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अवैध आहातों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब पिलाने वाले 3 होटल/दुकान संचालकों पर केस दर्ज<br><br>पांढुर्णा, 18 जुलाई 2026 जिले में अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटल एवं दुकान संचालकों पर प्रकरण दर्ज किए हैं।<br><br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिलेभर में अवैध आहातों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर की टीम ने कम्पोजिट मदिरा दुकान सौसर-ए के आसपास सघन निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर रहे लोगों को समझाइश देकर वहां से हटाया गया। वहीं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले तीन होटल एवं दुकान संचालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 36(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।<br><br>इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कु. भारती गोड, आबकारी आरक्षक जितेंद्र सिंह तथा उत्कर्ष ठाकरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध आहातों और शराब सेवन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान: पुलिस ने विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ<br><br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।<br><br>कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।<br><br>मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली दवाओं, दर्द निवारक दवाइयों और कफ सिरप के दुरुपयोग से दूर रहें तथा अपने साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।<br><br>उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि को शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के विकास में लगाया जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।<br><br>इस अवसर पर पुलिस विभाग से श्रीमती आकांक्षा सहारे, श्रीमती संध्या रानी सक्सेना एवं श्री अभिलेश हिंगवे उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारी, समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।<br><br>कार्यक्रम का संचालन श्री भोजराज कराले ने किया, जबकि प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने आभार व्यक्त किया।<br><br>15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
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कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की पहल से 13 वर्षीय हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>आरबीएसके के तहत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br>पांढुर्णा जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक 13 वर्षीय बालक को नई जिंदगी देने का काम किया है। ग्राम रायबासा निवासी हिमांशु धुर्वे, जो लंबे समय से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की गंभीर विकृति) से पीड़ित था, उसका सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।<br><br>जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हिमांशु का प्रारंभिक परीक्षण सिविल अस्पताल पांढुर्णा में किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा और एम्स नागपुर में विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। हालांकि, वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से यह संभव नहीं हो सका।<br><br>मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री तथा एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का ने भी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उपचार प्रक्रिया को गति दी।<br><br>कलेक्टर के निर्देशों पर आरबीएसके टीम ने हिमांशु को बैतूल के पाढर अस्पताल भेजा, जहां सभी आवश्यक जांच के बाद चेन्नई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई 2026 को हिमांशु की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।<br><br>ऑपरेशन के बाद हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले सहयोग और बेहतर उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन प्रदान किया है।<br><br>यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।
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