











पांढुर्णा | 4 अगस्त 2026
जामसांवली हनुमान लोक परिसर में प्रस्तावित दुकानों की नीलामी को लेकर वर्षों से व्यापार कर रहे स्थानीय दुकानदारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। दुकानदारों ने अपनी आजीविका पर संकट बताते हुए प्रशासन से नीलामी प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की।
सोमवार को बड़ी संख्या में दुकानदारों ने एकत्र होकर अपनी समस्याएं विधायक विजय चौरे के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर में छोटे-छोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि दुकानों की खुली नीलामी होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर स्थानीय दुकानदार प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे और उनकी रोजी-रोटी छिन सकती है।
विधायक ने दुकानदारों की बात सुनने के बाद प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ उन लोगों के अधिकारों और आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, जो वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं।
दुकानदारों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि नीलामी प्रक्रिया में स्थानीय दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाए तथा पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि जामसांवली धाम में हनुमान लोक परियोजना के तहत बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इसी क्रम में दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन और नीलामी को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।



पांढुर्णा | 4 अगस्त 2026
जामसांवली हनुमान लोक परिसर में प्रस्तावित दुकानों की नीलामी को लेकर वर्षों से व्यापार कर रहे स्थानीय दुकानदारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। दुकानदारों ने अपनी आजीविका पर संकट बताते हुए प्रशासन से नीलामी प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने की मांग की।
सोमवार को बड़ी संख्या में दुकानदारों ने एकत्र होकर अपनी समस्याएं विधायक विजय चौरे के समक्ष रखीं। उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से मंदिर परिसर में छोटे-छोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि दुकानों की खुली नीलामी होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर स्थानीय दुकानदार प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे और उनकी रोजी-रोटी छिन सकती है।
विधायक ने दुकानदारों की बात सुनने के बाद प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ उन लोगों के अधिकारों और आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, जो वर्षों से मंदिर परिसर से जुड़े हुए हैं।
दुकानदारों ने कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि नीलामी प्रक्रिया में स्थानीय दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाए तथा पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गौरतलब है कि जामसांवली धाम में हनुमान लोक परियोजना के तहत बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित हो रही हैं। इसी क्रम में दुकानों के पुनर्व्यवस्थापन और नीलामी को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।




लातूर पॅटर्न पुन्हा एकदा ठरला बावन्नकशी सोनं
श्री विद्या आराधना अकॅडमीचा गुणवंत गौरव सोहळा उत्साहात संपन्न
लातूर: ‘लातूर पॅटर्न’बद्दल अनेक उलटसुलट चर्चा आणि बदनामीचे प्रयत्न झाले, मात्र लातूरकरांनी आपल्या अभेद्य गुणवत्तेच्या जोरावर या टीकेला चोख प्रत्युत्तर दिले आहे. लातूर पॅटर्न हे आजही बावन्नकशी सोनं असल्याचे सिद्ध करत, येथील नामांकित ‘श्री विद्या आराधना अकॅडमी’ने रि-नीट २०२६ आणि जेईई परीक्षेत उल्लेखनीय यश मिळवणाऱ्या गुणवंतांचा भव्य सत्कार सोहळा आयोजित केला होता.
शहरातील थोरेमोटे लान्स येथे रविवार, दि. २६ जुलै रोजी आयोजित या कार्यक्रमात जवळपास ३००० विद्यार्थी आणि पालकांची उपस्थिती होती. उत्साहाच्या वातावरणात पार पडलेल्या या सोहळ्यात अकॅडमीच्या यशाचा आलेख उंचावल्याचे दिसून आले. कार्यक्रमाची सुरुवात गुणवंतांच्या जंगी स्वागताने झाली. या सोहळ्यात गुणवंत विद्यार्थ्यांचा रोपटे, रोख बक्षीस आणि सन्मानचिन्ह देऊन पालकांसह गौरव करण्यात आला. यावेळी सत्कारमूर्ती विद्यार्थ्यांनी आपल्या यशाचे श्रेय श्री विद्या आराधना अकॅडमीचे व्यवस्थापन आणि येथील तज्ज्ञ शिक्षकांना दिले. पालकांनीही आपल्या भावना व्यक्त करत, अकॅडमीच्या शिस्तबद्ध व दर्जेदार शिक्षण पद्धतीबद्दल समाधान व्यक्त केले. समाजातील पत्रकार बंधूंचाही यावेळी विशेष सन्मान करण्यात आला. शिस्त, गुणवत्ता आणि विद्यार्थ्यांच्या सर्वांगीण विकासाचा ध्यास घेतलेल्या श्री विद्या आराधना अकॅडमीचा हा सोहळा उपस्थितांसाठी प्रेरणादायी ठरला.
—-चौकट—–
अकॅडमीचे संचालक प्रा. सतीश पवार यांनी संस्थेच्या प्रवासावर प्रकाश टाकला. ते म्हणाले की, पाच वर्षांपूर्वी स्थापन झालेली ही अकॅडमी केवळ व्यवसायासाठी नसून, गुणवत्तापूर्ण शिक्षणासाठी कटिबद्ध आहे. यंदाच्या कठीण परिस्थितीतही अकॅडमीचे ३२५ विद्यार्थी एमबीबीएससाठी, तर २५० ते ३०० विद्यार्थी नामांकित अभियांत्रिकी महाविद्यालयांत प्रवेश मिळवणार आहेत, ही बाब अत्यंत अभिमानास्पद आहे. ‘अकॅडमीत येणाऱ्या प्रत्येक विद्यार्थ्याला उत्तम निकालाची हमी,’ असे आश्वासनही त्यांनी यावेळी दिले.
——-चौकट——
संचालक संजय लड्डा यांनी विद्यार्थ्यांच्या मेहनतीचे कौतुक करतानाच त्यांना भावी आयुष्यासाठी मौलिक मार्गदर्शन केले. लड्डा म्हणाले, “विद्यार्थ्यांनी दिवस-रात्र मेहनत करून यश मिळवले आहे. यश मिळवताना ध्येयासोबतच एक निश्चित उद्दिष्ट (Purpose) ठेवा. गुणवत्तेसोबतच नीतिमत्ता जोपासल्यास समाजातून आदराची भावना मिळते. आम्ही विद्यार्थ्यांच्या विश्वासाला कधीही तडा जाऊ देणार नाही.” त्यांनी लातूर पॅटर्नची बदनामी करणाऱ्यांना खडेबोल सुनावताना, गुणवत्तेच्या जोरावर लातूरचे नाव पुन्हा एकदा देशपातळीवर नेण्याचा निर्धार व्यक्त केला.





