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क्रांतिसूर्य महात्मा फुले को याद किया।
भारत के क्रांतिकारी महान समाज सुधारक, शिक्षण महर्षि, दलितो पीड़ितों,शूद्रो को सामाजिक न्याय दिलाने वाले  ज्ञानसूर्य,महात्मा ज्योतिबा फुले की आज 199 वी जयंती शासकीय कन्या उमा.विद्यालय सौसर मे धूमधाम से मनाई गयी। छात्राओ ने महात्मा फुले के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर दीपक जलाये। शिक्षक शिक्षिकाओ ने पुष्प माला तथा मोमबत्तिया प्रज्ज्वलीत की। इस अवसर पर  प्राचार्य भास्कर गावंडे ने माहत्मा फुले को आधुनिक भारत मे दलितो, शूद्रो,तथा पिछड़ों की शिक्षा के प्रचार प्रसार की नींव रखने वाला महान पुरुष बताया। राजरत्न बागडे ने  कहा की फुले ने सामाजिक समानता, समरसता,को बढ़ाया तथा छुआछुत, अस्पृश्यता को सामाजिक दीमक बताया तथा इसके विरुद्ध जीवन भर संघर्ष किया। सूर्यकीर्ति काले ने कहा की भारत की आधी आबादी अर्थात महिलाओ को पढ़ने तथा शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार डॉ बाबासाहब अंबेडकर ने भारतीय संविधान मे प्रदान किया यह प्रेरणा उन्हे उनके सामाजिक गुरु महात्मा ज्योतिबा फुले तथा सावित्रीबाई फुले के कार्यो तथा उनके जीवट संघर्ष से मिली। सरोज वालके ने फूले को करुणा ,वात्सल्य  व ज्ञान की प्रतिमूर्ति बताया।आभार प्रदर्शन किर्तिसागर बागड़े ने किया इस कार्यक्रम मे राजेंद्र डोंगरे, आशीष वैद्य, प्रमोद नागदवने,,बाजीराव धुर्वे, अतुल बनायित राजा वर्मा,शकुंतला कमाले,अनिता उईके, निरु गुरु,शशिकला नागले, नीलू पाटिल, आदि अन्य शिक्षक उपस्थित थे।

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