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सफलता की कहानी

नवाचार से समृद्धि: तरबूज की उन्नत खेती से किसान को मिला बेहतर लाभ

किसान कल्याण वर्ष 2026: पांढुर्णा के किसान ने एक हेक्टेयर से लगभग 5 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया

पांढुर्णा
किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत जिले में नवाचार आधारित खेती के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में आज कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में उपसंचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम बोथिया के किसान श्री रूपेश कलसलीकर द्वारा की जा रही तरबूज की खेती का अवलोकन किया।

किसान श्री रूपेश कलसलीकर ने तरबूज की SW-2210 IMP किस्म की रोपाई 18 फरवरी को 2.5 एकड़ क्षेत्र में की। उन्होंने 15 अप्रैल को तरबूज का विक्रय 9 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से किया। इस फसल में कुल लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये की लागत आई। किसान के अनुसार तरबूज की फसल की अवधि 2 से 2.5 माह रही, जिसमें उन्हें लगभग 80 मैट्रिक टन उत्पादन प्राप्त होने का अनुमान है। इस उत्पादन के आधार पर कुल लगभग 7 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त होगी, जिससे लगभग 5 लाख रुपये का शुद्ध लाभ होने की संभावना है।

फसल की प्रमुख विशेषताएं
इस नवाचार खेती में 2.5 एकड़ क्षेत्र से लगभग 80 मैट्रिक टन उत्पादन प्राप्त हुआ। तरबूज के फलों का आकार 3 से 10 किलोग्राम के बीच रहा। कम अवधि (2 से 2.5 माह) में अधिक उत्पादन प्राप्त कर किसान ने बेहतर लाभ अर्जित किया। कीट नियंत्रण के लिए ट्रैप क्रॉप के रूप में गेंदा फसल की बॉर्डर लगाई गई, जिससे फसल की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। इस प्रकार प्रति एकड़ लगभग 2 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।

उपसंचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह ने फसल की स्थिति का निरीक्षण कर किसान के प्रयासों की सराहना की तथा अन्य किसानों को भी इस प्रकार की नवाचार तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पांढुर्णा श्री विनोद लोखंडे सहित ग्राम के अन्य किसान उपस्थित रहे।

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