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सफलता की कहानी<br><br>पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के अथक प्रयास से हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विशेष प्रयासों से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की विकृति) से पीड़ित 13 वर्षीय हिमांशु धुर्वे का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन मिला है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती अल्का एक्का द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।<br><br>ग्राम रायबासा, विकासखंड पांढुर्णा निवासी हिमांशु धुर्वे लंबे समय से रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक उपचार हेतु उसे सिविल अस्पताल पांढुर्णा में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश धाडसे को दिखाया गया, जहां से आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच कर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा के डीआईसी केंद्र भेजा गया। विशेषज्ञ परीक्षण के बाद मरीज को नेक्स्ट ओपिनियन के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया। वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से दिल्ली ले जाना संभव नहीं था।<br><br>मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उपलब्ध मद से उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्देशों के पालन में आरबीएसके टीम द्वारा हिमांशु को पाढर अस्पताल, जिला बैतूल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की गई। इसके बाद वेल्लोर (चेन्नई) के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन की तिथि प्राप्त की गई।<br><br>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को हिमांशु को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा सभी आवश्यक जांच सामान्य पाए जाने के बाद 8 जुलाई 2026 को डॉ. केनी डेविड द्वारा स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन का सफल ऑपरेशन किया गया।<br><br>वर्तमान में हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उपचार की सफलता पर उसके माता-पिता एवं परिजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले सहयोग एवं समुचित उपचार से उनके पुत्र को नया जीवन मिला है।
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उर्वरक वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण, डबल लॉक केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा<br><br>ई-विकास पोर्टल पर उर्वरक की शत-प्रतिशत उपलब्धता दर्ज करने के दिए निर्देश<br><br>पांढुर्णा<br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने संयुक्त टीम के साथ पांढुर्णा एवं सौसर स्थित उर्वरक वितरण के डबल लॉक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि ने डबल लॉक केंद्रों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण तथा उपलब्ध उर्वरकों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए।<br><br>उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल लॉक केंद्रों पर भौतिक रूप से उपलब्ध शत-प्रतिशत उर्वरक का विवरण ई-विकास पोर्टल पर समय पर एवं सही तरीके से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br><br>उपसंचालक कृषि ने कहा कि उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत निगरानी से किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना संभव होगा तथा विभागीय व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेंगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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समन्वित खेती किसानों के लिए वरदान, वर्षभर आय का प्रभावी मॉडल
उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन पांढुर्णा, कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ … 0 27Uncategorized
समन्वित खेती किसानों के लिए वरदान, वर्षभर आय का प्रभावी मॉडल<br><br>उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन<br><br>पांढुर्णा, <br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील कृषक डॉ. सुरेंद्र पन्नासे के कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि डॉ. सुरेंद्र पन्नासे अपने खेत में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उद्यानिकी फसलों जैसे संतरा, अमरूद, आम एवं सीताफल के साथ मक्का, अरहर, कपास सहित विभिन्न फसलों की समन्वित खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।<br><br>डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में जीवामृत यूनिट स्थापित की है, जिसका उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवामृत के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है। समन्वित खेती अपनाने से किसानों को वर्षभर आय प्राप्त होती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि समन्वित खेती में किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।<br><br>डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में सीताफल की विभिन्न किस्में, आम, अमरूद, मौसंबी, संतरा, अरहर, बरबटी, मक्का, चकोतरा, नींबू आदि की खेती की है। साथ ही जल संरक्षण के लिए खेत में तालाब का निर्माण कराया है, जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। कृषि के साथ पशुपालन से उन्हें दूध, गोबर एवं गोमूत्र भी प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खेती में किया जा रहा है।<br><br>उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे एकल फसल उत्पादन के बजाय समन्वित खेती अपनाएं, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो सके।भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विनोद लोखंडे तथा कृषि विस्तार अधिकारी श्री पंकज पराड़कर उपस्थित रहे।
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एक पेड़ माँ के नाम अभिया के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण<br><br>स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश<br><br>पांढुर्णा, <br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<br><br>कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।<br><br>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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एक पेड़ माँ के नाम अभिया के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण<br><br>स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश<br><br>पांढुर्णा, <br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<br><br>कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।<br><br>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की पहल से 13 वर्षीय हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>आरबीएसके के तहत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br>पांढुर्णा जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक 13 वर्षीय बालक को नई जिंदगी देने का काम किया है। ग्राम रायबासा निवासी हिमांशु धुर्वे, जो लंबे समय से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की गंभीर विकृति) से पीड़ित था, उसका सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।<br><br>जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हिमांशु का प्रारंभिक परीक्षण सिविल अस्पताल पांढुर्णा में किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा और एम्स नागपुर में विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। हालांकि, वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से यह संभव नहीं हो सका।<br><br>मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री तथा एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का ने भी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उपचार प्रक्रिया को गति दी।<br><br>कलेक्टर के निर्देशों पर आरबीएसके टीम ने हिमांशु को बैतूल के पाढर अस्पताल भेजा, जहां सभी आवश्यक जांच के बाद चेन्नई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई 2026 को हिमांशु की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।<br><br>ऑपरेशन के बाद हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले सहयोग और बेहतर उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन प्रदान किया है।<br><br>यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।
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कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक संपन्न
पेयजल, सड़क, जनकल्याणकारी योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर दिया विशेष जोर … 0 27Uncategorized
जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा ने प्रस्तुत की नगरीय विकास योजनाओं की उपलब्धियां एवं प्रगति रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की गई।<br><br><br>पांढुर्णा, <br>आज की बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के द्वारा प्रेजेंटेशन सभाकक्ष में संपन्न की गई। जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) पांढुर्णा द्वारा जिले के नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम), दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना तथा ई-नगर पालिका 2.0 जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई। <br><br>प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत पांढुर्णा जिले में अब तक 6,112 स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हुए हैं। इनमें प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया गया है। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी, डिजिटल भुगतान पर कैशबैक तथा पात्र हितग्राहियों को यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।<br><br>राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत जिले में स्व-सहायता समूहों के गठन, महिला सशक्तिकरण, नियमित बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सतत कार्य किया जा रहा है। समान आर्थिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि वाले 10 से 20 सदस्यों के समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।<br><br>दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत पांढुर्णा एवं सौंसर में 1 सितंबर 2023 से स्थायी रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र में प्रतिदिन लगभग 250 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत अब तक नगरपालिका परिषद पांढुर्णा में 2,08,057 तथा नगरपालिका परिषद सौंसर में 2,05,190 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। समय-समय पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा रसोई केंद्रों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाती है।<br><br>प्रस्तुतीकरण में ई-नगर पालिका 2.0 की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, संपत्ति कर, जलकर, भवन निर्माण अनुमति, ट्रेड लाइसेंस, शिकायत निवारण, पानी के टैंकर, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित 17 से अधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिले में पोर्टल पर 33,173 संपत्ति कर प्रविष्टियां, 16,948 जलकर रिकॉर्ड, 110 ट्रेड लाइसेंस तथा 74 विवाह पंजीयन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं।<br><br>जिला शहरी विकास अभिकरण ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से शहरी गरीबों, स्व-सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडरों एवं आम नागरिकों को आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा डिजिटल सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर नागरिकों को पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।<br><br>जिला शहरी विकास अभिकरण और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पांढुरना जिले में महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन DAY-NULM के तहत स्व सहायता समूह SHG को जिले में महिला उत्थान का मुख्य आधार बनाया गया है। <br> <br>जिले में अब तक 385 स्व सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनमें से 217 समूहों को समूह गठन के 6 माह बाद 1 लाख से 5 लाख तक का CCL ऋण प्रदान किया गया है। साथ ही 10 SHG मिलाकर ALF समूह बनाने की पहल भी शुरू हुई है, जिसके तहत 09 ALF गठित कर 50 हजार रुपये की ऋण राशि दी गई है। <br> <br>SHG की विशेषता है 10-20 समान विचारधारा वाली महिलाएं मिलकर नियमित बचत करती हैं और आंतरिक ऋण लेती हैं। इससे महिलाओं में बचत की आदत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। SHG की महिलाएं मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी पोषण आहार और अमृत हरित महाअभियान जैसे कार्यों में भी संलग्न हैं। <br> <br>सामाजिक न्याय विभाग के अनुसार 10 जुलाई 2026 तक जिले में 25,706 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन 5193, विधवा पेंशन 2136, मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन 8412 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन 1606 हितग्राही शामिल हैं। सभी पात्रों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। <br> <br>प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत केंद्र सरकार 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता दे रही है। जिले में PMAY(U) 1.0 में 8288 और 2.0 में 667 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। योजना में महिलाओं के नाम पर आवास को प्राथमिकता दी जा रही है। <br> <br>असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2.0 के तहत सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख और अंत्येष्टि सहायता 5 हजार रुपये दी जा रही है। अब तक 517 सामान्य मृत्यु, 34 दुर्घटना मृत्यु, 03 आंशिक दिव्यांगता और 1107 अंत्येष्टि प्रकरणों में सहायता प्रदान की गई है।
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