



सौसर। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर धनवंतरी क्लिनिक, सौसर में सावनेर स्थित आदित्य हॉस्पिटल (Aditya Hospital, Saoner) के डॉ. अमित बाहेती की वैवाहिक वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस विशेष अवसर पर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई।

उपस्थित सभी अतिथियों ने डॉ. अमित बाहेती के उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि डॉ. बाहेती वर्षों से क्षेत्रवासियों को समर्पित भाव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर डॉ. आशीष भट्टड़, प्रशांत मानेकर (पिंटू), सुनील जी भांगे एवं संजय राठी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने डॉक्टर्स डे एवं वैवाहिक वर्षगांठ की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. अमित बाहेती के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर जनसेवा की कामना की।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ, जहां सभी ने इस अवसर को यादगार बनाते हुए डॉ. अमित बाहेती के साथ खुशियां साझा कीं।












सौंसर। बालाघाट के बहुचर्चित चावल घोटाले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सौंसर के बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र स्थित एवीजे एग्रीको प्राइवेट लिमिटेड (एथेनॉल प्लांट) से जुड़े दो प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 28 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में राहुल प्रताप और राकेश श्रीवास शामिल हैं। दोनों पर एफसीआई द्वारा एथेनॉल उत्पादन के लिए भेजे गए चावल की खेप में कथित अनियमितताओं और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
मामला करीब 4 करोड़ रुपये मूल्य के 16,500 क्विंटल चावल से जुड़ा है, जिसे अप्रैल से जून के बीच 44 ट्रकों के माध्यम से एथेनॉल उत्पादन के लिए भेजा गया था। जांच में सामने आया कि यह चावल अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। आशंका जताई जा रही है कि परिवहन और वितरण के दौरान संगठित तरीके से चावल की हेराफेरी की गई।
पुलिस और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि चावल आखिर किन स्थानों पर भेजा गया, परिवहन व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा था और दस्तावेजी रिकॉर्ड तथा वास्तविक परिवहन में इतना बड़ा अंतर कैसे आया।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां परिवहन से जुड़े दस्तावेज, ट्रक संचालन, जीपीएस रिकॉर्ड और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में कई अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
