रायपुर, 2 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 1 सितंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग, धमतरी और जशपुर जिलों में पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
ED के अनुसार, यह जांच EOW-ACB रायपुर और CBI-ACB रायपुर द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर शुरू की गई थी। इन मामलों में तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी सहित अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितता, परीक्षा में हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया कि CGPSC परीक्षाओं के प्रश्नपत्र कथित तौर पर आरोपियों के रिश्तेदारों और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक निजी बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए गए, जिसके बदले कथित रूप से अवैध रकम ली गई। ED का कहना है कि इससे डिप्टी कलेक्टर और डिप्टी एसपी जैसे वरिष्ठ पदों पर कथित रूप से फर्जी तरीके से चयन सुनिश्चित कराया गया।
₹3 करोड़ से अधिक की कथित अपराध से अर्जित आय
ED के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC-2021 का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों से नकद राशि एकत्र की। जांच एजेंसी ने ₹3 करोड़ से अधिक की Proceeds of Crime (अपराध से अर्जित आय) के सृजन का दावा किया है, जिसमें से लगभग ₹2.80 करोड़ अनिल चंद्राकर को सौंपे जाने की बात सामने आई है।
ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री के निजी सहायक और अपने मामा के.के. चंद्रवंशी तथा तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ एक OSD के नाम, पद और प्रभाव का कथित रूप से इस्तेमाल अभ्यर्थियों को प्रभावित करने तथा उनसे रकम जुटाने के लिए किया।
मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड से मिले साक्ष्यों का दावा
ED ने बताया कि 3 जून 2026 को भी इस मामले में तलाशी ली गई थी। एजेंसी के अनुसार, इसके बाद धारा 50, PMLA के तहत दर्ज बयानों, उत्कर्ष चंद्राकर के मोबाइल से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर उसके कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन के सृजन, अधिग्रहण, कब्जे, छिपाने, लेयरिंग, हस्तांतरण और इस्तेमाल से जुड़े होने के साक्ष्य मिले।
इसी आधार पर उत्कर्ष चंद्राकर को 1 सितंबर 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया।
हालिया तलाशी अभियान के दौरान ED ने कथित तौर पर आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं।
ED ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
