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जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा ने प्रस्तुत की नगरीय विकास योजनाओं की उपलब्धियां एवं प्रगति रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की गई।


पांढुर्णा,
आज की बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के द्वारा प्रेजेंटेशन सभाकक्ष में संपन्न की गई। जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) पांढुर्णा द्वारा जिले के नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम), दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना तथा ई-नगर पालिका 2.0 जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत पांढुर्णा जिले में अब तक 6,112 स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हुए हैं। इनमें प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया गया है। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी, डिजिटल भुगतान पर कैशबैक तथा पात्र हितग्राहियों को यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत जिले में स्व-सहायता समूहों के गठन, महिला सशक्तिकरण, नियमित बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सतत कार्य किया जा रहा है। समान आर्थिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि वाले 10 से 20 सदस्यों के समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत पांढुर्णा एवं सौंसर में 1 सितंबर 2023 से स्थायी रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र में प्रतिदिन लगभग 250 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत अब तक नगरपालिका परिषद पांढुर्णा में 2,08,057 तथा नगरपालिका परिषद सौंसर में 2,05,190 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। समय-समय पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा रसोई केंद्रों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाती है।

प्रस्तुतीकरण में ई-नगर पालिका 2.0 की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, संपत्ति कर, जलकर, भवन निर्माण अनुमति, ट्रेड लाइसेंस, शिकायत निवारण, पानी के टैंकर, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित 17 से अधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिले में पोर्टल पर 33,173 संपत्ति कर प्रविष्टियां, 16,948 जलकर रिकॉर्ड, 110 ट्रेड लाइसेंस तथा 74 विवाह पंजीयन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं।

जिला शहरी विकास अभिकरण ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से शहरी गरीबों, स्व-सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडरों एवं आम नागरिकों को आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा डिजिटल सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर नागरिकों को पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला शहरी विकास अभिकरण और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पांढुरना जिले में महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन DAY-NULM के तहत स्व सहायता समूह SHG को जिले में महिला उत्थान का मुख्य आधार बनाया गया है।

जिले में अब तक 385 स्व सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनमें से 217 समूहों को समूह गठन के 6 माह बाद 1 लाख से 5 लाख तक का CCL ऋण प्रदान किया गया है। साथ ही 10 SHG मिलाकर ALF समूह बनाने की पहल भी शुरू हुई है, जिसके तहत 09 ALF गठित कर 50 हजार रुपये की ऋण राशि दी गई है।

SHG की विशेषता है 10-20 समान विचारधारा वाली महिलाएं मिलकर नियमित बचत करती हैं और आंतरिक ऋण लेती हैं। इससे महिलाओं में बचत की आदत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। SHG की महिलाएं मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी पोषण आहार और अमृत हरित महाअभियान जैसे कार्यों में भी संलग्न हैं।

सामाजिक न्याय विभाग के अनुसार 10 जुलाई 2026 तक जिले में 25,706 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन 5193, विधवा पेंशन 2136, मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन 8412 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन 1606 हितग्राही शामिल हैं। सभी पात्रों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत केंद्र सरकार 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता दे रही है। जिले में PMAY(U) 1.0 में 8288 और 2.0 में 667 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। योजना में महिलाओं के नाम पर आवास को प्राथमिकता दी जा रही है।

असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2.0 के तहत सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख और अंत्येष्टि सहायता 5 हजार रुपये दी जा रही है। अब तक 517 सामान्य मृत्यु, 34 दुर्घटना मृत्यु, 03 आंशिक दिव्यांगता और 1107 अंत्येष्टि प्रकरणों में सहायता प्रदान की गई है।

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