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दीवार लेखन के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश, ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता

जल गंगा संवर्धन अभियान के द्वितीय चरण में ‘जल स्त्रोत समागम’ कार्यक्रम का सफल आयोजन

पांढुर्णा / 23 अप्रैल 2026/
मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान निरंतर गति पकड़ रहा है। इसी क्रम में विकासखण्ड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे की उपस्थिति में नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति द्वारा अभियान के द्वितीय चरण अंतर्गत ‘जल स्त्रोत समागम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।

ग्राम पंचायत भंदारगोंदी में ग्राम प्रस्फुटन समिति के सहयोग से दीवार लेखन के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस पहल के जरिए जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता को सरल और प्रभावी तरीके से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे ने जल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्षा जल संचयन के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। वहीं परामर्शदाता वर्षा खुरसंगे एवं श्याम दलवी ने ग्रामीणों और सीएमसीएलडीपी के विद्यार्थियों को दीवार लेखन के माध्यम से जनजागरण करने की प्रक्रिया और उसके महत्व से अवगत कराया।

इस अवसर पर सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राओं—विशाखा हीवसे, तेजस्विनी परतेती एवं वासुदेव मानकर—ने उत्साहपूर्वक दीवार लेखन का कार्य किया। उन्हें नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता में प्रस्फुटन समिति के सभी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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