Uncategorized
औषधि दुकानों पर प्रशासन की सख्ती, 6 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस<br><br>कलेक्टर के निर्देश पर CMHO के मार्गदर्शन में चला विशेष निरीक्षण अभियान<br><br>पांढुर्णा, 23 जुलाई 2026। जिले में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों पर सख्ती शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में औषधि निरीक्षण दल ने जिले के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय, बिलिंग, स्टॉक रजिस्टर, अभिलेख संधारण, भंडारण व्यवस्था तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के नियमों के पालन की गहन जांच की गई। जांच में कई प्रतिष्ठानों पर आवश्यक दस्तावेजों एवं नियमों के पालन में कमियां पाई गईं।<br><br>इन अनियमितताओं के चलते 6 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें—<br><br>मैसर्स प्रणव मेडिकल, तीन शेर चौक, पांढुर्णा।<br><br>मैसर्स विकास मेडिकल स्टोर्स, मेन रोड, मजदूर केंद्र के पास, पांढुर्णा।<br><br>मैसर्स विकास मेडिकोज, गुजरी चौक, राम मंदिर के बाजू में, पांढुर्णा।<br><br>मैसर्स आर्या मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, पिपलानारायणवार, सौंसर।<br><br>मैसर्स महालक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स, संतोषी माता वार्ड, शाह पेट्रोल पंप के सामने, पांढुर्णा।<br><br>मैसर्स नवदुर्गा मेडिकल स्टोर्स, जय स्तंभ चौक, पावड़ा वार्ड, पांढुर्णा।<br><br><br>संबंधित संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त जवाब एवं निरीक्षण में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।<br><br>स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि दवाओं का क्रय-विक्रय केवल वैध बिलों के माध्यम से करें, सभी आवश्यक अभिलेख अद्यतन रखें तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के सभी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।<br><br>जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
0 84Uncategorized
यह रही अपडेट की गई समाचार, जिसमें नोटिस जारी किए गए मेडिकल स्टोर्स के नाम भी जोड़ दिए गए हैं: … 0 28
Uncategorized
श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी यांच्या प्रेरणेतून जिल्ह्यात 9500 हुन अधिक वृक्ष लागवड,डोणोलीत एकाच दिवशी 3000 वृक्ष लागवडीच्या संकल्प पूर्तीसाठी आमदार डॉ विनय कोरे (सावकार) यांचा सहभाग
10 कोल्हापूर:डोणोली (ता.शाहूवाडी) येथे जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी यांच्या प्रेरणेने संपूर्ण देशात 5 जुलै ते 19 जुलै 2026 या कालावधीत … 0 143Uncategorized
अवैध आहातों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब पिलाने वाले 3 होटल/दुकान संचालकों पर केस दर्ज<br><br>पांढुर्णा, 18 जुलाई 2026 जिले में अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटल एवं दुकान संचालकों पर प्रकरण दर्ज किए हैं।<br><br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिलेभर में अवैध आहातों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर की टीम ने कम्पोजिट मदिरा दुकान सौसर-ए के आसपास सघन निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर रहे लोगों को समझाइश देकर वहां से हटाया गया। वहीं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले तीन होटल एवं दुकान संचालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 36(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।<br><br>इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कु. भारती गोड, आबकारी आरक्षक जितेंद्र सिंह तथा उत्कर्ष ठाकरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध आहातों और शराब सेवन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
0 54Uncategorized
‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान: पुलिस ने विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ<br><br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।<br><br>कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।<br><br>मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली दवाओं, दर्द निवारक दवाइयों और कफ सिरप के दुरुपयोग से दूर रहें तथा अपने साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।<br><br>उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि को शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के विकास में लगाया जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।<br><br>इस अवसर पर पुलिस विभाग से श्रीमती आकांक्षा सहारे, श्रीमती संध्या रानी सक्सेना एवं श्री अभिलेश हिंगवे उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारी, समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।<br><br>कार्यक्रम का संचालन श्री भोजराज कराले ने किया, जबकि प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने आभार व्यक्त किया।<br><br>15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
0 55Uncategorized
कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की पहल से 13 वर्षीय हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>आरबीएसके के तहत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br>पांढुर्णा जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक 13 वर्षीय बालक को नई जिंदगी देने का काम किया है। ग्राम रायबासा निवासी हिमांशु धुर्वे, जो लंबे समय से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की गंभीर विकृति) से पीड़ित था, उसका सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।<br><br>जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हिमांशु का प्रारंभिक परीक्षण सिविल अस्पताल पांढुर्णा में किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा और एम्स नागपुर में विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। हालांकि, वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से यह संभव नहीं हो सका।<br><br>मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री तथा एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का ने भी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उपचार प्रक्रिया को गति दी।<br><br>कलेक्टर के निर्देशों पर आरबीएसके टीम ने हिमांशु को बैतूल के पाढर अस्पताल भेजा, जहां सभी आवश्यक जांच के बाद चेन्नई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई 2026 को हिमांशु की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।<br><br>ऑपरेशन के बाद हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले सहयोग और बेहतर उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन प्रदान किया है।<br><br>यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।
0 51Uncategorized
पदोन्नति पर उप निरीक्षक मोहनलाल गुप्ता का हुआ भव्य सम्मान<br><br>तेली समाज संगठन एवं ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तिगांव ने दी शुभकामनाएं<br><br>पांढुर्णा, 27 जुलाई 2026।<br>मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) से उप निरीक्षक (एसआई) के पद पर पदोन्नत हुए श्री मोहनलाल गुप्ता के सम्मान में तेली समाज संगठन एवं ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, तिगांव के संयुक्त तत्वावधान में गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।<br><br>समारोह में समाजजनों, विद्यालय परिवार एवं गणमान्य नागरिकों ने श्री मोहनलाल गुप्ता का पुष्पमाला, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। उपस्थित वक्ताओं ने उनके लंबे सेवाकाल, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पदोन्नति पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं दीं।<br><br>इस अवसर पर भवराव वानोडे, तुकाराम वानोडे, आनंद शेन्डे, संजय कालंबे, राजेश वानोडे, एकनाथ बरड़े एवं गौरव बावनकर सहित तेली समाज संगठन के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे। वहीं ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने भी समारोह में सहभागिता कर श्री मोहनलाल गुप्ता का सम्मान करते हुए उनके प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त कीं।<br><br>सम्मान समारोह सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
0 9Uncategorized
सफलता की कहानी<br><br>पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के अथक प्रयास से हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विशेष प्रयासों से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की विकृति) से पीड़ित 13 वर्षीय हिमांशु धुर्वे का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन मिला है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती अल्का एक्का द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।<br><br>ग्राम रायबासा, विकासखंड पांढुर्णा निवासी हिमांशु धुर्वे लंबे समय से रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक उपचार हेतु उसे सिविल अस्पताल पांढुर्णा में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश धाडसे को दिखाया गया, जहां से आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच कर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा के डीआईसी केंद्र भेजा गया। विशेषज्ञ परीक्षण के बाद मरीज को नेक्स्ट ओपिनियन के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया। वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से दिल्ली ले जाना संभव नहीं था।<br><br>मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उपलब्ध मद से उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्देशों के पालन में आरबीएसके टीम द्वारा हिमांशु को पाढर अस्पताल, जिला बैतूल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की गई। इसके बाद वेल्लोर (चेन्नई) के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन की तिथि प्राप्त की गई।<br><br>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को हिमांशु को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा सभी आवश्यक जांच सामान्य पाए जाने के बाद 8 जुलाई 2026 को डॉ. केनी डेविड द्वारा स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन का सफल ऑपरेशन किया गया।<br><br>वर्तमान में हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उपचार की सफलता पर उसके माता-पिता एवं परिजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले सहयोग एवं समुचित उपचार से उनके पुत्र को नया जीवन मिला है।
0 37Uncategorized
उर्वरक वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण, डबल लॉक केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा<br><br>ई-विकास पोर्टल पर उर्वरक की शत-प्रतिशत उपलब्धता दर्ज करने के दिए निर्देश<br><br>पांढुर्णा<br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने संयुक्त टीम के साथ पांढुर्णा एवं सौसर स्थित उर्वरक वितरण के डबल लॉक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि ने डबल लॉक केंद्रों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण तथा उपलब्ध उर्वरकों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए।<br><br>उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल लॉक केंद्रों पर भौतिक रूप से उपलब्ध शत-प्रतिशत उर्वरक का विवरण ई-विकास पोर्टल पर समय पर एवं सही तरीके से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br><br>उपसंचालक कृषि ने कहा कि उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत निगरानी से किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना संभव होगा तथा विभागीय व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेंगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
0 65[easy-fans show_total=”0″ hide_title=”1″ columns=”3″ template=”metro” effects=”essbfc-no-effect”]


