Revolution Slider Error: Slider with alias news-gallery-tech not found.

अवैध आहातों पर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, शराब पिलाने वाले 3 होटल/दुकान संचालकों पर केस दर्ज<br><br>पांढुर्णा, 18 जुलाई 2026 जिले में अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटल एवं दुकान संचालकों पर प्रकरण दर्ज किए हैं।<br><br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देशन एवं सहायक आबकारी आयुक्त श्री बी.आर. वैद्य के मार्गदर्शन में जिलेभर में अवैध आहातों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 17 जुलाई 2026 को आबकारी वृत्त सौसर की टीम ने कम्पोजिट मदिरा दुकान सौसर-ए के आसपास सघन निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन कर रहे लोगों को समझाइश देकर वहां से हटाया गया। वहीं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले तीन होटल एवं दुकान संचालकों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 36(ए) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।<br><br>इस कार्रवाई में वृत्त प्रभारी कु. भारती गोड, आबकारी आरक्षक जितेंद्र सिंह तथा उत्कर्ष ठाकरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध आहातों और शराब सेवन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान: पुलिस ने विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ<br><br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।<br><br>कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शहनाज खान की अध्यक्षता तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।<br><br>मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनकामना प्रसाद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, सामाजिक जीवन और भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिंथेटिक ड्रग्स, नशीली दवाओं, दर्द निवारक दवाइयों और कफ सिरप के दुरुपयोग से दूर रहें तथा अपने साथ-साथ समाज को भी नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।<br><br>उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि को शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के विकास में लगाया जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और महाविद्यालयीन स्टाफ को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।<br><br>इस अवसर पर पुलिस विभाग से श्रीमती आकांक्षा सहारे, श्रीमती संध्या रानी सक्सेना एवं श्री अभिलेश हिंगवे उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अधिकारी, समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।<br><br>कार्यक्रम का संचालन श्री भोजराज कराले ने किया, जबकि प्रो. गणेश कुमार तुमडाम ने आभार व्यक्त किया।<br><br>15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ की पहल से 13 वर्षीय हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>आरबीएसके के तहत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br>पांढुर्णा जिले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशील पहल ने एक 13 वर्षीय बालक को नई जिंदगी देने का काम किया है। ग्राम रायबासा निवासी हिमांशु धुर्वे, जो लंबे समय से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की गंभीर विकृति) से पीड़ित था, उसका सफल ऑपरेशन कर उसे स्वस्थ जीवन की नई उम्मीद मिली है।<br><br>जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत हिमांशु का प्रारंभिक परीक्षण सिविल अस्पताल पांढुर्णा में किया गया। इसके बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा और एम्स नागपुर में विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया। हालांकि, वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से यह संभव नहीं हो सका।<br><br>मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हर संभव उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री तथा एसडीएम श्रीमती अल्का एक्का ने भी पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उपचार प्रक्रिया को गति दी।<br><br>कलेक्टर के निर्देशों पर आरबीएसके टीम ने हिमांशु को बैतूल के पाढर अस्पताल भेजा, जहां सभी आवश्यक जांच के बाद चेन्नई के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 जुलाई 2026 को हिमांशु की स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।<br><br>ऑपरेशन के बाद हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उसके माता-पिता ने भावुक होकर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग देने वाले सभी चिकित्सकों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर मिले सहयोग और बेहतर उपचार ने उनके बेटे को नया जीवन प्रदान किया है।<br><br>यह सफलता प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे को बेहतर इलाज उपलब्ध कराकर मानव सेवा की मिसाल पेश की है।

सफलता की कहानी<br><br>पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के अथक प्रयास से हिमांशु को मिली नई जिंदगी<br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्पाइनल डिफॉर्मिटी का सफल ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार<br><br>पांढुर्णा, <br><br>राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग तथा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के विशेष प्रयासों से स्पाइनल डिफॉर्मिटी (रीढ़ की विकृति) से पीड़ित 13 वर्षीय हिमांशु धुर्वे का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन मिला है। इस पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती अल्का एक्का द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।<br><br>ग्राम रायबासा, विकासखंड पांढुर्णा निवासी हिमांशु धुर्वे लंबे समय से रीढ़ की गंभीर समस्या से पीड़ित था। प्रारंभिक उपचार हेतु उसे सिविल अस्पताल पांढुर्णा में अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. नीलेश धाडसे को दिखाया गया, जहां से आरबीएसके टीम द्वारा आवश्यक जांच कर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा के डीआईसी केंद्र भेजा गया। विशेषज्ञ परीक्षण के बाद मरीज को नेक्स्ट ओपिनियन के लिए एम्स नागपुर रेफर किया गया। वहां पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे एम्स नई दिल्ली भेजने की सलाह दी गई, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से दिल्ली ले जाना संभव नहीं था।<br><br>मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी उपलब्ध मद से उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्देशों के पालन में आरबीएसके टीम द्वारा हिमांशु को पाढर अस्पताल, जिला बैतूल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की गई। इसके बाद वेल्लोर (चेन्नई) के प्रसिद्ध पीडियाट्रिक स्पाइनल सर्जन डॉ. केनी डेविड से समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन की तिथि प्राप्त की गई।<br><br>निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को हिमांशु को पाढर अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा सभी आवश्यक जांच सामान्य पाए जाने के बाद 8 जुलाई 2026 को डॉ. केनी डेविड द्वारा स्पाइनल डिफॉर्मिटी करेक्शन का सफल ऑपरेशन किया गया।<br><br>वर्तमान में हिमांशु का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हो रहा है। उपचार की सफलता पर उसके माता-पिता एवं परिजनों ने कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ, स्वास्थ्य विभाग, आरबीएसके टीम तथा उपचार में सहयोग करने वाले सभी चिकित्सकों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिले सहयोग एवं समुचित उपचार से उनके पुत्र को नया जीवन मिला है।

उर्वरक वितरण व्यवस्था का औचक निरीक्षण, डबल लॉक केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा<br><br>ई-विकास पोर्टल पर उर्वरक की शत-प्रतिशत उपलब्धता दर्ज करने के दिए निर्देश<br><br>पांढुर्णा<br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने संयुक्त टीम के साथ पांढुर्णा एवं सौसर स्थित उर्वरक वितरण के डबल लॉक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि ने डबल लॉक केंद्रों पर उर्वरक वितरण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण तथा उपलब्ध उर्वरकों की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमित एवं व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित किया जाए।<br><br>उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल लॉक केंद्रों पर भौतिक रूप से उपलब्ध शत-प्रतिशत उर्वरक का विवरण ई-विकास पोर्टल पर समय पर एवं सही तरीके से प्रदर्शित किया जाए, ताकि उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br><br>उपसंचालक कृषि ने कहा कि उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत निगरानी से किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराना संभव होगा तथा विभागीय व्यवस्थाएं अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनेंगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

समन्वित खेती किसानों के लिए वरदान, वर्षभर आय का प्रभावी मॉडल<br><br>उपसंचालक कृषि एवं अधिकारियों ने किया प्रगतिशील कृषक के समन्वित खेती मॉडल का अवलोकन<br><br>पांढुर्णा, <br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में जिले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप समन्वित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ, परियोजना संचालक श्री धीरज ठाकुर एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने प्रगतिशील कृषक डॉ. सुरेंद्र पन्नासे के कृषि प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।<br><br>निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि डॉ. सुरेंद्र पन्नासे अपने खेत में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उद्यानिकी फसलों जैसे संतरा, अमरूद, आम एवं सीताफल के साथ मक्का, अरहर, कपास सहित विभिन्न फसलों की समन्वित खेती कर रहे हैं। इसके साथ ही वे पशुपालन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें वर्षभर नियमित आय प्राप्त हो रही है।<br><br>डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में जीवामृत यूनिट स्थापित की है, जिसका उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जीवामृत के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है। समन्वित खेती अपनाने से किसानों को वर्षभर आय प्राप्त होती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि समन्वित खेती में किसान अधिक लाभ अर्जित कर सकता है।<br><br>डॉ. पन्नासे ने अपने खेत में सीताफल की विभिन्न किस्में, आम, अमरूद, मौसंबी, संतरा, अरहर, बरबटी, मक्का, चकोतरा, नींबू आदि की खेती की है। साथ ही जल संरक्षण के लिए खेत में तालाब का निर्माण कराया है, जिससे सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जाता है। कृषि के साथ पशुपालन से उन्हें दूध, गोबर एवं गोमूत्र भी प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खेती में किया जा रहा है।<br><br>उपसंचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने जिले के सभी किसानों से अपील की कि वे एकल फसल उत्पादन के बजाय समन्वित खेती अपनाएं, जिससे उन्हें वर्षभर आय प्राप्त हो सके।भ्रमण के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विनोद लोखंडे तथा कृषि विस्तार अधिकारी श्री पंकज पराड़कर उपस्थित रहे।

एक पेड़ माँ के नाम अभिया  के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण<br><br>स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश<br><br>पांढुर्णा, <br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<br><br>कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।<br><br>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक पेड़ माँ के नाम अभिया  के तहत ग्राम बनगाँव में हुआ पौधारोपण<br><br>स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का दिया गया संदेश<br><br>पांढुर्णा, <br><br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन के मार्गदर्शन में स्वैच्छिकता पर्व के अंतर्गत विकासखंड समन्वयक श्री दिलीप आठनेरे के नेतृत्व में ग्राम बनगाँव के प्राथमिक शाला परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।<br><br>कार्यक्रम का आयोजन नवांकुर संस्था अवध विद्यापीठ शिक्षण समिति, पांढुर्णा एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति बनगाँव के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष श्री रामदास मुरमकर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती रत्नमाला पाटिल एवं श्रीमती ज्योति मकोने, कोतवाल श्री प्रमोद गोलाईत, श्री नंदू ढोके, श्रीमती मंदा मुरमकर, श्री मारुति बागड़े, कु. दीक्षा ढोके, जन अभियान परिषद की परामर्शदाता श्रीमती वर्षा खुरसंगे तथा नवांकुर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मानकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।<br><br>कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। समापन अवसर पर ग्रामीणों को “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से जुड़ने एवं अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Live Tweets From iFruit Presentation

Revolution Slider Error: Slider with alias twitter-feed not found.

More News

जिला शहरी विकास अभिकरण पांढुर्णा ने प्रस्तुत की नगरीय विकास योजनाओं की उपलब्धियां एवं प्रगति रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की गई।<br><br><br>पांढुर्णा, <br>आज की बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के द्वारा प्रेजेंटेशन सभाकक्ष में संपन्न की गई। जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) पांढुर्णा द्वारा जिले के नगरीय निकायों में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इसमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि), राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डे-एनयूएलएम), दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना तथा ई-नगर पालिका 2.0 जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और नागरिकों को मिल रहे लाभों की जानकारी दी गई। <br><br>प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत पांढुर्णा जिले में अब तक 6,112 स्ट्रीट वेंडर लाभान्वित हुए हैं। इनमें प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया गया है। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी, डिजिटल भुगतान पर कैशबैक तथा पात्र हितग्राहियों को यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।<br><br>राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के अंतर्गत जिले में स्व-सहायता समूहों के गठन, महिला सशक्तिकरण, नियमित बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सतत कार्य किया जा रहा है। समान आर्थिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि वाले 10 से 20 सदस्यों के समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।<br><br>दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के अंतर्गत पांढुर्णा एवं सौंसर में 1 सितंबर 2023 से स्थायी रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र में प्रतिदिन लगभग 250 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत अब तक नगरपालिका परिषद पांढुर्णा में 2,08,057 तथा नगरपालिका परिषद सौंसर में 2,05,190 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। समय-समय पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा रसोई केंद्रों का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाती है।<br><br>प्रस्तुतीकरण में ई-नगर पालिका 2.0 की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला गया। नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, संपत्ति कर, जलकर, भवन निर्माण अनुमति, ट्रेड लाइसेंस, शिकायत निवारण, पानी के टैंकर, अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित 17 से अधिक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। जिले में पोर्टल पर 33,173 संपत्ति कर प्रविष्टियां, 16,948 जलकर रिकॉर्ड, 110 ट्रेड लाइसेंस तथा 74 विवाह पंजीयन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं।<br><br>जिला शहरी विकास अभिकरण ने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से शहरी गरीबों, स्व-सहायता समूहों, स्ट्रीट वेंडरों एवं आम नागरिकों को आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा डिजिटल सेवाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर नागरिकों को पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।<br><br>जिला शहरी विकास अभिकरण और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पांढुरना जिले में महिला सशक्तिकरण, आवास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन DAY-NULM के तहत स्व सहायता समूह SHG को जिले में महिला उत्थान का मुख्य आधार बनाया गया है। <br> <br>जिले में अब तक 385 स्व सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं। इनमें से 217 समूहों को समूह गठन के 6 माह बाद 1 लाख से 5 लाख तक का CCL ऋण प्रदान किया गया है। साथ ही 10 SHG मिलाकर ALF समूह बनाने की पहल भी शुरू हुई है, जिसके तहत 09 ALF गठित कर 50 हजार रुपये की ऋण राशि दी गई है। <br> <br>SHG की विशेषता है 10-20 समान विचारधारा वाली महिलाएं मिलकर नियमित बचत करती हैं और आंतरिक ऋण लेती हैं। इससे महिलाओं में बचत की आदत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। SHG की महिलाएं मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी पोषण आहार और अमृत हरित महाअभियान जैसे कार्यों में भी संलग्न हैं। <br> <br>सामाजिक न्याय विभाग के अनुसार 10 जुलाई 2026 तक जिले में 25,706 लोग विभिन्न पेंशन योजनाओं से जुड़े हैं। इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन 5193, विधवा पेंशन 2136, मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन 8412 और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन 1606 हितग्राही शामिल हैं। सभी पात्रों को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। <br> <br>प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत केंद्र सरकार 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता दे रही है। जिले में PMAY(U) 1.0 में 8288 और 2.0 में 667 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। योजना में महिलाओं के नाम पर आवास को प्राथमिकता दी जा रही है। <br> <br>असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना 2.0 के तहत सामान्य मृत्यु पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख और अंत्येष्टि सहायता 5 हजार रुपये दी जा रही है। अब तक 517 सामान्य मृत्यु, 34 दुर्घटना मृत्यु, 03 आंशिक दिव्यांगता और 1107 अंत्येष्टि प्रकरणों में सहायता प्रदान की गई है।

31

कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक संपन्न<br><br>पेयजल, सड़क, जनकल्याणकारी योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर दिया विशेष जोर<br><br>जन आकांक्षा पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा, अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के आदेश <br><br>पांढुर्णा<br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में गुरुवार को  कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं, जनहितकारी कार्यों, लंबित प्रकरणों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।<br><br>बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर,संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी,  प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।एसडीएम सौसर श्री सिद्धार्थ पटेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।<br><br>बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने आबादी भूमि से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित एवं विधिसम्मत निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जिले की पेयजल व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। साथ ही शिव मत्स्य उद्योग सरकारी समिति के संबंध में भी जनपद पंचायत को आवश्यक निर्देश प्रदान किए।<br><br>बैठक में लीड बैंक मैनेजर युवराज जिचकर को आचार्य विद्यासागर गोवर्धन की सर्वधन योजना की सहायता राशि स्वीकृत करवाने के निर्देश दिए गए। एवं औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव स्थित नर्मदा दूधसागर प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण करने कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को निर्देश दिए गये <br><br>बैठक में ग्राम बड़चिचोली, मरकावाड़ा एवं कालापाठा में उत्पन्न पेयजल समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप, हैंडपंप एवं अन्य उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से निर्बाध एवं समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।<br><br>बैठक में श्रम अधिकारी को प्रधानमंत्री श्रम मानधन योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का अधिकाधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे जिले के अधिक से अधिक श्रमिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।<br><br>खनि अधिकारी सुश्री यामिनी उइके एवं सहायक खनि श्री महेश नगपुरे को कन्हान नदी एवं बग्गू बिच्छू क्षेत्र में रेत उत्खनन से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। एवं उपयोगिता सहकारिता विभाग को निर्देश दिया गया है कि डी, पी आहूजा को किसान को लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए हैं।<br><br><br>बैठक में जल गंगा संवर्धन एवं जनभागीदारी अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जल संरक्षण संबंधी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने तथा अधिकाधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के प्रयासों को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।<br><br>कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं समाधानपरक निराकरण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निराकरण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।<br><br>बैठक में कार्यालय जनपद शिक्षण केंद्र में छत मरम्मत से संबंधित जानकारी प्राप्त की। <br><br><br>बैठक में विभिन्न व्यक्तिगत एवं जनहित से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। श्री बाबूलाल बंजारे, निवासी सौसर को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने के संबंध में निर्देश दिए गए। ग्राम पंचायत आमला में पुलिया निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।<br><br>वन ग्राम बालापुर से संबंधित खाद, बीज एवं नगद सहायता के प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी को निर्देशित किया गया। <br><br>इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग से संबंधित नवीन पुलिया निर्माण के प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संबल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को राशि उपलब्ध कराने से संबंधित लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।<br><br>कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर जितने भी लंबित प्रकरण हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। <br> <br>बैठक में संबंधित विभाग प्रमुखों को लंबित प्रकरणों की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और प्रक्रियागत अड़चनों को तत्काल दूर करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई शासन की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी इसे गंभीरता से लें।<br><br>बैठक के अंत में कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय समन्वय, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए आमजन को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।

27

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का शुभारंभ<br><br>नशामुक्ति की दिलाई शपथ, जनजागरूकता रैली निकालकर दिया स्वस्थ समाज का संदेश<br><br>पांढुर्णा, <br>मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रदेशव्यापी विशेष अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के अंतर्गत बुधवार को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, पांढुर्णा में नशामुक्ति विषयक जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शहनाज खान के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं एनटीएफ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।<br><br>कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. शहनाज खान ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और खुशहाली को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नशे से दूर रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि नशे पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा एवं परिवार के विकास में किया जाए तो समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है।<br><br>कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके उपरांत महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने “जन-जन का यही है नारा, नशा मुक्त हो देश-प्रदेश हमारा” जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं सशक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।<br><br>इस अवसर पर डॉ. हर्षलता सोनटक्के, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. ललिता धुर्वे, प्रो. रामपाल कुमारे, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रो. गणेश कुमार तुमडाम, श्रीमती कीर्ति सलामे, एनटीएफ प्रभारी डॉ. एल.एल. राऊत, प्रो. पंजाब सिंह, प्रो. शीतल गुजरे, प्रो. पवन कुमार कोडापे, डॉ. नंदकिशोर पवार, डॉ. किशोर पराड़कर, डॉ. दीपचंद भावरकर, डॉ. प्रजेंद्र रघुवंशी, डॉ. ए. मंसूरी, डॉ. श्रेयांश परसाई, श्री भोजराज कराले, श्री राधेश्याम बुवाडे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्राओं हर्षाली भद्रे, निधि साहू, पूनम गोहिते, चेतना बालपांडे, रेशमा बोरिवार, नंदिनी गोरे, साक्षी भादे तथा विद्यार्थियों पवन उईके, मनीष परतेती, विपिन धुर्वे सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का सक्रिय सहयोग रहा।

33

मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश<br><br>14 बिंदुओं पर किसानों ने रखा पक्ष, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं नियमित समीक्षा के दिए निर्देश<br><br>पांढुर्णा, <br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं एवं मांगों के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों द्वारा भूमि अर्जन, पुनर्वास, मुआवजा, सड़क एवं पुल निर्माण सहित विभिन्न लंबित मामलों से संबंधित ज्ञापन प्रस्तुत कर समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर , एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।<br><br>बैठक में किसानों ने वर्ष 2023 से लंबित मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प शुल्क) का लाभ दिलाने, सरखीखापा-नांदेवानी मार्ग पर दो हाई लेवल पुलों के निर्माण, भुम्मा-घोड़कीडाना एवं भुम्मा-मुंगोनापार सड़क निर्माण, मोहगांव जलाशय के 66 किसानों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण वापस लेने, भूमि अर्जन मुआवजा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच, एक ही परियोजना में दो अलग-अलग अवार्ड की जांच, मुंगोनापार एवं नांदेवानी के सर्वेक्षण संबंधी प्रकरणों की जांच, नए भूमि अर्जन अधिनियम-2013 के अंतर्गत पात्र किसानों को लाभ, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति परिवारों को देय सहायता राशि, विस्थापित परिवारों को मासिक निर्वाह भत्ता, भूमि अर्जन प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच तथा विशेष राहत पैकेज सहित कुल 14 बिंदुओं पर अपनी मांगें रखीं।<br><br>मुद्रांक शुल्क के संबंध में जल संसाधन विभाग की एसडीओ श्रीमती संजना चौधरी एवं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जो लगभग एक वर्ष से शासन स्तर पर लंबित है। इस पर कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने प्रकरण का प्रभावी फॉलोअप कर अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराने तथा लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।<br><br>कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग एवं अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को मोहगांव जलाशय से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा प्रत्येक सप्ताह प्रकरणवार प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अपीलीय प्राधिकारी (RAA) सहित अन्य लंबित मामलों में की गई कार्रवाई की नियमित जानकारी प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।<br><br>पुनर्वास एवं अन्य लंबित प्रकरणों के संबंध में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राज्य शासन, पुनर्वास आयुक्त एवं एसडीएम स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार सभी देय अधिकार एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी प्रकरणों का परीक्षण कर शासन के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।<br><br>बैठक के अंत में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि किसानों द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण करते हुए नियमित रूप से प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि मोहगांव जलाशय प्रभावित किसानों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

32

गिरिराज बिल्डर की मनमानी से बढ़ा हादसे का खतरा, सड़क पर फैली मिट्टी से राहगीर परेशान<br><br>सौसर। सौसर-निमनी मार्ग पर गिरिराज बिल्डर द्वारा कथित रूप से की जा रही अवैध प्लॉटिंग के दौरान निकाली गई मिट्टी सड़क पर फैला दिए जाने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ गई है, जिससे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।<br><br>यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन स्कूली बसें, ऑटो और अन्य यात्री वाहन गुजरते हैं। सड़क पर फैली मिट्टी के कारण वाहनों का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।<br><br>स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित बिल्डर द्वारा सड़क की सुरक्षा और आमजन की सुविधा की अनदेखी करते हुए मिट्टी सड़क पर छोड़ दी गई है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में संचालित अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर भी सख्ती से रोक लगाई जाए।<br><br>नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क से मिट्टी नहीं हटाई गई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो बरसात के मौसम में किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित बिल्डर और प्रशासन की लापरवाही पर होगी।

93
Uncategorized

सौंसर में रोगी कल्याण समिति की बैठक में अस्पताल विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी<br><br><br>सौंसर तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को रोगी कल्याण समिति (रोकस) की बैठक एसडीएम सिद्धार्थ पटेल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विधायक श्री विजय रेवनाथ चौरे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इन्द्रचंद डागा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूते,ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान के संस्थापक श्री श्यामराव धवले प्रमुखता से उपस्थित थे।<br><br>बैठक के शुरुआत में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेश बोकडे ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन और उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी सदन के सामने रखी।<br><br>इसके बाद सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 39 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, अस्पताल की आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा आवश्यक संसाधनों में वृद्धि करने के संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत प्रस्तावों के तहत अस्पताल परिसर से नागपुर-छिंदवाड़ा मुख्य मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण, ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार, मर्चुरी तक पेवर ब्लॉक बिछाने, एनबीएसयू विभाग में पार्टिशन निर्माण, डेंटल चेयर की मरम्मत तथा एक नई एक्स-रे मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कई आवश्यक कार्य किए जाएंगे।<br><br>इसके साथ ही सिविल अस्पताल की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए खिड़कियों में जाली एवं कांच लगाने, एक्स-रे फिल्म, एग्जॉस्ट फैन, सीलिंग फैन और चार्जिंग ट्यूबलाइट की खरीद के साथ-साथ सभी अग्निशामक यंत्रों की रिफिलिंग कराने तथा फायर एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई। सिविल अस्पताल परिसर में स्थित ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र में कांक्रीट कार्य कराया जाएगा और नगर पालिका के सहयोग से पेयजल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि जिन विषयों और विकास कार्यों के लिए शासन स्तर की स्वीकृति अनिवार्य है, उनके विस्तृत प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार कर मध्य प्रदेश शासन को भेजे जाएंगे।<br><br>क्षेत्र के नागरिकों और मरीजों को एक बड़ी राहत देते हुए समिति ने नागपुर-छिंदवाड़ा रूट पर चलने वाली एंबुलेंस सेवा के किराए में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है। इसके अलावा, समिति के कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए डॉ. संदीप नखाते को रोगी कल्याण समिति का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।<br>बैठक में पुराने अस्पताल परिसर स्थित कॉम्पलेक्स के किराएदारों के संबंध में भी एक बड़ा नीतिगत निर्णय लिया गया। अब इन सभी दुकानों का नए सिरे से किराया निर्धारण किया जाएगा और नया अनुबंध तैयार होगा। इस कार्य की जिम्मेदारी नगर पालिका सौंसर को सौंपी गई है, ताकि नई गाइडलाइन के अनुसार उचित किराया तय कर रोगी कल्याण समिति की आय में बढ़ोतरी की जा सके। वहीं, पीपला नारायण वार के जर्जर और जीर्ण-शीर्ण हो चुके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन को पूरी तरह डिस्मेंटल कर उसके स्थान पर एक सर्वसुविधायुक्त नए भवन की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी। <br><br>इस बैठक में नगर पालिका सीएमओ श्री मौसम पालेवार सहित वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

42
Uncategorized

बिछवी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, ग्रामीणों का निःशुल्क परीक्षण और दवा वितरण<br><br>एनसीसी कैडेट्स और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल, मौसमी बीमारियों से बचाव की दी जानकारी <br><br>सौसर विकासखंड के गोद ग्राम बिछवी में बुधवार को स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर तर्कशील विचार समिति सौसर और शाऊमा विद्यालय रामाकोना की एनसीसी यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगाया गया। <br> <br>शिविर का शुभारंभ सरपंच ज्योति वासुदेव खंडाईत और बीएमओ डॉ. रुपेश बोकडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मीना ठाकरे ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और निःशुल्क दवाएं वितरित कीं। <br> <br>शिविर में डॉक्टरों ने मौसमी बीमारियों और उनसे बचाव के उपाय बताए। ग्रामीणों को घर के आसपास साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया गया। <br> <br>कार्यक्रम में प्राचार्य रत्नाकर भकने और महिला बाल विकास विभाग से पर्यवेक्षक यशंता पंद्रे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एनसीसी अधिकारी विश्वेश्वर रंगारे ने कैडेट्स की सहभागिता और तर्कशील समिति के सचिव पीकेएस गुर्वे ने गोद ग्राम में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। संचालन सुनील वाहने ने किया। <br> <br>शिविर की सफलता में स्वास्थ्य विभाग से आराधना सोनी, शीला वाहने, आशा कार्यकर्ता कल्पना गुर्वे, सुमित्रा ढोने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी ढोने, सहायिका सुनीता तुमडाम, कोटवार अक्षय ढोने, युवा कार्यकर्ता कृणाल पातुरकर और एनसीसी कैडेट्स ने सहयोग किया।

86
Uncategorized

जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने सुनीं आमजन की समस्याएं<br><br>20 आवेदनों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश। <br>पांढुर्णा <br><br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 20 आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, प्रभावी एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।<br><br>जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खसरा क्रमांक 630/1 की कृषि भूमि में वर्षा के दौरान जलभराव होने तथा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग पर अवैध अवरोध हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने संबंधी आवेदन प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त हल्का पटवारी द्वारा अधूरा सीमांकन किए जाने एवं एक रकबे का सीमांकन शेष रहने पर उचित कार्रवाई, मुंडीढाना से ग्राम टेकाढाना तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण, वन विभाग द्वारा प्रदत्त पट्टे की भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने, आचार्य विद्यासागर गोवर्धन संवर्धन योजना के अंतर्गत चार वर्ष पूर्व स्वीकृत मार्जिन मनी सहायता राशि का भुगतान दिलाने तथा पैतृक मकान पर कथित अवैध कब्जा हटाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।<br><br>इसी प्रकार ग्राम लोधीखेड़ा निवासी एक महिला के लापता होने के मामले में निष्पक्ष जांच कराने, सीमांकन आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने एवं संबंधित हल्का पटवारी की उदासीनता के संबंध में शिकायत, दिव्यांग होने के कारण आर्थिक एवं सामाजिक सहायता प्रदान करने, न्यायालय कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश के पालन में भूमि के रकबे का संशोधन कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने, दिवंगत पिता की कृषि भूमि में फौती नामांतरण कर आवेदक का नाम दर्ज कराने तथा ग्राम पंचायत सिराठा में सरपंच एवं सचिव द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने संबंधी आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।<br><br>जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में एक आवेदन में भोजन नहीं देने, घर से निकालने एवं मारपीट किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। वहीं डेकोरेशन, साउंड सर्विस एवं एलईडी वॉल उपलब्ध कराने के पश्चात लंबित भुगतान दिलाने, ग्राम मोरेडोंगरी में नाली निर्माण नहीं होने से उत्पन्न समस्या के समाधान तथा पुरानी नाली में मुरम, पत्थर एवं मिट्टी डालकर जल निकासी अवरुद्ध किए जाने के मामले में नाली खुलवाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।<br><br>कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए तथा किसी भी पात्र हितग्राही को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, पुलिस तथा अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।<br><br>जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति भलावे, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर आवेदकों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

108