सूरत में ‘संडे ऑन साइकिल’ का 89वां संस्करण, 50 लाख से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

सूरत, 6 सितंबर 2026: फिट इंडिया अभियान के तहत आयोजित ‘संडे ऑन साइकिल’ के 89वें संस्करण में रविवार को सूरत से नशामुक्त युवा और विकसित भारत का संदेश दिया गया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया और प्रतिभागियों के साथ नशामुक्ति की शपथ ली।

‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में एथलीटों, छात्रों, युवाओं, फिटनेस प्रेमियों और आम नागरिकों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस अभियान में 50 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों की भागीदारी रही।

सूरत में कार्यक्रम की शुरुआत मंगध चौक स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा से हुई। प्रतिभागियों ने साइकिल यात्रा से पहले योग, जुम्बा, फिटनेस गतिविधियों और विभिन्न चुनौतियों में हिस्सा लिया। इसके बाद साइकिल यात्रा सारथाना चिड़ियाघर की ओर रवाना हुई।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ अभियान ने देशव्यापी ‘संडेज ऑन साइक्लिंग’ आंदोलन को गति दी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ आबादी विकसित राष्ट्र की आधारशिला है और साइकिलिंग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है।

उन्होंने साइकिलिंग को केवल रविवार की गतिविधि तक सीमित न रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, खासकर आसपास के कार्यस्थल तक आने-जाने में। उनके अनुसार, इससे फिट इंडिया की सोच को और मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित खिलाड़ियों ने भी हिस्सा लिया। इनमें पद्म श्री तथा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अचंता शरथ कमल, अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं पूर्व विश्व नंबर-1 पहलवान सरिता मोर, अर्जुन पुरस्कार विजेता और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हरमीत देसाई, अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता शिवानी पवार तथा राष्ट्रमंडल और विश्व कैडेट चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता राहुल मान शामिल रहे।

फिटनेस जगत से जुड़े विस्पी खराड़ी, राकेश सैनी, उर्वी परवानी, पंकज पासी और भीष्म मदानी समेत कई फिटनेस हस्तियों और प्रभावशाली लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। नशामुक्ति के संदेश को मजबूत करने के लिए कई प्रतिष्ठित एथलीट 6 किलोमीटर की पैदल यात्रा में भी शामिल हुए।

नई दिल्ली में शिक्षक दिवस की थीम

इसी अभियान के तहत नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ‘संडे ऑन साइकिल’ का विशेष आयोजन शिक्षक दिवस की थीम पर किया गया। यहां शिक्षकों और प्रशिक्षकों के युवाओं के जीवन एवं करियर निर्माण में योगदान को सम्मानित किया गया।

नई दिल्ली संस्करण में करीब एक हजार छात्रों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में फिट इंडिया चैंपियन मोनिका भोला, योग प्रशिक्षक एवं फिट इंडिया एंबेसडर मोनिका शर्मा और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच हवलदार संजय सिंह भी शामिल हुए।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया जाता है। अभियान एक साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होता है।

इस पहल में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों, SAI प्रशिक्षण केंद्रों, खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्रों और खेलो इंडिया केंद्रों की भागीदारी रहती है। इसके अलावा देशभर में 6,000 से अधिक नमो फिट इंडिया क्लब हर सप्ताह साइकिलिंग गतिविधियों का आयोजन करते हैं।

‘संडे ऑन साइकिल’ के 89वें संस्करण ने फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए युवाओं के बीच स्वस्थ जीवनशैली और सक्रिय नागरिकता का संदेश देने पर जोर दिया।

CGPSC भर्ती घोटाला: ED की छापेमारी में दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 2 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ED के अनुसार, यह जांच EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितता, परीक्षा में हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।

जांच में सामने आया कि CGPSC परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए गए, जिसके बदले कथित रूप से अवैध रकम ली गई। ED का कहना है कि इससे डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे वरिष्ठ पदों पर कथित रूप से फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराया गया।

₹3 करोड़ से अधिक की कथित अपराध से अर्जित आय

ED के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से नकद राशि एकत्र की। जांच एजेंसी ने ₹3 करोड़ से अधिक की Proceeds of Crime (अपराध से अर्जित आय) के सृजन का दावा किया है, जिसमें से लगभग ₹2.80 करोड़ अनिल चंद्राकर को सौंपे जाने की बात सामने आई है।

ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक OSD के नाम, पद और प्रभाव का कथित रूप से इस्तेमाल अभ्यर्थियों को प्रभावित करने तथा उनसे रकम जुटाने के लिए किया।

मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड से मिले साक्ष्यों का दावा

ED ने बताया कि 3 जून 2026 को भी इस मामले में तलाशी ली गई थी। एजेंसी के अनुसार, इसके बाद धारा 50, PMLA के तहत दर्ज बयानों, उत्कर्ष चंद्राकर के मोबाइल से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उसके कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन के सृजन, अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने, लेयरिंग, हस्तांतरण और इस्तेमाल से जुड़े होने के साक्ष्य मिले।

इसी आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर को 1 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।

हालिया तलाशी अभियान के दौरान ED ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं।

ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को बुनियादी मराठी सीखने के लिए एक वर्ष की अतिरिक्त मोहलत दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस अवधि में भाषा संबंधी शर्त पूरी नहीं करने पर चालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

यह निर्णय ऑटो रिक्शा और टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा के बाद लिया गया। हाजी अरफात के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मराठी सीखने की इच्छा जताई और अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय मांगा। यूनियनों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार किसी की आजीविका छीनने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि चालकों को महाराष्ट्र की संस्कृति और मराठी भाषा के प्रति आत्मीयता रखते हुए एक वर्ष में मराठी में प्रभावी संवाद करना सीखना होगा। यह समयसीमा केवल भाषा संबंधी शर्त के लिए बढ़ाई गई है, कानूनी कार्रवाई से छूट के लिए नहीं।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

इस मामले में पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के समक्ष भी शिकायत पहुंची थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मराठी पढ़ने-लिखने की अनिवार्यता से हजारों चालकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और लाइसेंस रद्द होने की स्थिति में बेरोजगारी, आर्थिक कठिनाई तथा अधिकारियों की मनमानी की आशंका पैदा हो सकती है।

NHRC की श्री प्रियंक कानूनगो, माननीय सदस्य, की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लेते हुए परिवहन आयुक्त, महाराष्ट्र सरकार को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर चार सप्ताह में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सरकार की एक वर्ष की मोहलत से चालकों को भाषा सीखने और आवश्यक शर्त पूरी करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

“भाषा सीखने का अवसर देना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन किसी भी भाषा संबंधी शर्त को लागू करते समय यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी मेहनतकश चालक की आजीविका प्रभावित न हो और उसके साथ कोई मनमानी या भेदभाव न हो।”

मनीष जैन, जनसंपर्क अधिकारी, नागरिक अधिकार सुरक्षा परिषद