Uncategorized

सफलता की कहानी

पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के अथक प्रयास से हिमांशु को मिली नई जिंदगी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार

पांढुर्णा,

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विशेष प्रयासों से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की विकृति) से पीड़ित 13 वर्षीय हिमांशु धुर्वे का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन मिला है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती अल्का एक्का द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।

ग्राम रायबासा, विकासखंड पांढुर्णा निवासी हिमांशु धुर्वे लंबे समय से रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक उपचार हेतु उसे सिविल अस्पताल पांढुर्णा में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश धाडसे को दिखाया गया, जहां से आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच कर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा के डीआईसी केंद्र भेजा गया। विशेषज्ञ परीक्षण के बाद मरीज को नेक्स्ट ओपिनियन के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया। वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से दिल्ली ले जाना संभव नहीं था।

मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उपलब्ध मद से उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्देशों के पालन में आरबीएसके टीम द्वारा हिमांशु को पाढर अस्पताल, जिला बैतूल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की गई। इसके बाद वेल्लोर (चेन्नई) के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन की तिथि प्राप्त की गई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को हिमांशु को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा सभी आवश्यक जांच सामान्य पाए जाने के बाद 8 जुलाई 2026 को डॉ. केनी डेविड द्वारा स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन का सफल ऑपरेशन किया गया।

वर्तमान में हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उपचार की सफलता पर उसके माता-पिता एवं परिजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले सहयोग एवं समुचित उपचार से उनके पुत्र को नया जीवन मिला है।

Previous ArticleNext Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *