ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित हुई महाराष्ट्र परिवहन की बस, 12 यात्री घायल

पांढुर्णा/सौसर। सोमवार सुबह महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की एक यात्री बस बंजारी घाट क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस के ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में 12 यात्री घायल हो गए, जिनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना पांढुर्णा सीमा से लगे सवरनी और भिटनी घाट के बीच हुई। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।

सूचना मिलते ही पुलिस, डायल-112 और एम्बुलेंस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। घायलों को तत्काल उपचार के लिए सौसर, सौंसर एवं बिछुआ क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल छह यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज हेतु नागपुर रेफर किया गया है।

बस क्रमांक MH-40 Y-5241 बिछुआ से नागपुर की ओर जा रही थी। बस कंडक्टर के अनुसार अचानक ब्रेक फेल होने से चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

लोधीखेड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बावजूद किसी यात्री की मृत्यु की सूचना नहीं मिली है।

स्थानीय नागरिकों ने घाट क्षेत्र में सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा परिवहन वाहनों की नियमित तकनीकी जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

प्राकृतिक खेती अपनाने किसानों को किया प्रेरित, प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का हुआ आयोजन

जीवामृत, घन जीवामृत एवं प्राकृतिक कीटनाशकों के निर्माण की दी गई विस्तृत जानकारी.                     
विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मध्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत रमाकोना, विकासखंड सौसर, जिला पांढुर्णा में शनिवार को प्राकृतिक खेती कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, मास्टर ट्रेनरों एवं प्रगतिशील किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यशाला के प्रारंभ में जेडएआरएस (ZARS) छिंदवाड़ा के वैज्ञानिक डॉ. गौरव महाजन ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, मिट्टी परीक्षण तथा संतुलित उर्वरकों के उपयोग के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि जिला भाजपा अध्यक्ष श्री संदीप भाऊ मोहोड़ ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से संबंधित शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में जिला प्राकृतिक खेती संयोजक श्री राजेंद्र भक्ते ने प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती के महत्व तथा देशी गाय आधारित कृषि प्रणाली पर प्रकाश डाला। वहीं श्री मोरेश्वर मर्सकोले ने जीवामृत, घन जीवामृत, निर्मास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक खाद एवं कीटनाशकों के निर्माण और उपयोग की संपूर्ण विधि विस्तार से बताई तथा प्राकृतिक खेती के उद्देश्यों पर चर्चा की।

अनुविभागीय अधिकारी कृषि सुश्री अर्चना डोंगरे ने आभार व्यक्त करते हुए किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण एवं कृषि लागत में कमी लाने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जिला किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री विलास खिड़ेकर, जनपद सदस्य श्री गुलाबराव पांडे, मंडल अध्यक्ष भाजपा रमाकोना श्री नामदेव पाल, उपसरपंच श्री संतोष चौधरी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा श्री प्रीतम, अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री खेमराज सोनकर, पंच श्री अब्दुल कलाम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री योगेश भलावी, कृषि विस्तार अधिकारी श्री दिलीप परतेती, श्री सागर डेहरिया, श्री कैलाश धुर्वे, श्री पंकज पराड़कर, श्रीमती दीपिका गायकवाड सहित विभिन्न ग्रामों के प्रगतिशील किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

NH-547 पर पिकअप से गिरे सामान की चपेट में आए बाइक सवार, दो घायल

नागपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-547) पर बजाज जोड़ स्थित ग्रीन पैराडाइस होटल के सामने शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना हुई। जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन क्रमांक MH40N2452 बिछायत (टेंट) का सामान लेकर जा रहा था। इसी दौरान वाहन पर रखा सामान अचानक गिरकर छिंदवाड़ा से नागपुर जा रहे बाइक सवारों पर जा गिरा।

हादसे में बाइक क्रमांक MH40AU6631 पर सवार दो लोग घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद पिकअप चालक ने बताया कि वाहन मालिक कार लेकर आ रहा है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इसके बाद चालक मौके से चला गया।

प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को आगे के इलाज के लिए नागपुर भेजा गया, जहां वे सुरक्षित पहुंच गए। फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने मालवाहक वाहनों में सामान को सुरक्षित तरीके से बांधने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

अपर कलेक्टर नीलमणि अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई जनसुनवाई

सड़क, अतिक्रमण, सीमांकन, आवास एवं संबल योजना सहित 15 आवेदनों पर हुई सुनवाई

राज्य शासन द्वारा संचालित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार को आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए सुनवाई की जाती है। इसी क्रम में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पांढुर्णा के सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री ने 15 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

विभिन्न राजस्व, आवास एवं मार्ग संबंधी प्रकरणों पर की गई सुनवाई
जनसुनवाई में माया उम्रकर, निवासी खारीवार्ड पांढुर्णा द्वारा आवासीय आबादी पट्टा प्रदान किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया। जगदीश बुवाडे, निवासी नरसला, तहसील एवं जिला पांढुर्णा द्वारा पैतृक भूखंड पर नाम दर्ज किए जाने के संबंध में आवेदन दिया गया। सहसराम चौधरी, संत जलाराम वार्ड पांढुर्णा द्वारा सीमांकन संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया।

श्रीमती सीताबाई पाटील, निवासी बड़चिचोली-15, तहसील पांढुर्णा द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत मकान निर्माण कार्य के लिए पानी तराई की किस्त दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। देवीलाल उईके एवं नंदुलाल उईके, दोनों निवासी ग्राम चिचोली ढाना, पांढुर्णा द्वारा अनावेदिका द्वारा आवासीय मकान में अवैध रूप से आधे हिस्से की मांग कर आवागमन मार्ग में विवाद उत्पन्न किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया।

राजेन्द्र परिहार, निवासी ग्राम ढोलनखापा, रा.प.ह.नं. 27, पोस्ट लेंढोरी, तहसील एवं जिला पांढुर्णा द्वारा पटवारी द्वारा गलत सीमांकन किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया। कैलाश पराडकर एवं अनिल पराडकर, दोनों निवासी ग्राम मोरडोंगरी, तहसील एवं जिला पांढुर्णा द्वारा अनावेदकगणों द्वारा ग्राम मौजा मोरडोंगरी, प.ह.नं. 62, खसरा नंबर 550/2 एवं 550/2/1 से लगी आवेदक की आवागमन भूमि का अवैध उत्खनन कर मार्ग विलुप्त किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया गया।

जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा एवं सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक, प्रभारी जनपद पंचायत सीईओ पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों पर सुनवाई कर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

कोरोना काल में शुरू हुई रक्तदान मुहिम, आज सैकड़ों जरूरतमंदों के लिए बनी जीवनदायिनी

15 अगस्त 2020 से युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन कर रही रक्तदान शिविरों का आयोजन

मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन द्वारा 15 अगस्त 2020 से रक्तदान अभियान की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सरकारी अस्पताल सौसर एवं जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में रक्तदाताओं की कमी के कारण रक्त संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

कोरोना के विपरीत परिस्थितियों में अधिकांश युवा रक्तदान के लिए आगे नहीं आ रहे थे। ऐसे समय में युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन ने जिले एवं सिविल अस्पताल सौसर में रक्त समूहों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रक्तदान शिविरों का आयोजन प्रारंभ किया।

जब जिला अस्पताल में रक्त की कमी की स्थिति बनी, तब बीएमओ श्री एन.के. शास्त्री द्वारा संस्था के सदस्यों से रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग की अपेक्षा की गई। इसके बाद संस्था द्वारा रक्तदान शिविरों की पहल शुरू की गई, जिसके माध्यम से जनजागरूकता फैलाने के साथ-साथ सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में भी रक्तदान शिविर आयोजित करने का संदेश दिया जाने लगा।

25 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 955 से अधिक मरीजों को मिला लाभ, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में दर्ज हुआ नाम

युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन द्वारा अब तक 25 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा चुका है तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग डेढ़ हजार लोगों तक सहायता पहुंचाई गई है। संस्था के माध्यम से लगभग 955 से अधिक मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग किया गया है।

सौसर क्षेत्र एवं आसपास के अनेक रक्तवीरों ने आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों तक पहुंचकर रक्तदान कर सेवा प्रदान की है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं दुर्घटना के मामलों में रक्त की आवश्यकता होने पर संस्था के सदस्य सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इस कार्य में सरकारी अस्पताल सौसर एवं जिला अस्पताल की टीम द्वारा भी निरंतर सहयोग प्रदान किया जाता रहा है।

संस्था द्वारा “रक्तदान महादान-जीवनदान” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति प्रेरित करने का संकल्प लिया गया है। रक्तदान शिविरों के आयोजन एवं व्यवस्थाओं में युथ ऑफ सौसर की नारी शक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस सामाजिक कार्य में युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन के 60 से अधिक वरिष्ठ मार्गदर्शक सदस्य तथा लगभग 200 सदस्यीय टीम का सतत सहयोग प्राप्त होता है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, मतदाता जागरूकता सहित विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए प्रत्येक कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दे रही है।

उल्लेखनीय है कि संस्था के उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उसका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड, लंदन में भी दर्ज किया जा चुका है।

गुलशन केयर फाउंडेशन ने सिविल अस्पताल को भेंट किए उपयोगी संसाधन, मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा
सौसर। सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए गुलशन पॉलीओल्स कंपनी द्वारा संचालित गुलशन केयर फाउंडेशन ने सिविल अस्पताल सौसर को दानस्वरूप 5 कुलर, एक वाशिंग मशीन एवं एक फ्रिज प्रदान किए। इन संसाधनों का लोकार्पण सोमवार को विधिवत फीता काटकर किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड, एसडीएम सिद्धार्थ पटेल, पार्षद प्रशांत बापू ठाकरे, कंपनी के एचआर अनिल दीक्षित, पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन.के. शास्त्री तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री नानाभाऊ मोहोड ने कहा कि समाज और उद्योगों के सहयोग से ही शासकीय संस्थाओं की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। उन्होंने गुलशन केयर फाउंडेशन की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में उपलब्ध कराए गए ये संसाधन मरीजों एवं उनके परिजनों को राहत प्रदान करेंगे तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार होगा। उन्होंने अन्य संस्थाओं और उद्योग समूहों से भी सामाजिक सरोकारों से जुड़कर जनसेवा में योगदान देने का आह्वान किया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे ने फाउंडेशन एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में प्राप्त हुए उपकरणों से मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम का संचालन श्याम शर्मा ने किया, जबकि डॉ. रूपेश बोकडे ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल स्टाफ एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।

पांढुर्णा जिले में अवैध शराब के विरुद्ध आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

नीलकंठ, कारापाठा, मरकावाड़ा एवं लहराढाना में दबिश, 800 किलो महुआ लाहन नष्ट कर 4 प्रकरण दर्ज  
आज दिनांक 06 जून 2026 को प्रभारी कलेक्टर  पांढुर्णा श्री अग्रिम कुमार के निर्देशन में तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में पांढुर्णा जिले में अवैध शराब विनिर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने के लिए आबकारी विभाग द्वारा विशेष कार्रवाई की गई।

आबकारी वृत्त पांढुर्णा के ग्राम नीलकंठ, कारापाठा, मरकावाड़ा एवं लहराढाना में अवैध शराब के अड्डों पर दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान नालों एवं झाड़ियों के पास छुपाकर रखी गई लगभग 800 किलो महुआ लाहन बरामद की गई, जिसे विधिवत नष्ट किया गया।

उक्त कार्रवाई के दौरान म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के अंतर्गत कुल 04 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए। विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण एवं विक्रय पर नियंत्रण के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।

इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी अनिकेत पटेल, आरक्षक मुकेश रहांगडाले एवं अनुराग गोनेकर उपस्थित रहे। आबकारी विभाग ने जिले में अवैध मदिरा गतिविधियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

हिंदू देवस्थानांच्या अस्तित्वावर घाला घालणारा ‘इनाम निर्मूलन कायदा’ तात्काळ मागे घ्या; अन्यथा राज्यव्यापी जनआंदोलन छेडणार! महाराष्ट्र मंदिर महासंघ


कोल्हापूर – महाराष्ट्र शासनाच्या महसूल व वन विभागाने प्रस्तावित केलेला ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप अधिनियम, २०२६’ हा राज्यातील हजारो हिंदू देवस्थानांचे स्वायत्त अस्तित्व आणि त्यांच्या उत्पन्नाचे स्रोत मुळापासून उखडून टाकणारा आहे. या कायद्याच्या मसुद्यात अत्यंत गंभीर कायदेशीर त्रुटी असून, तो हिंदू देवस्थानांच्या धार्मिक आणि मालमत्ता हक्कांवर बेट घाला घालणारा आहे. या देवस्थान मालकरहक्क विरोधी मसुद्याचा आम्ही तीव्र निषेध करत असून तो सरकारने विनाशर्त मागे घ्यावा, अशी मागणी कोल्हापूर येथे आयोजित पत्रकार परिषदेत मंदिर महासंघाचे राष्ट्रीय संघटक श्री. सुनील घनवट यांनी केली. या प्रसंगी मंदिर महासंघाचे कोल्हापूर जिल्हा समन्वयक श्री. प्रसाद कुलकर्णी, संयोजक श्री. प्रमोद सावंत, सहसंयोजक श्री. अशोक गुरव, राधाकृष्णाचे मंदिराचे विश्वस्त श्री. हसमुखभाई शहा, लक्ष्मीनारायण मंदिराचे विश्वस्त श्री. राजेंद्र शर्मा, श्री. संजय देवणे रामानंद संप्रदाय जिल्हा अध्यक्ष कृष्णात माळी उपस्थित होते.

या प्रसंगी मंदिर महासंघाचे कोल्हापूर जिल्हा समन्वयक श्री. प्रसाद कुलकर्णी म्हणाले, “स्वातंत्र्यपूर्व काळापासून आणि छत्रपती शिवरायांच्या काळापासून अनेक राजांनी देवस्थानांच्या दैनंदिन धार्मिक विधीसाठी, मंदिरांचे संवर्धन, अन्नछत्रांसाठी आणि रुढी-परंपरा जोपासण्यासाठी जमिनी इनाम म्हणून दिल्या आहेत. सार्वजनिक ‘महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वस्त व्यवस्था अधिनियम, १९५०’ अन्वये कायद्यानुसार देवस्थानची ‘मूर्ती’ ही एक ‘कायदेशीर व्यक्ती’ (Juristic Person) मानली जाते आणि या जमिनींची मालकी त्या देवतेकडे असते. मात्र, प्रस्तावित कायद्याच्या कलम ३ आणि ४ नुसार, ही सर्व इनामे एका झटक्यात रद्द करून, त्या जमिनी वहिवाटदार किंवा पुजाऱ्यांच्या नावे ‘मालक’ म्हणून वर्ग करण्याचा प्रयत्न चालू आहे. यामुळे पिढ्यानपिळ्या मंदिरांच्या सेवेसाठी वापरल्या जाणा-या जमिनींचे व्यापारीकरण होईल आणि भविष्यात ही मंदिरे परावलंबी होतील, अशी भीती निर्माण झाली आहे.”

या कायद्यातील सर्वात धक्कादायक बाब म्हणजे कलम १ उपकलम २ अन्वये, वक्फ बोर्डाच्या अखत्यारीतील जमिनींना या कायद्यातून वगळण्यात आले आहे. केवळ हिंदू देवस्थानांच्या जमिनींचे ‘निर्मूलन’ करणे आणि इतर धर्माच्या संस्थांना संरक्षण देणे, हा प्रकार शासनाच्या निधर्मी धोरणाशी विसंगत असून संविधानाच्या अनुच्छेद १४ मधील ‘समानतेच्या अधिकाराचे’ उल्लंघन करणारा आहे. एकीकडे वक्फ मालमत्तांना विशेष संरक्षण दिले जात असताना, दुसरीकडे मंदिरांच्या जमिनी बळकावण्यासाठी कायदा करणे, हा दुजाभाव निषेधार्ह आहे.

तसेच, कलम १८ नुसार या कायद्यांतर्गत महसूल अधिकाऱ्यांनी दिलेल्या निर्णयाविरोधात दिवाणी न्यायालयात दाद मागता येणार नाही, अशी तरतूद करण्यात आली आहे. हा भाविकांच्या आणि विश्वस्तांच्या घटनात्मक अधिकारांवर मोठा प्रहार आहे. न्यायालयाचे दरवाजे बंद करून सरकार प्रशासकीय दडपशाही लादू पाहत आहे, असे स्पष्टपणे दिसून येते. अतिक्रमणे काढण्याऐवजी , १ जानेवारी २०११ पूर्वीपासून ताबा असलेल्या अतिक्रमणधारकांनाच त्या जमिनींची मालकी बहाल करणे, हा प्रकार म्हणजे देवस्थानच्या मालमत्तेची एक प्रकारे कायदेशीर लूटच आहे.

शासनाने या मसुद्यावर हरकती नोंदवण्यासाठी दिलेली मुदत अत्यंत अपुरी असून, ती किमान दोन महिन्यांनी वाढवून मिळावी, अशी आमची आग्रही मागणी आहे. महाराष्ट्रातील मंदिरांचे वैभव आणि वारसा टिकवण्यासाठी सरकारने वा मसुद्याचा पुनर्विचार करावा. जर सरकारने हा हिंदूविरोधी कायदा रेटण्याचा प्रयत्न केला, तर संपूर्ण महाराष्ट्रभर तीव्र जनआंदोलन छेडले जाईल. शासनाने गुजरातच्या धर्तीवर ‘अँटी लैंड ग्रंबिंग अॅक्ट’ लागू करून देवस्थान जमिनींना संरक्षण द्यावे आणि ७/१२ उताऱ्यावर ‘देवस्थान जमीन प्रतिबंधित सत्ता प्रकार’ अशी नोंद करावी, जेणेकरून या जमिनींचे बेकायदेशीर हस्तांतरण थांबवता येईल. अशी माहिती श्री. प्रसाद कुलकर्णी, समन्वयक, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, कोल्हापूर जिल्हा यांनी दिली

सौसर में सूने मकान में चोरी, शादी समारोह में गया था परिवार, 8 लाख के माल पर हाथ साफ

सौसर। सौसर नगर के वार्ड नंबर 9 में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की इस बड़ी वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, चोरी गए सामान की कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है।

शादी की खुशियों के बीच मातम का साया

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवेंद्र तुपकर वार्ड नंबर 9 के निवासी है उनका परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। घर सूना पाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। चोरों ने घर की अलमारी और तिजोरी को खंगालकर उसमें रखे सोने-चांदी के कीमती आभूषण और नकद राशि बटोर ली। जब परिवार वापस लौटा, तो घर का बिखरा हुआ सामान देखकर उनके होश उड़ गए। बताया गया कि हाल ही में पीड़ित परिवार के खेत का सौदा होने से कुछ नगदी घर में रखी हुई थी।

जांच में जुटी पुलिस और डॉग स्क्वायड

घटना की सूचना मिलते ही सौसर पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक जांच टीम को भी बुलाया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। इधर टीआई रूपलाल उईके का कहना है कि चोरी की शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर साक्ष्य जुटा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

एसपी,एएसपी ने लिया घटना का जायजा

जिला पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का बारीकी से से मुआयना कर अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों मामले के खुलासे को विशेष दिशा निर्देश दिए।

क्षेत्र में डर का माहौल

चोरी की इस वारदात ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। वार्ड वासियों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और चोरी की इस वारदात का जल्द से जल्द खुलासा करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

गौ तस्करी के खिलाफ़ विधायक विजय चौरे का अनूठा प्रदर्शन पुलिस की आरती उतारकर दी उग्र आंदोलन की सख्त चेतावनी

जितनी हमारी जन्म देने वाली माता पूज्यनीय है,उतनी ही गौ माता विधायक विजय चौरे
गौ रक्षा के लिए मोहगांव में जनजागरण सभा संपन्न”

सौसर
         नगर मोहगांव में गौ तस्करी की बढ़ती घटनाओं के विरोध मे और गौ रक्षा के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से बैल बाजार मोहगांव में क्षेत्रीय विधायक विजय चौरे के नेतृत्व में गौ रक्षा जन जागरण सभा का आयोजन किया गया।

सभा के संबोधन में गौ तस्करों को चेतावनी देते हुए विधायक विजय चौरे ने कहा कि नगर मोहगांव और ग्राम सवरनी से हजारों की संख्या में गौ माता की तस्करी हो रही हैं यह गौ तस्करी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह आंदोलन किसी बीजेपी कांग्रेस पार्टी का नही बल्कि गौ माता की रक्षा करने वाले गौ प्रेमी सनातनी हिंदुओं का आंदोलन है जो गौ माता में आस्था रखते हैं। आज मोहगांव बैल बाजार में इस आंदोलन के कारण किसी गौ तस्कर की आने की हिम्मत नही हुई।

जो भारतीय जनता पार्टी के लोग गौ माता की बात करते हैं गौ माता के नाम पर वोट लेकर सरकार बनाते है जिनकी देश में ट्रिपल इंजन की सरकार है पर फिर भी गौ तस्करी नहीं रोक रहे हैं।

जितनी हमारी जन्म देने वाली माता पूज्यनीय है उतनी ही गौ माता भी पूज्यनीय हैं। मानव सभ्यता के विकास में गौ माता का योगदान अतुलनीय हैं गौ माता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

बैल बाजार में सभा के उपरांत विधायक विजय चौरे सभी गौ प्रेमी साथियों,महिलाओं और नगरवासियों के साथ पुलिस थाना मोहगांव पहुंचे जहां गौ माता की पूजा कर पुलिस प्रशासन की आरती उतारी गई।

इस दौरान विधायक विजय चौरे ने पुलिस प्रशासन से कहा कि मोहगांव बैल बाजार से हो रही तस्करी को तत्काल रोके आज बैल बाजार में केवल किसान आए हैं गौ तस्कर नही।

यह हमारी सांकेतिक चेतावनी है हम गौमाता की सुरक्षा के लिए निवेदन कर रहे हैं सभी साथियों की राय लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक विजय चौरे,ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजेंद्र येमदे,नगर कांग्रेस अध्यक्ष शंकर ब्रम्हे,राधेश्याम माहेश्वरी,सुनील भांगे,सुभाष कलंबे,विट्ठल गायकवाड,अमरीश जैसवाल,धीरज माहेश्वरी,प्रशांत महाले,शेखर ढोबले,नितिन ढोबले,ज्ञानेश्वर ब्रम्हे,एड. रामशिला सूर्यवंशी,विशाखा चौरे,अंसार खान, संजय हनवतकर,रुखमानंद येलकर,प्रभाकर लिखारे,जुबेर अली,अंकुश उइके,हर्ष सदारंग एवं समस्त गौ सेवक उपस्थित रहे।