गिरिराज बिल्डर की मनमानी से बढ़ा हादसे का खतरा, सड़क पर फैली मिट्टी से राहगीर परेशान

सौसर। सौसर-निमनी मार्ग पर गिरिराज बिल्डर द्वारा कथित रूप से की जा रही अवैध प्लॉटिंग के दौरान निकाली गई मिट्टी सड़क पर फैला दिए जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन स्कूली बसें, ऑटो और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं। सड़क पर फैली मिट्टी के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित बिल्डर द्वारा सड़क की सुरक्षा और आमजन की सुविधा की अनदेखी करते हुए मिट्टी सड़क पर छोड़ दी गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में संचालित अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर भी सख्ती से रोक लगाई जाए।

नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क से मिट्टी नहीं हटाई गई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो बरसात के मौसम में किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर और प्रशासन की लापरवाही पर होगी।

सौंसर में रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी


सौंसर तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को रोगी कल्याण समिति (रोकस) की बैठक एसडीएम सिद्धार्थ पटेल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विधायक श्री विजय रेवनाथ चौरे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इन्द्रचंद डागा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूते,ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के संस्थापक श्री श्यामराव धवले प्रमुखता से उपस्थित थे।

बैठक के शुरुआत में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन और उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी सदन के सामने रखी।

इसके बाद सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 39 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, अस्पताल की आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा आवश्यक संसाधनों में वृद्धि करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत अस्पताल परिसर से नागपुर-छिंदवाड़ा मुख्य मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार, मर्चुरी तक पेवर ब्लॉक बिछाने, एनबीएसयू विभाग में पार्टिशन निर्माण, डेंटल चेयर की मरम्मत तथा एक नई एक्स-रे मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कई आवश्यक कार्य किए जाएंगे।

इसके साथ ही सिविल अस्पताल की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए खिड़कियों में जाली एवं कांच लगाने, एक्स-रे फिल्म, एग्जॉस्ट फैन, सीलिंग फैन और चार्जिंग ट्यूबलाइट की खरीद के साथ-साथ सभी अग्निशामक यंत्रों की रिफिलिंग कराने तथा फायर एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई। सिविल अस्पताल परिसर में स्थित ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र में कांक्रीट कार्य कराया जाएगा और नगर पालिका के सहयोग से पेयजल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जिन विषयों और विकास कार्यों के लिए शासन स्तर की स्वीकृति अनिवार्य है, उनके विस्तृत प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार कर मध्य प्रदेश शासन को भेजे जाएंगे।

क्षेत्र के नागरिकों और मरीजों को एक बड़ी राहत देते हुए समिति ने नागपुर-छिंदवाड़ा रूट पर चलने वाली एंबुलेंस सेवा के किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है। इसके अलावा, समिति के कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए डॉ. संदीप नखाते को रोगी कल्याण समिति का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बैठक में पुराने अस्पताल परिसर स्थित कॉम्पलेक्स के किराएदारों के संबंध में भी एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया गया। अब इन सभी दुकानों का नए सिरे से किराया निर्धारण किया जाएगा और नया अनुबंध तैयार होगा। इस कार्य की जिम्मेदारी नगर पालिका सौंसर को सौंपी गई है, ताकि नई गाइडलाइन के अनुसार उचित किराया तय कर रोगी कल्याण समिति की आय में बढ़ोतरी की जा सके। वहीं, पीपला नारायण वार के जर्जर और जीर्ण-शीर्ण हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को पूरी तरह डिस्मेंटल कर उसके स्थान पर एक सर्वसुविधायुक्त नए भवन की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी।

इस बैठक में नगर पालिका सीएमओ श्री मौसम पालेवार सहित वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बिछवी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, ग्रामीणों का निःशुल्क परीक्षण और दवा वितरण

एनसीसी कैडेट्स और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, मौसमी बीमारियों से बचाव की दी जानकारी

सौसर विकासखंड के गोद ग्राम बिछवी में बुधवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर तर्कशील विचार समिति सौसर और शाऊमा विद्यालय रामाकोना की एनसीसी यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगाया गया।

शिविर का शुभारंभ सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाईत और बीएमओ डॉ. रुपेश बोकडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मीना ठाकरे ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और निःशुल्क दवाएं वितरित कीं।

शिविर में डॉक्टरों ने मौसमी बीमारियों और उनसे बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को घर के आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में प्राचार्य रत्नाकर भकने और महिला बाल विकास विभाग से पर्यवेक्षक यशंता पंद्रे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एनसीसी अधिकारी विश्वेश्वर रंगारे ने कैडेट्स की सहभागिता और तर्कशील समिति के सचिव पीकेएस गुर्वे ने गोद ग्राम में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। संचालन सुनील वाहने ने किया।

शिविर की सफलता में स्वास्थ्य विभाग से आराधना सोनी, शीला वाहने, आशा कार्यकर्ता कल्पना गुर्वे, सुमित्रा ढोने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी ढोने, सहायिका सुनीता तुमडाम, कोटवार अक्षय ढोने, युवा कार्यकर्ता कृणाल पातुरकर और एनसीसी कैडेट्स ने सहयोग किया।

जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने सुनीं आमजन की समस्याएं

20 आवेदनों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश।
पांढुर्णा

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 20 आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, प्रभावी एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खसरा क्रमांक 630/1 की कृषि भूमि में वर्षा के दौरान जलभराव होने तथा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग पर अवैध अवरोध हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने संबंधी आवेदन प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त हल्का पटवारी द्वारा अधूरा सीमांकन किए जाने एवं एक रकबे का सीमांकन शेष रहने पर उचित कार्रवाई, मुंडीढाना से ग्राम टेकाढाना तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण, वन विभाग द्वारा प्रदत्त पट्टे की भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने, आचार्य विद्यासागर गोवर्धन संवर्धन योजना के अंतर्गत चार वर्ष पूर्व स्वीकृत मार्जिन मनी सहायता राशि का भुगतान दिलाने तथा पैतृक मकान पर कथित अवैध कब्जा हटाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

इसी प्रकार ग्राम लोधीखेड़ा निवासी एक महिला के लापता होने के मामले में निष्पक्ष जांच कराने, सीमांकन आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने एवं संबंधित हल्का पटवारी की उदासीनता के संबंध में शिकायत, दिव्यांग होने के कारण आर्थिक एवं सामाजिक सहायता प्रदान करने, न्यायालय कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश के पालन में भूमि के रकबे का संशोधन कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने, दिवंगत पिता की कृषि भूमि में फौती नामांतरण कर आवेदक का नाम दर्ज कराने तथा ग्राम पंचायत सिराठा में सरपंच एवं सचिव द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने संबंधी आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।

जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में एक आवेदन में भोजन नहीं देने, घर से निकालने एवं मारपीट किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। वहीं डेकोरेशन, साउंड सर्विस एवं एलईडी वॉल उपलब्ध कराने के पश्चात लंबित भुगतान दिलाने, ग्राम मोरेडोंगरी में नाली निर्माण नहीं होने से उत्पन्न समस्या के समाधान तथा पुरानी नाली में मुरम, पत्थर एवं मिट्टी डालकर जल निकासी अवरुद्ध किए जाने के मामले में नाली खुलवाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए तथा किसी भी पात्र हितग्राही को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, पुलिस तथा अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।

जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति भलावे, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर आवेदकों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

विधायक स्वेच्छानुदान मामले की जांच तेज, सौंसर पहुंची EOW जबलपुर की टीम

सौसर

विधायक स्वेच्छानुदान राशि वितरण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम मंगलवार को अचानक सौंसर पहुंची और नगर पालिका कार्यालय को जांच का केंद्र बनाते हुए संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, विधायक स्वेच्छानुदान राशि के आवंटन में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायत EOW जबलपुर को प्राप्त हुई थी। इसी शिकायत के आधार पर जांच टीम मौके पर पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ हितग्राहियों एवं संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दायरे में वे व्यापारी और संस्थान भी शामिल हैं, जिनके बैंक खातों में स्वेच्छानुदान की राशि हस्तांतरित होने की जानकारी सामने आई है। टीम द्वारा संबंधित बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए विधायक के निजी सचिव (PA) सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ की गई है तथा उनके बयान दर्ज किए गए हैं।

फिलहाल EOW की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

औद्योगिक क्षेत्र के दूषित पानी पर ग्राम पंचायत का बड़ा कदम, कलेक्टर और AKVN प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

सौंसर/बोरगांव। औद्योगिक क्षेत्र से निकल रहे दूषित अपशिष्ट जल की गंभीर समस्या को लेकर ग्राम पंचायत बोरगांव ने जिला प्रशासन के समक्ष कड़ा रुख अपनाया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (AKVN) प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। पंचायत का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो इसका सीधा असर पर्यावरण, भूजल और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।

ज्ञापन में बताया गया है कि पिछले कई दिनों से औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला रासायनिक युक्त दूषित पानी एक निजी कंपनी के सामने एवं मुख्य मार्ग के किनारे लगातार जमा हो रहा है। इससे क्षेत्र में जलभराव, दुर्गंध और प्रदूषण की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह दूषित पानी सार्वजनिक पेयजल स्रोतों और भूजल को भी प्रदूषित कर सकता है, जिससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न होने की संभावना है।

ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, दूषित जल की स्थायी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

सरपंच पंकज दातारकर ने कहा कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और पर्यावरण संरक्षण पंचायत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पंचायत जनहित में आगे भी प्रशासनिक एवं वैधानिक स्तर पर आंदोलन और आवश्यक कार्रवाई करेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपसरपंच धनश्याम कालबांडे, पंच पुरुषोत्तम काकड़े, ज्ञानेश्वर ताजने, प्रफुल्ल देवतले, श्वेता पुरसेटकर, सविता हिंगवे, पंचायत सचिव कैलाश जिवतोडे सहित पंचायत के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

**ग्रामीणों की मांग है कि दूषित जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान कर क्षेत्र के पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रशासन तत्काल प्रभावी कदम उठाए।**

आबकारी विभाग की अवैध शराब के विरुद्ध सख्त कार्रवाई

सौसर वृत्त के ग्राम देवी, बडोसा एवं सौसर में 04 प्रकरण दर्ज

पांढुर्णा/02 जुलाई 2026/
कलेक्टर पांढुर्णा श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, परिवहन, संग्रहण एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में आज दिनांक 02 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर द्वारा ग्राम देवी, बडोसा एवं सौसर में विशेष दबिश देकर अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 04 प्रकरण दर्ज किए गए।

उक्त कार्रवाई में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किए गए।
संपूर्ण कार्रवाई के दौरान वृत्त प्रभारी कु. भारती गौंड एवं आबकारी स्टॉफ उपस्थित रहे।

डॉक्टर्स डे एवं वैवाहिक वर्षगांठ पर डॉ. अमित बाहेती का हुआ सम्मान

सौसर। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर धनवंतरी क्लिनिक, सौसर में सावनेर स्थित आदित्य हॉस्पिटल (Aditya Hospital, Saoner) के डॉ. अमित बाहेती की वैवाहिक वर्षगांठ भी उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस विशेष अवसर पर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई।

उपस्थित सभी अतिथियों ने डॉ. अमित बाहेती के उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि डॉ. बाहेती वर्षों से क्षेत्रवासियों को समर्पित भाव से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणादायक है।

इस अवसर पर डॉ. आशीष भट्टड़, प्रशांत मानेकर (पिंटू), सुनील जी भांगे एवं संजय राठी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने डॉक्टर्स डे एवं वैवाहिक वर्षगांठ की शुभकामनाएं देते हुए डॉ. अमित बाहेती के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर जनसेवा की कामना की।

कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ, जहां सभी ने इस अवसर को यादगार बनाते हुए डॉ. अमित बाहेती के साथ खुशियां साझा कीं।



परासिया कफ सिरप कांड: हाईकोर्ट से दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को मिली जमानत, चर्चित मामले में कानूनी बहस का नया दौर

छिंदवाड़ा/परासिया। परासिया के बहुचर्चित कफ सिरप कांड में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दो मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) सतीश वर्मा और शैलेश सिंह पांड्या को जमानत दे दी है। इससे पहले दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं, लेकिन करीब नौ महीने बाद हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिली है। इस फैसले के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है।

दोनों आरोपियों पर कथित रूप से जहरीले कफ सिरप के प्रचार-प्रसार, सप्लाई और डॉक्टरों तक उसकी पहुंच बनाने में भूमिका निभाने का आरोप है। इस मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और ड्रग विभाग ने संयुक्त रूप से की थी। जांच में दवा निर्माण से लेकर सप्लाई और डॉक्टरों तक प्रिस्क्रिप्शन नेटवर्क के जरिए दवा पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की गई थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस बहुचर्चित प्रकरण में डॉक्टरों, मेडिकल एजेंसी संचालकों, फार्मा कंपनी से जुड़े लोगों सहित कई आरोपियों को नामजद किया गया है। मुख्य आरोपी के रूप में डॉ. प्रवीण सोनी का नाम सामने आया था। इसके अलावा ज्योति सोनी, सौरभ जैन, राजेश सोनी, सतीश वर्मा, शैलेश सिंह पांड्या सहित अन्य लोगों की भी अलग-अलग चरणों में गिरफ्तारी हुई थी।

अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी थी कि सतीश वर्मा फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्यरत था और कंपनी तथा मुख्य आरोपी के बीच समन्वय की भूमिका निभाता था। जांच के दौरान जब्त रजिस्टरों में डॉक्टरों को उपहार और आर्थिक लाभ दिए जाने के उल्लेख मिलने का भी दावा किया गया, जिसके बदले संबंधित दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन बढ़ाने के संकेत सामने आए थे।

अभियोजन ने यह भी कहा था कि आरोपी करीब 28 वर्षों से कंपनी से जुड़ा था और उसे कंपनी की प्रयोगशाला संबंधी कमियों की जानकारी होने के बावजूद कथित रूप से कफ सिरप की बिक्री और प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाई।

गौरतलब है कि इसी कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में यह प्रकरण सुर्खियों में आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी थीं। अब हाईकोर्ट द्वारा दो आरोपियों को जमानत दिए जाने के बाद इस चर्चित मामले में कानूनी बहस का नया दौर शुरू होने की संभावना है।

मानवता की मिसाल बने डॉ. घनश्याम लहरपुरे, जरूरतमंदों को दे रहे निःशुल्क चिकित्सा सेवा


गरीब, बेसहारा एवं आर्मी परिवारों के लिए निःशुल्क परामर्श और उपचार की सुविधा, सेवा भाव से जीत रहे लोगों का विश्वास

पांढुर्णा।
आज के समय में जहां चिकित्सा सेवाएं लगातार महंगी होती जा रही हैं, वहीं पांढुर्णा के वरिष्ठ चिकित्सक एवं मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. घनश्याम लहरपुरे मानवता और सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर, बेसहारा, निराश्रित तथा आर्मी परिवारों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहे हैं।

डॉ. लहरपुरे का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। इसी सोच के साथ वे जरूरतमंद मरीजों का बिना किसी शुल्क के स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और उचित उपचार कर रहे हैं। उनकी इस पहल से ऐसे अनेक परिवारों को राहत मिल रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते।

वे मरीजों को आवश्यक जांच, दवाइयों के सही उपयोग, गंभीर बीमारियों की पहचान तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संबंध में भी जागरूक कर रहे हैं। विशेष रूप से सेना के जवानों एवं उनके परिवारों के लिए निःशुल्क परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराकर वे समाज में सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डॉ. घनश्याम लहरपुरे का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि यदि अधिक से अधिक चिकित्सक इसी प्रकार सेवा भावना से कार्य करें, तो समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना संभव हो सकेगा।

डॉ. लहरपुरे की यह पहल न केवल जरूरतमंदों के लिए संबल बन रही है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।