुसार कौन सा ग्रह और नक्षत्र आपकी कुंडली के कौन से घर में जा रहा है, इसके मुताबिक आपका जीवन प्रभावित होता है. ग्रहों की रोज बदलती चाल के कारण ही हमारा रोज का दिन भी अलग होता है. कभी हमें सफलता मिलती है तो कभी दिन सामान्य गुजरता है. तो आपका आज का दिन कैसा रहेगा ये जानिए हमारे इस राशिफल में…

मेष – व्यापारियों के लिए समय ठीक नहीं है. किसी को उधार पैसा देने से बचें. कोई पुराना उधार आपको टेंशन दे सकता है. नौकरीपेशा लोग संभलकर रहें. ऑफिस में परेशानी हो सकती है. किसी बात का टेंशन हो सकता है. किसी से विवाद भी हो सकता है. मानसिक तनाव बढ़ेगा. पार्टनर की किसी बात पर मूड खराब हो सकता है. मौसमी बीमारियों से बचें. खाने-पीने का खास ध्यान रखें.

वृष – सोचे हुए कुछ काम पूरे हो जाएंगे. अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. आपके सोचने के तरीके में सकारात्मक बदलाव हो सकता है. संतान से सहयोग मिलेगा. अपनी प्लानिंग को मेहनत से पूरा करेंगे और उसका फायदा भी आपको मिल सकता है. दोस्तों और भाइयों से सहयोग मिल सकता है. पार्टनर से प्रेम और सहयोग कम ही मिलेगा.

मिथुन – बिजनेस में अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं. पार्टनर से आपको सहयोग मिल सकता है. पार्टनर का सुझाव आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है.आपको अचानक धन लाभ हो सकता है. फंसा हुआ पैसा भी वापस मिल सकता है. आपको कुछ अच्छे मौके मिल सकते हैं. अच्छा और मीठा बोलकर आप अपने काम पूरे करवा लेंगे. सेहत को लेकर टेंशन बढ़ सकती है. भोजन में सावधानी रखें.

कर्क – कार्यस्थल पर वातावरण आपके हिसाब का नहीं होने से मूड खराब होगा. लव लाइफ की अनबन में कोई फैसला नहीं कर पाएंगे. रोजमर्रा के कामों की परेशानियां बनी रह सकती है. आपके वो काम भी पूरे नहीं हो पाएंगे जिनकी प्लानिंग आपने कर रखी थी. विवाद और प्रतिस्पर्धा से बचने की कोशिश करें. किसी पर डिपेंड न रहें. सेहत संबंधी उतार-चढ़ाव भी आ सकते हैं.

सिंह – आपका कॉन्फिडेंस बढ़ा हुआ रहेगा. आज आप लोगों को भी प्रभावित करेंगे. आपके सोचने का तरीका लोगों को पसंद आएगा. आपकी दी गई सलाह से लोगों को फायदा होगा. किसी अच्छी खबर का इंतजार आपको रहेगा. लव लाइफ के लिए दिन सामान्य है. पार्टनर आपकी भावना समझेगा. जोड़ों का दर्द भी आपको परेशान कर सकता है.

कन्या – परिवार की मदद मिल सकती है. आपकी मानसिक संतुलित रहेगी और इससे आपके पारिवारिक जीवन में भी खुशी मिल सकती है. काम पूरे हो सकते हैं. आज आपको करियर और निवेश के क्षेत्रों में कुछ नए और शानदार मौके भी मिल सकते हैं. पैसों की और परिवार की स्थिति पर आपको पूरा ध्यान देना चाहिए. सेहत में भी सुधार हो सकता है. बहुत दिनों से चली आ रही सेहत संबंधी परेशानी में राहत मिल सकती है.

तुला – आपको मेहनत से सफलता मिलेगी. आपकी इच्छाएं पूरी भी हो जाएंगी. प्रमोशन मिलने के पूरे चांस भी बन रहे हैं. किसी भी तरह का मौका न जाने दें. आप जिस काम में हाथ डालेंगे, उसमें आपको जरूरी मदद मिलती जाएगी. आप लोगों से अपने काम निकलवाने में बहुत हद तक सफल रहेंगे. दिन अच्छे से बीतेगा. आज आपकी सेहत सामान्य रहेगी.

वृश्चिक – पैसों के मामलों में नुकसान हो सकता है. कुछ कानूनी मामलों में आप उलझ सकते हैं. समय का ध्यान रखें. कुछ खास कामों आपको ज्यादा ही मेहनत करनी पड़ सकती है. आज अचानक होने वाले किसी घटनाक्रम पर आप तुरंत कोई फैसला लेने से भी बचें. आपकी सेहत सामान्य रहेगी. थोड़ी थकान भी हो सकती है.

धनु – शेयर मार्केट में सोच-समझकर निवेश करें. आज आप बॉस के साथ अपने संबंधों को लेकर थोड़े सावधान रहें. जो लोग आपके करियर के लिए महत्वपूर्ण हैं, वे आज आपको थोड़ा परेशान भी कर सकते हैं. आपको अपनी बात रखने का अवसर थोड़े समय बाद मिलेगा. कोई खास काम पूरा होने की उम्मीद थी, आज वो पूरा न हो तो तनाव में न आएं. आज आपको थोड़ा धैर्य रखना चाहिए. शांति से दिन निकाल लें. आपकी सेहत सामान्य रहेगी.

मकर – आपको नुकसान हो सकता है. दिखावे और आडंबर से दूर रहें. परिवार में आर्थिक स्थिति को लेकर कुछ बहस हो सकती है. एक्स्ट्रा जिम्मेदारी मिल सकती है. आज आपको पैसों के मामले में सावधान और चौकन्ना रहना होगा, वरना बड़ा नुकसान हो सकता है.आप थोड़े परेशान भी रहेंगे. पार्टनर के व्यवहार से दुखी हो सकते हैं. सेहत के लिहाज से सितारे कमजोर रहेंगे.

कुंभ – करियर संबंधी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है. दुश्मनों पर आप हावी रहेंगे. पुराने विवाद भी सुलझाने की कोशिश करेंगे और स्थिति अपने फेवर में कर लेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा है. कुछ उलझे हुए मामले सुलझ सकते हैं. आज नए लोगों से मुलाकात होगी. आपको मदद भी मिल सकती है. बिजनेस में कुछ नया करने में सफल भी हो सकते हैं. सेहत के मामले में संभलकर रहें.

मीन – करियर से जुड़े संवेदनशील फैसले लेने में आज आप सावधानी रखें. सोच-समझकर निवेश करें. आज आप कोई खास काम भूल सकते हैं. आपके कामकाज में गलतियां हो सकती हैं. दूसरे लोग भी अपने हिस्से का काम आपको दे सकते हैं.आज आप जरूरत से ज्यादा थक भी सकते हैं. लव लाइफ में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. सेहत पर ध्यान दें, छोटी-छोटी परेशानियां बढ़ सकती हैं.

योगी के नेतृत्व में 5 में 4 उपचुनाव हार चुकी है BJP, 2019 पर क्या होगा असर?

योगी के नेतृत्व में 5 में 4 उपचुनाव हार चुकी है BJP, 2019 पर क्या होगा असर?

 

लखनऊ: 2017 विधानसभा चुनाव में मोदी लहर का असर बरकरार रहा और बीजेपी जबरदस्त बहुमत के साथ सरकार बनाई. लेकिन, एक साल के भीतर बीजेपी हांफती नजर आ रही है. योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में बीजेपी चार उपचुनाव हार चुकी है. योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद उत्तर प्रदेश में तीन लोकसभा और दो विधानसभा उपचुनाव हुए हैं. इनमें से बीजेपी चार उपचुनाव हार गई, जबकि केवल एक विधानसभा चुनाव जीत पाई है. 28 मई को उत्तर प्रदेश में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा के लिए उपचुनाव हुए. दोनों सीटों पर पहले बीजेपी का कब्जा था. अब दोनों सीटें बीजेपी सी छिन चुकी है. नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में सपा के नईमुल हसन ने बीजेपी की प्रत्याशी अवनी सिंह को हराया. जबकि, कैराना लोकसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल की प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने बीजेपी की मृगांका सिंह को भारी मतों से हराया.

सिकंदरा विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की जीत हुई थी

सीएम योगी के सीएम बनने के बाद कानपुर की सिकंदरा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक मथुरा पाल का निधन हो गया. उपचुनाव में उनके बेटे अजित सिंह पाल, बीजेपी प्रत्याशी, ने सपा के सीमा सचान को करीब 12000 वोटों से हराया. उसके बाद सभी चार उपचुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रदेश राजनीति में लौटने के बाद गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ. दोनों सीटों पर सपा की जीत हुई.

गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव से शुरू हुआ हार का सिलसिला

गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ थे. उपचुनाव में बीजेपी ने उपेंद्र दत्त शुक्ल को मैदान में उतारा. सपा ने प्रवीण कुमार निषाद को उनके खिलाफ खड़ा किया. सपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार ने बीजेपी प्रत्याशी को करीब 22000 वोटों से हरा दिया. फूलपुर के सांसद केशव प्रसाद मौर्य थे. उपचुनाव में बीजेपी ने कौशलेंद्र सिंह को मैदान में उतारा. सपा ने उनके खिलाफ नागेंद्र प्रताप सिंह को मैदान में खड़ा किया. सपा प्रत्याशी ने बीजेपी प्रत्याशी को करीब 60 हजार वोटों से हरा दिया.

कैराना और नूरपुर में बीजेपी की बुरी हार

मई 2018 में कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा के लिए उपचुनाव हुए. कैराना में रालोद की तबस्सुम हसन ने बीजेपी की मृगांका सिंह को करीब 55 हजार वोटों से हरा दिया. नूरपुर में सपा के नईमुल हसन ने बीजेपी की अवनी सिंह को करीब 6200 लोटों से हराया. इस चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी ने एड़ी चोटी की जोड़ लगा दी थी.

2019 में होने वाले चुनाव पर दिखेगा असर

2019 लोकसभा चुनाव में बहुत ज्यादा वक्त नहीं रह गया है. अगर बीजेपी को केंद्रीय सत्ता में वापस लौटना है तो उत्तर प्रदेश में उसी जीत को दोहराना होगा, जो 2014 में मिली थी. आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से यह उपचुनाव बहुत अहम है. बीजेपी की आगे की क्या रणनीति होगी यह आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन जिस तरह तमाम विपक्षी दल एक साथ सुर से सुर मिला रहे हैं, वैसी स्थिति में बीजेपी के लिए 2014 को दोहराना आसान नहीं होगा.

 

CWG 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वालीं भारत की वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल

CWG 2018 में गोल्ड मेडल जीतने वालीं भारत की वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल
संजीता चानू ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में 53 किलोग्राम कैटगरी में गोल्ड मेडल जीता था.

नई दिल्लीः राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता वेटलिफ्टर संजीता चानू डोप टेस्ट में फेल हो गईं हैं. राष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (IWF) ने गुरुवार को यह जानकारी दी. इसे घोषणा के बाद से ही संजीता चानू को अपना स्वर्ण पदक वापस करना होगा. इसके साथ ही आईडब्ल्यूएफ ने संजीता चानू को अस्थाई तौर पर सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में भारत द्वारा जीते हुए स्वर्ण पदकों की संख्या भी कम हो जाएगी. भारत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 26 गोल्ड मेडल जीते थे. जिनमें से 5 गोल्ड मेडल वेटलिफ्टिंग में ही जीते थे. इनमें 3 मेडल महिला वेटलिफ्टरों ने जीते थे और 2 मेडल पुरुष वेटलिफ्टरों ने जीते थे. Sanjita Chanu gold

नोएडा पुलिस ने नाबालिग लड़की को 8 दिनों तक थाने में रखा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने DGP से मांगा जवाब

14 मई से 22 मई तक हिरासत में रखी गई नाबालिग. (प्रतीकात्मक फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने दिया मोदी सरकार को निर्देश, ऐसे राज्यों को न करें फंड का आवंटन

निर्मला कुमारी, नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि वो उन राज्यों को फंड का आवंटन न करे, जिन्होंने अभी तक घरेलू नौकरों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक देश में करीब 48 लाख घरेलू नौकर हैं, जिनमें एक बड़ी तादाद करीब 30 लाख की महिलाओं की है. लेकिन, ये असंगठित क्षेत्र अभी तक सामाजिक सुरक्षा कवर के दायरे में ना आ पाने के चलते सामाजिक सुविधाओं से वंचित हैं. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सोशल सिक्योरिटी एक्ट 2008 के तहत घरेलू नौकरों के रजिस्ट्रेशन को लेकर उठाये गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी है. साथ ही कहा है कि ये राज्यों के चीफ सेक्रेटरी और प्रशासनिक विभागों के मुख्य सेक्रेटरी की जिम्मेदारी बनती है कि वो कोर्ट के दिये आदेश के मुताबिक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें.

नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड गठित करने का था आदेश

पिछले साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक्ट के मुताबिक, तीन महीने के अंदर नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड गठित करने का आदेश दिया था. मई 2017 में सरकार ने बोर्ड भी बना दिया. अगस्त 2017 में कोर्ट ने बोर्ड से वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन और उन्हें समाजिक लाभ प्रदान करने को लेकर उठाए गए कदमों के बारे में रिपोर्ट तलब की थी. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को घरेलू नौकरों का सोशल सिक्योरिटी एक्ट 2008 के तहत रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया था.

8 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई

इसी साल फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय श्रम सचिव को फरवरी 2018 से रजिस्ट्रेशन प्रकिया को सुनिश्चित करने का आदेश दिया था साथ ही कहा था कि इन कामगारों को पहचान पत्र और सामाजिक सुविधाओं जा फायदा दिया जाए. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाते हुए केंद्रीय श्रम सचिव से 15 मई तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था. बहरहाल, अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को रजिस्ट्रेशन न करने वाले राज्यों को फंड का आंवटन न करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई अब 8 अगस्त को होगी.