







उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन
पांढुर्णा,
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील कृषक डॉ. सुरेंद्र पन्नासे के कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।




निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि डॉ. सुरेंद्र पन्नासे अपने खेत में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उद्यानिकी फसलों जैसे संतरा, अमरूद, आम एवं सीताफल के साथ मक्का, अरहर, कपास सहित विभिन्न फसलों की समन्वित खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।
डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में जीवामृत यूनिट स्थापित की है, जिसका उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवामृत के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है। समन्वित खेती अपनाने से किसानों को वर्षभर आय प्राप्त होती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि समन्वित खेती में किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।
डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में सीताफल की विभिन्न किस्में, आम, अमरूद, मौसंबी, संतरा, अरहर, बरबटी, मक्का, चकोतरा, नींबू आदि की खेती की है। साथ ही जल संरक्षण के लिए खेत में तालाब का निर्माण कराया है, जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। कृषि के साथ पशुपालन से उन्हें दूध, गोबर एवं गोमूत्र भी प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खेती में किया जा रहा है।
उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे एकल फसल उत्पादन के बजाय समन्वित खेती अपनाएं, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो सके।भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विनोद लोखंडे तथा कृषि विस्तार अधिकारी श्री पंकज पराड़कर उपस्थित रहे।





पेयजल, सड़क, जनकल्याणकारी योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर दिया विशेष जोर
जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के आदेश
पांढुर्णा
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में गुरुवार को कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, जनहितकारी कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर , संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।एसडीएम सौसर श्री सिद्धार्थ पटेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने आबादी भूमि से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जिले की पेयजल व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही शिव मत्स्य उद्योग सरकारी समिति के संबंध में भी जनपद पंचायत को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।
बैठक में लीड बैंक मैनेजर युवराज जिचकर को आचार्य विद्यासागर गोवर्धन की सर्वधन योजना की सहायता राशि स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए गए। एवं औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव स्थित नर्मदा दूधसागर प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण करने कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को निर्देश दिए गये
बैठक में ग्राम बड़चिचोली, मरकावाड़ा एवं कालापाठा में उत्पन्न पेयजल समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप, हैंडपंप एवं अन्य उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से निर्बाध एवं समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रम मानधन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जिले के अधिक से अधिक श्रमिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।
खनि अधिकारी सुश्री यामिनी उइके एवं सहायक खनि अधिकारी श्री महेश नगपुरे को कन्हान नदी एवं बग्गू बिच्छू क्षेत्र में रेत उत्खनन से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। एवं उपयोगिता सहकारिता विभाग को निर्देश दिया गया है कि डी, पी आहूजा को किसान को लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जल गंगा संवर्धन एवं जनभागीदारी अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयासों को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समाधानपरक निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में कार्यालय जनपद शिक्षण केंद्र में छत मरम्मत से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
बैठक में विभिन्न व्यक्तिगत एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। श्री बाबूलाल बंजारे, निवासी सौसर को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत आमला में पुलिया निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
वन ग्राम बालापुर से संबंधित खाद, बीज एवं नगद सहायता के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया।
इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग से संबंधित नवीन पुलिया निर्माण के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संबल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि उपलब्ध कराने से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर जितने भी लंबित प्रकरण हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में संबंधित विभाग प्रमुखों को लंबित प्रकरणों की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और प्रक्रियागत अड़चनों को तत्काल दूर करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई शासन की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय समन्वय, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।







