जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने सुनीं आमजन की समस्याएं
20 आवेदनों पर हुई सुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के दिए निर्देश। पांढुर्णा
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 20 आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, प्रभावी एवं समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में नागपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित खसरा क्रमांक 630/1 की कृषि भूमि में वर्षा के दौरान जलभराव होने तथा प्राकृतिक जल निकासी मार्ग पर अवैध अवरोध हटाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने संबंधी आवेदन प्रमुख रहा। इसके अतिरिक्त हल्का पटवारी द्वारा अधूरा सीमांकन किए जाने एवं एक रकबे का सीमांकन शेष रहने पर उचित कार्रवाई, मुंडीढाना से ग्राम टेकाढाना तक लगभग दो किलोमीटर सड़क निर्माण, वन विभाग द्वारा प्रदत्त पट्टे की भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराने, आचार्य विद्यासागर गोवर्धन संवर्धन योजना के अंतर्गत चार वर्ष पूर्व स्वीकृत मार्जिन मनी सहायता राशि का भुगतान दिलाने तथा पैतृक मकान पर कथित अवैध कब्जा हटाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।
इसी प्रकार ग्राम लोधीखेड़ा निवासी एक महिला के लापता होने के मामले में निष्पक्ष जांच कराने, सीमांकन आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने एवं संबंधित हल्का पटवारी की उदासीनता के संबंध में शिकायत, दिव्यांग होने के कारण आर्थिक एवं सामाजिक सहायता प्रदान करने, न्यायालय कलेक्टर छिंदवाड़ा के आदेश के पालन में भूमि के रकबे का संशोधन कर राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने, दिवंगत पिता की कृषि भूमि में फौती नामांतरण कर आवेदक का नाम दर्ज कराने तथा ग्राम पंचायत सिराठा में सरपंच एवं सचिव द्वारा किए जा रहे कथित भ्रष्टाचार की जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने संबंधी आवेदन भी जनसुनवाई में प्राप्त हुए।
जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में एक आवेदन में भोजन नहीं देने, घर से निकालने एवं मारपीट किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। वहीं डेकोरेशन, साउंड सर्विस एवं एलईडी वॉल उपलब्ध कराने के पश्चात लंबित भुगतान दिलाने, ग्राम मोरेडोंगरी में नाली निर्माण नहीं होने से उत्पन्न समस्या के समाधान तथा पुरानी नाली में मुरम, पत्थर एवं मिट्टी डालकर जल निकासी अवरुद्ध किए जाने के मामले में नाली खुलवाने संबंधी आवेदन भी प्रस्तुत किए गए।
कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जनसुनवाई शासन की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए तथा किसी भी पात्र हितग्राही को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, लोक निर्माण, सामाजिक न्याय, पुलिस तथा अन्य विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
जनसुनवाई के दौरान अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति भलावे, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पांढुर्णा श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर आवेदकों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।